भारत-म्यांमार रिश्तों को मिली नई रफ्तार, व्यापार से सुरक्षा तक सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति
भारत और म्यांमार ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने का फैसला किया है. सोमवार (1 जून) को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के बीच हुई बैठक में व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, सुरक्षा और विकास सहयोग जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि म्यांमार में शांति और संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में भारत हर संभव मदद करेगा. उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क और परिवहन संपर्क से दोनों देशों के बीच आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और क्षेत्र में समृद्धि आएगी. दोनों नेताओं ने ‘कलादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट’ और ‘भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग’ जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई.
व्यापार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
दोनों देशों ने आपसी व्यापार को आसान और मजबूत बनाने पर भी सहमति जताई. इसमें ‘रुपया-क्यात निपटान तंत्र’ के जरिए होने वाले व्यापार को बढ़ावा देना शामिल है. मई 2024 में शुरू हुई इस व्यवस्था के तहत व्यापार में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है. भारत और म्यांमार कृषि-प्रसंस्करण, पेट्रोलियम, ऊर्जा और खनन जैसे क्षेत्रों में निवेश और व्यापार सहयोग को भी बढ़ाने पर सहमत हुए हैं.
Our talks covered ways to deepen cooperation in trade, rare earths, healthcare, connectivity, heritage restoration and capacity building. We also agreed to work closely in areas such as maritime security, cyber security and more. pic.twitter.com/1xTyJ2RiI0
— Narendra Modi (@narendramodi) June 1, 2026
सुरक्षा और सीमा प्रबंधन पर भी चर्चा
बैठक के दौरान दोनों देशों ने सुरक्षा और सीमा प्रबंधन के मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की. प्रधानमंत्री मोदी ने म्यांमार की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए भारत के समर्थन को दोहराया. वहीं म्यांमार के राष्ट्रपति ने आश्वासन दिया कि उनकी भूमि का इस्तेमाल भारत के सुरक्षा हितों के खिलाफ किसी भी गतिविधि के लिए नहीं होने दिया जाएगा. दोनों देशों ने अपनी सीमाओं का दुरुपयोग रोकने और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया.
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— All India Radio News (@airnewsalerts) June 1, 2026
????Prime Minister Narendra Modi and President of Myanmar U Min Aung Hlaing hold talks in New Delhi; emphasise upon preventing misuse of their territory against each others' security interests.
????India-Oman Comprehensive Economic Partnership Agreement… pic.twitter.com/ZAhp1TN3LQ
छात्रों के लिए बढ़ेंगी छात्रवृत्तियां
प्रधानमंत्री मोदी ने म्यांमार के छात्रों के लिए एक बड़ी घोषणा भी की. उन्होंने बताया कि 2026 से ‘मेकांग गंगा ICCR छात्रवृत्तियों’ की संख्या 36 से बढ़ाकर 100 कर दी जाएगी. इससे म्यांमार के अधिक छात्रों को भारत में पढ़ाई का अवसर मिलेगा.
शांति और समृद्धि की साझेदारी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच व्यापक और सकारात्मक बातचीत हुई. उन्होंने बताया कि भारत और म्यांमार ने शांति, प्रगति और साझा समृद्धि के लिए अपनी साझेदारी को और मजबूत करने का संकल्प लिया है. भारत ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि वह म्यांमार का भरोसेमंद पड़ोसी और हर संकट में साथ खड़ा रहने वाला सहयोगी बना रहेगा.
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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम ‘स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग’ घोषित, दीर्घायु और खुशहाली का देगा संदेश
नई दिल्ली, 1 जून (आईएएनएस)। 21 जून 2026 को मनाए जाने वाले 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) की थीम “स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग” निर्धारित की गई है। यह थीम भारत की उस प्राचीन और समग्र जीवनशैली को दर्शाती है, जो स्वस्थ, सक्रिय और गरिमापूर्ण जीवन के साथ दीर्घायु को बढ़ावा देती है। योग को आज विश्व भर में शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के प्रभावी साधन के रूप में स्वीकार किया जा रहा है।
आयुष मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि बढ़ती जीवन प्रत्याशा के दौर में स्वस्थ और सम्मानजनक ढंग से बुढ़ापा बिताना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन परंपरा में ऋषि-मुनियों और योगियों ने योग एवं आध्यात्मिक अनुशासन के माध्यम से दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनके अनुसार, योग व्यक्ति को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जीने की कला सिखाता है।
इस वर्ष की थीम केवल जीवनकाल बढ़ाने पर नहीं, बल्कि स्वास्थ्यकाल, यानी स्वस्थ अवस्था में बिताए जाने वाले जीवन की अवधि बढ़ाने पर भी केंद्रित है। योग के नियमित अभ्यास से शारीरिक लचीलापन, मानसिक संतुलन, भावनात्मक मजबूती और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा मिलता है, जिससे उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को अधिक सहज बनाया जा सकता है।
योग और स्वस्थ बुढ़ापे के संबंध में वैश्विक स्तर पर वैज्ञानिक शोधों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014 में इस विषय पर 183 शोध-पत्र प्रकाशित हुए थे, जबकि 2025 तक यह संख्या बढ़कर 1,207 तक पहुंच गई। यह वृद्धि उम्र से जुड़ी शारीरिक और मानसिक चुनौतियों के समाधान में योग की उपयोगिता को लेकर बढ़ती वैज्ञानिक रुचि को दर्शाती है।
आयुष मंत्रालय योग को वर्षभर अपनाने योग्य जीवनशैली के रूप में बढ़ावा दे रहा है। इसके तहत “योग 365”, “योग समावेश” तथा गैर-संक्रामक रोगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष योग प्रोटोकॉल जैसी पहलें संचालित की जा रही हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बुजुर्गों में संतुलन, गतिशीलता, श्वसन क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है। आयुष मंत्रालय ने योग को सालभर चलने वाली वेलनेस पद्धति के रूप में बढ़ावा देने और निवारक स्वास्थ्य सेवा में इसकी भूमिका को मजबूत करने के लिए कई पहलें की हैं।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की यह थीम ऐसे समय में सामने आई है, जब दुनिया भर में वृद्ध आबादी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में योग स्वस्थ, सक्रिय और गरिमापूर्ण बुढ़ापे की दिशा में एक प्रभावी और सुलभ उपाय के रूप में उभर रहा है।
--आईएएनएस
एसएके/डीकेपी
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