400 दिन के FD पर मिलेगा 6.75% रिटर्न, एक और इस सरकारी बैंक ने बदली ब्याज दरें, 1 जून से नए रेट लागू
पब्लिक सेक्टर के यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया ने जून महीने की शुरुआत के साथ ही फिक्स डिपाजिट के ब्याज दरों (FD Rates) में बदलाव कर दिया है। 3 करोड़ रुपये से कम के निवेश पर 2.70% से लेकर 6.65% तक ब्याज सामान्य नागरिकों को ऑफर कर रहा है। वहीं भारतीय वरिष्ठ नागरिक और सुपर सीनियर सिटीजंस को 5 करोड़ रुपये तक के डॉमेस्टिक टर्म डिपॉजिट पर अतिरिक्त ब्याज की सुविधा भी दे रहा है। इसके अलावा सेविंग्स डिपॉजिट के इंटरेस्ट रेट में भी संशोधन किया गया है, जो खाते के बैलेंस पर निर्भर करता है।
सभी बैंक विभिन्न वित्तीय कारकों को ध्यान में रखते हुए फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज दरों में समय-समय पर बदलाव करते रहते हैं। इसलिए निवेश से पहले ग्राहकों को बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी शाखा को विजिट करने की सलाह दी जाती है। ध्यान रखें कि ग्राहक एफडी में 7 दिन से लेकर 10 साल तक का निवेश कर सकते हैं।
वरिष्ठ नागरिकों को मिल रहा कितना ब्याज?
वरिष्ठ नागरिकों को बैंक 0.50 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज सभी टेन्योर पर ऑफर कर रहा है। 60 साल से लेकर 80 साल आयु वर्ग के लोगों के लिए इंटरेस्ट रेट 3.20% से लेकर 7.15% है। वहीं सुपर सीनियर सिटीजंस 80 साल या इससे अधिक आयुवर्ग को बैंक के लिए अधिकतम ब्याज दर 7.40% है।
इतने दिन के टेन्योर पर सबसे ज्यादा रिटर्न
बैंक सबसे ज्यादा ब्याज 555 दिन के स्पेशल टेन्योर पर ऑफर कर रहा है, इंटरेस्ट रेट 6.65% है। 444 दिन के स्पेशल टेन्योर पर 6.50% रिटर्न मिल रहा है। 400 दिन और 401 दिन से लेकर 446 दिन दो अलग-अलग टेन्योर पर बैंक 6.25% ब्याज ऑफर कर रहा है। 1 साल से लेकर 399 दिन के एफडी पर 6.20% रिटर्न मिल रहा है।
टेन्योर वाइज ब्याज दरें
- 7 दिन से लेकर 14 दिन- 2.70%
- 15 दिन से लेकर 30 दिन- 2.80%
- 31 से लेकर 45 दिन- 3%
- 46 से लेकर 90 दिन- 4%
- 91 से लेकर 120 दिन- 4.30%
- 121 दिन से लेकर 180 दिन- 4.75%
- 181 दिन से लेकर 270 दिन- 5.40%
- 271 दिन से लेकर 364 दिन- 5.60%
- 1 साल से लेकर 399 दिन- 6.20%
- 401 दिन से लेकर 443 दिन- 6.25%
- 444 दिन- 6.50%
- 445 दिन से लेकर 554 दिन- 6.15%
- 555 दिन- 6.65%
- 556 दिन से लेकर 996 दिन- 6.15%
- 997 दिन- 6.10%
- 998 दिन से लेकर 3 साल तक- 6.10%
- 3 साल से अधिक और 10 साल तक- 6%
“यूपी में तानाशाही चरम पर..” प्रयागराज में पेपर लीक पर चर्चा के दौरान अधिकारियों पर भड़के संजय सिंह, बोले- डबल इंजन सरकार पूरी तरह फेल
प्रयागराज में प्रतियोगी छात्रों के भविष्य से जुड़े पेपर लीक मामले पर हो रही चर्चा अचानक प्रशासन के हस्तक्षेप से गरमा गई। आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह सर्किट हाउस में छात्रों के साथ पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन की आवश्यकता पर संवाद कर रहे थे, तभी अपर जिलाधिकारी (एडीएम) सिटी सत्यम मिश्रा और डीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल्य पुलिस बल के साथ सभागार में पहुँच गए।
अधिकारियों ने सांसद संजय सिंह से एकांत में बात करने का आग्रह किया, जिस पर संजय सिंह अपनी जगह पर डटे रहे और अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई। इस घटनाक्रम से सांसद और प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। संजय सिंह ने अपनी बात को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा किया। उन्होंने लिखा, “प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में तानाशाही अपने चरम पर है। बंद कमरे में भी लाखों छात्रों के भविष्य पर चर्चा करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर बात करने से रोकने के लिए प्रशासन पहुँच गया है।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि “मोदी-योगी की डबल इंजन सरकार पूरी तरह से विफल हो चुकी है और वह विपक्ष को कुचलना चाहती है।”
सर्किट हाउस में प्रशासनिक दखल पर भड़के सांसद
सांसद संजय सिंह ने अधिकारियों से सवाल किया कि क्या वे किसी प्रकार से कानून व्यवस्था भंग कर रहे थे, जिसके चलते उन्हें रोका जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों की सर्किट हाउस में उपस्थिति पर भी प्रश्न उठाया। संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि सर्किट हाउस के अंदर आने का उन्हें कोई अधिकार नहीं है, जबकि यदि यह कार्यक्रम किसी सार्वजनिक स्थान या सड़क पर होता, तो उसे रोका जा सकता था। उन्होंने अधिकारियों पर सांसद के अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया और इस मामले की शिकायत विशेषाधिकार समिति से करने की बात कही। उल्लेखनीय है कि एडीएम सिटी के कार्यक्रम स्थल पर पहुँचने के समय सर्किट हाउस के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी मौजूद थे।
सांसद संजय सिंह ने अधिकारियों के समक्ष यह भी तर्क दिया कि सर्किट हाउस किसी की निजी संपत्ति नहीं है, बल्कि इसका निर्माण जनता के पैसे से हुआ है। उन्होंने पूछा कि क्या यहाँ कोई देश विरोधी बातों पर चर्चा हो रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यहाँ परीक्षाओं में हुए पेपर लीक को लेकर चर्चा की जा रही है। इस संदर्भ में उन्होंने सवाल उठाया कि क्या लोकतंत्र में पेपर लीक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर बात करना अब गुनाह हो गया है।
मनीष सिसोदिया ने बीजेपी सरकार पर साधा निशाना
संजय सिंह ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि यह पहली बार है जब वह देख रहे हैं कि प्रशासन की ओर से पेपर लीक पर बात न करने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि लाखों छात्रों का जीवन बर्बाद हो रहा है, लेकिन इस पर चर्चा नहीं की जा सकती। आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने भी इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। सिसोदिया ने लिखा कि भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में पेपर लीक पर बात करना सबसे बड़ा अपराध बन गया है। इस पूरे प्रकरण ने प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है, जहाँ विपक्ष सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगा रहा है।
प्रयागराज यू पी में तानाशाही चरम पर है बंद कमरे में भी लाखों छात्रों के भविष्य पर बात करने तक की इजाजत नहीं पेपर लीक पर बात करने पर प्रशासन रोकने पहुंच गया है।
मोदी योगी की डबल इंजन सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है विपक्ष को कुचलना चाहती है। pic.twitter.com/Mm7r4nJGTO— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) June 1, 2026
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