गायों की रक्षा में दे दी जान! सिर कटने के बाद भी लड़ते रहे झुंझार जी, आज भी होती है पूजा
राजस्थान के शेखावाटी अंचल में लोकदेवता झुंझार जी की कहानी आज भी लोगों की आस्था और वीरता का प्रतीक मानी जाती है. सीकर जिले के स्लोदड़ा गांव में स्थित उनका मंदिर हजारों श्रद्धालुओं की श्रद्धा का केंद्र है, जहां हर साल रामनवमी पर विशाल मेले का आयोजन होता है. लोक मान्यताओं के अनुसार झुंझार जी ने अपने निजी सुख और नई शादी की खुशियों से ऊपर गौ रक्षा को महत्व दिया और गायों को बचाने के लिए अपने भाइयों के साथ लुटेरों का सामना किया.कहा जाता है कि विवाह के तुरंत बाद उन्हें सूचना मिली कि हमलावर गांव की गायों को लूटकर ले जा रहे हैं. इसके बाद वे बिना देर किए अपने भाइयों के साथ युद्ध के मैदान में पहुंच गए. संघर्ष इतना भीषण था कि उनके दोनों भाई वीरगति को प्राप्त हो गए. लोककथाओं में वर्णित है कि झुंझार जी की गर्दन कट जाने के बाद भी उन्होंने दुश्मनों का सामना करना नहीं छोड़ा और अंत तक लड़ते रहे.उनके अद्भुत बलिदान और साहस की स्मृति में ग्रामीणों ने स्लोदड़ा गांव में मंदिर का निर्माण कराया. यहां झुंझार जी, उनके भाइयों और उनकी पत्नी की प्रतीकात्मक प्रतिमाएं स्थापित हैं. आज भी आसपास के गांवों में उन्हें लोकदेवता के रूप में पूजा जाता है और लोग अपनी मनोकामनाएं लेकर यहां पहुंचते हैं. आखिर कौन थे झुंझार जी और क्यों सदियों बाद भी उनकी वीरता की गाथा लोगों की जुबान पर है, जानिए इस विशेष रिपोर्ट में.
48°C की गर्मी में सिर्फ इंसान ही नहीं, आपके Pet भी खतरे में! डॉक्टर ने बताए हीट स्ट्रोक से बचाने के जरूरी उपाय
राजस्थान में पड़ रही भीषण गर्मी अब सिर्फ इंसानों की ही नहीं, बल्कि पालतू डॉग और कैट की सेहत के लिए भी बड़ा खतरा बनती जा रही है. अजमेर सहित प्रदेश के कई जिलों में तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिसके कारण पशुओं में हीट स्ट्रोक के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं. पशु चिकित्सकों का कहना है कि समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो अत्यधिक गर्मी पालतू जानवरों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है.अजमेर के पशु चिकित्सक डॉ. सन्नी के अनुसार दोपहर के समय पालतू डॉग और कैट को बाहर ले जाने से बचना चाहिए, क्योंकि गर्म सड़कें और तेज धूप उनके शरीर का तापमान तेजी से बढ़ा देती हैं. विशेषज्ञों की सलाह है कि वॉक या अन्य जरूरतों के लिए उन्हें सुबह जल्दी या शाम के समय ही बाहर ले जाएं. साथ ही घर में ठंडी और हवादार जगह उपलब्ध कराना भी बेहद जरूरी है.गर्मी के मौसम में खान-पान का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए. दही, छाछ, उबले चावल, चिकन और मौसमी फलों जैसे तरबूज, आम और पपीते को सीमित मात्रा में आहार में शामिल किया जा सकता है. सबसे जरूरी बात यह है कि उनके पास हर समय साफ और ताजा पानी उपलब्ध रहे.अगर आपका पालतू जानवर लगातार हांफ रहा है, सुस्त दिखाई दे रहा है या सामान्य व्यवहार नहीं कर रहा, तो इसे नजरअंदाज न करें. इस वीडियो में जानिए हीट स्ट्रोक के शुरुआती संकेत, बचाव के आसान उपाय और वह जरूरी सावधानियां जो इस भीषण गर्मी में आपके प्यारे साथी की जान बचा सकती हैं.
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