अहिंसा सर्वोच्च धर्म, लेकिन देश-समाज की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वालों के प्रति अपनाना होगा सख्त रवैया: CM योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब हम सुरक्षा के मोर्चे पर मजबूत होंगे तो दुनिया भी मैत्री करेगी. कमजोर के आगे कोई नहीं झुकता. हम जब अधूरी बात कहते हैं तो वह अर्थ का अनर्थ करता है, इसलिए पूरी बात कहना सीखें. भारत की ऋषि परंपरा प्रेरणा देती है कि “अहिंसा परमो धर्मः, धर्म हिंसा तथैव च” यानी सामान्य जीवन में अहिंसा ही सर्वोच्च धर्म होना चाहिए, लेकिन सामने वाला देश व समाज की सुरक्षा के लिए खतरा है तो उसके लिए अंततः हिंसा ही अपनानी पड़ेगी. देश के दुश्मन के साथ यही हमारा धर्म है और भारतीय सेना पूरी मजबूती के साथ यह करती है.
नौसेना बैंड की अनुपम प्रस्तुति
मुख्यमंत्री शनिवार को राजधानी में 19 करोड़ रुपये की लागत से 2 एकड़ से अधिक क्षेत्र में निर्मित नौसेना शौर्य वाटिका (नौसेना शौर्य संग्रहालय के द्वितीय चरण) के लोकार्पण अवसर पर उपस्थित सैन्य अधिकारियों, कार्मिकों व जन-समूह को संबोधित कर रहे थे. इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री के साथ इस वाटिका का उद्घाटन किया. इस अवसर पर नौसेना बैंड की अनुपम प्रस्तुति ने श्रोताओं का मन मोह लिया.
युवाओं को नई प्रेरणा प्रदान करता है
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सोच बड़ी होती है और व्यक्ति बड़े लक्ष्य के साथ आगे बढ़ता है तो सकारात्मक परिणाम आता है, जो युवाओं को नई प्रेरणा प्रदान करता है. इस वाटिका में आने वालों को भारतीय नौसेना के बारे में जानकारी मिलेगी. हमारे सैनिक किन सम-विषम परिस्थितियों में कार्य करते हैं, यह भी जानने का अवसर मिलेगा. यह जानकारी युवाओं के जीवन में चुनौतियों से जूझने की प्रेरणा होगी. नौसेना का लक्ष्य उसकी विराट सोच का प्रतीक है. सीएम ने आदर्श वाक्य “नभः स्पृशं दीप्तम्” का जिक्र किया और कहा कि आकाश की ऊंचाइयां छूने के लिए बड़ी सोच भी चाहिए. संकुचित सोच या भाव से बड़े लक्ष्य को प्राप्त नहीं किया जा सकता.
140 करोड़ भारतवासी चैन की नींद सोते हैं
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के सामने विकसित भारत की संकल्पना को रखा है. उन्होंने हर भारतवासी को पंचप्रण के साथ जुड़ने के लिए कहा है. हमारे मन में सेना व यूनिफॉर्मधारी फोर्स के प्रति सम्मान का भाव हो. जब भारतीय सैनिक माइनस डिग्री टेंपरेचर, रेगिस्तान की झुलसाने वाली गर्मी और समुद्र की लहरों का मुकाबला करते हुए सीमाओं की रक्षा करता है, तब 140 करोड़ भारतवासी चैन की नींद सोते हैं.
उत्तर प्रदेश में रोज कर्फ्यू लगता था
सीएम योगी ने कहा कि सुरक्षा के बेहतर माहौल में ही जन-कल्याण एवं विकास योजनाएं प्रभावी ढंग से आगे बढ़ सकती हैं. 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में रोज कर्फ्यू लगता था, पेशेवर माफिया व अपराधियों ने जीना हराम कर दिया था. असुरक्षित वातावरण में विकास व निवेश की संभावनाएं क्षीण हो गई थीं. लेकिन, जब हमारे सैनिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं तो नागरिकों का भी कर्तव्य है कि वे सैनिकों के प्रति सम्मान का भाव रखें.
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ में एक तरफ राष्ट्र प्रेरणास्थल है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री व रक्षा मंत्री ने 25 दिसंबर को किया था तो दूसरी तरफ नौसेना म्यूजियम के रूप में भारतीय सेना के शौर्य व पराक्रम का अद्भुत केंद्र यहां प्राप्त हुआ है. अभी इसका विस्तार भी होगा.
सीएम ने कहा कि रक्षा मंत्री जी कह रहे थे कि प्रदेश में भारतीय सेना से जुड़े अन्य कार्यों के लिए तत्काल प्रस्ताव दिए जाएं. मेरा मानना है कि महत्वपूर्ण चौराहों पर भारतीय सेना के वे टैंक रखे जाने चाहिए, जो अब वर्किंग कंडीशन में नहीं हैं. इन्हें जो भी देखेगा, उसके मन में भारतीय सेना में जाने और सेना के प्रति सम्मान का भाव पैदा होगा. उसे राष्ट्रभक्ति की नई प्रेरणा प्राप्त होगी, क्योंकि राष्ट्रभक्ति से बढ़कर कुछ भी नहीं हो सकता.
गोमती नदी के तट पर स्थापित किया गया
सीएम ने रक्षा मंत्री की प्रेरणा और उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर सुव्यवस्थित ढंग से समय सीमा के अंदर कार्य पूरा कराने के लिए नौसेना अध्यक्ष व उनकी टीम के प्रति आभार जताया. मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ आने वाला हर व्यक्ति भारत की परंपरा, विरासत, सुरक्षा से जुड़े इस नौसेना वाटिका केंद्र का भ्रमण कर गौरव की अनुभूति कर सकता है. यह केंद्र प्रदेश के युवाओं को नई सोच के साथ देखने, सुनने व जानने का अवसर प्रदान कर रहा है. आईएनएस गोमती ने लंबे समय तक भारतीय नौसेना के माध्यम से भारत की समुद्री सीमा की रक्षा की. 2022 में उसे नौसेना से निवृत्त किया गया और उसका बेहतरीन उपयोग करते हुए लखनऊ की जीवनदायिनी गोमती नदी के तट पर स्थापित किया गया.
स्रोत-आईएएनएस
‘देवदास’ के ‘डोला रे डोला’ गाने की शूटिंग के दौरान 4 महीने की प्रेग्नेंट थीं Madhuri Dixit ? एक्ट्रेस ने 24 साल बाद बताई सच्चाई
Madhuri Dixit on Devdas Song: 'देवदास' फिल्म आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार फिल्मों में गिनी जाती है. फिल्म की भव्यता, दमदार अभिनय, शानदार म्यूजिक और इमोशनल कहानी ने इसे एक क्लासिक का दर्जा दिलाया. शाहरुख खान, ऐश्वर्या राय बच्चन और माधुरी दीक्षित की अदाकारी ने फिल्म को खास बनाया था. वहीं फिल्म का लोकप्रिय गाना 'डोला रे डोला' आज भी दर्शकों की पसंदीदा लिस्ट में शामिल है.
इस गाने में माधुरी दीक्षित और ऐश्वर्या राय बच्चन की शानदार जुगलबंदी देखने को मिली थी. दोनों अभिनेत्रियों के डांस, जेस्चर और स्क्रीन प्रेजेंस की जमकर सराहना हुई थी. हालांकि, फिल्म की रिलीज के समय इस गाने को लेकर एक और चर्चा भी खूब हुई थी. उस दौरान ऐसी अफवाहें सामने आई थीं कि ‘डोला रे डोला’ की शूटिंग के समय माधुरी दीक्षित प्रेग्नेंट थीं. कई सालों तक ये चर्चा लोगों के बीच बनी रही, लेकिन एक्ट्रेस ने इस विषय पर कभी खुलकर प्रतिक्रिया नहीं दी. इसी बीच अब लगभग 24 साल बाद माधुरी दीक्षित ने इन अफवाहों पर चुप्पी तोड़ी है और साफ शब्दों में स्थिति स्पष्ट कर दी है.
इंटरव्यू में पूछा गया सवाल
हाल ही में माधुरी दीक्षित ने एक इंटरव्यू के दौरान अपने करियर और फिल्मी सफर से जुड़े कई पहलुओं पर बातचीत की. इसी दौरान उनसे दिवंगत मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान की सहयोगी रुबीना खान के उस दावे के बारे में पूछा गया, जिसमें कहा गया था कि ‘डोला रे डोला’ की शूटिंग के दौरान माधुरी चार महीने की गर्भवती थीं. इस सवाल का जवाब देते हुए एक्ट्रेस ने बेहद सहज अंदाज में कहा, “आरिन का जन्म 2003 में हुआ था, तो आप खुद हिसाब लगा लीजिए.” माधुरी का ये जवाब काफी हद तक उन सभी अफवाहों को खत्म करने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है, जो वर्षों से इस गाने की शूटिंग के दौरान उनकी कथित प्रेग्नेंसी को लेकर फैली हुई थीं.
समयरेखा से स्पष्ट होती है सच्चाई
माधुरी दीक्षित के बड़े बेटे Arin Nene का जन्म 17 मार्च 2003 को हुआ था. दूसरी ओर, फिल्म ‘देवदास’ 12 जुलाई 2002 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. इससे पहले 23 मई 2002 को इसका प्रीमियर कांन्स फिल्म फेस्टिवल में भी किया गया था. इन तारीखों को देखते हुए ये स्पष्ट हो जाता है कि ‘डोला रे डोला’ की शूटिंग के दौरान माधुरी के चार महीने की गर्भवती होने का दावा तथ्यात्मक रूप से सही नहीं बैठता. एक्ट्रेस ने भी इसी ओर इशारा करते हुए अफवाहों को खारिज किया.
शूटिंग के दौरान तबीयत जरूर हुई थी खराब
हालांकि, माधुरी ने ये स्वीकार किया कि ‘देवदास’ की शूटिंग के दौरान उनकी तबीयत कुछ समय के लिए खराब हो गई थी. उन्होंने बताया कि उस दौर में उनका शेड्यूल बेहद व्यस्त था और लगातार सफर करने के कारण उन्हें थकान महसूस होती थी. एक्ट्रेस ने कहा कि वो उस समय लगातार एक जगह से दूसरी जगह आ-जा रही थीं. शूटिंग का ज्यादा काम रात के समय होता था, जिसके कारण उनके लिए पर्याप्त आराम कर पाना मुश्किल हो जाता था. इसी वजह से उनकी तबीयत थोड़ी खराब हो गई थी. माधुरी ने स्पष्ट किया कि उनकी तबीयत में आई ये परेशानी सामान्य थी और इसका किसी प्रेग्नेंसी से कोई संबंध नहीं था. उन्होंने कहा कि वो केवल अत्यधिक व्यस्तता और लगातार यात्रा की वजह से थकान महसूस कर रही थीं.
‘डोला रे डोला’ बना था फिल्म की पहचान
‘देवदास’ के कई गाने लोकप्रिय हुए थे, लेकिन ‘डोला रे डोला’ को विशेष रूप से दर्शकों का प्यार मिला. इस गाने में माधुरी दीक्षित और ऐश्वर्या राय बच्चन ने पहली बार बड़े स्तर पर साथ डांस किया था. दोनों की प्रेजेंटेशन ने दर्शकों और समीक्षकों को प्रभावित किया था.
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