बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता परेश रावल आज यानी की 30 मई को अपना 71वां जन्मदिन मना रहे हैं। अभिनेता ने अपनी बेहतरीन एक्टिंग के दम पर फिल्म इंडस्ट्री में खास मुकाम हासिल किया था। खलनायक का रोल हो या कॉमेडियन का अभिनेता हर भूमिका में फिट हो जाते हैं। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर परेश रावल के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
जन्म और परिवार
मुंबई में एक गुजराती परिवार में 30 मई 1955 को परेश रावल का जन्म हुआ था। उनका बचपन मुंबई के पार्ले ईस्ट इलाके में बीता था। जहां पर पास में एक ओपन थिएटर ग्राउंड हुआ करता था। यहीं से परेश रावल के अंदर अभिनय के प्रति इंट्रेस्ट पैदा हुआ। वह बचपन में बेहद शरारती हुआ करते थे। लेकिन परेश रावल का सबसे बड़ा जुनून थिएटर था। वह सिर्फ 9 साल की उम्र में बिना टिकट के नाटक देखने के लिए थिएटर में घुस जाते थे। कई बार परेश रावल को पकड़कर बाहर निकाल दिया जाता था।
जब परेश रावल बार-बार थिएटर में घुसने की कोशिश करते पकड़ जाते, तो थिएटर के लोगों ने उनके जुनून को समझा और प्ले देखने की अनुमति दी। धीरे-धीरे परेश रावल को छोटे-छोटे रोल भी मिलने लगे। यही परेश रावल के करियर का आधार बना। हालांकि शुरूआती दौर में उन्होंने बैंक ऑफ बड़ौदा में नौकरी करना शुरू किया। लेकिन उनका वहां मन नहीं लगता था। उन्होंने कुछ ही समय बाद नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह से अभिनय की दुनिया में आ गए।
फिल्मी करियर
उन्होंने साल 1984 में फिल्मी करियर की शुरूआत फिल्म 'होली' से की थी। फिर साल 1985 में 'अर्जुन' जैसी कई फिल्मों में कई छोटे-छोटे रोल मिले। लेकिन अभिनेता को असली पहचान साल 1986 में आई फिल्म 'नाम' से मिली। फिर 80 और 90 के दशक में उन्होंने लगातार काम किया और करीब 100 से अधिक फिल्मों में खलनायक का रोल किया। फिल्म मोहरा', 'क्रांतिवीर', 'राम लखन', और 'दामिनी' जैसी फिल्मों में परेश रावल के अभिनय की सराहना हुई।
वहीं अभिनेता ने विलेन के अलावा कई गंभीर और कॉमिक रोल निभाए। वहीं साल 2000 में आई फिल्म 'हेरा फेरी' ने अभिनेता के करियर को नई ऊंचाई दी। इस फिल्म में परेश रावल का किरदार 'बाबूराव गणपत आप्टे' काफी लोकप्रिय हुआ और आज भी वह भारतीय कॉमेडी सिनेमा का यादगार चेहरा माना जाता है।
इसके बाद परेश रावल फिल्म 'गरम मसाला', 'भूल भुलैया', 'हंगामा', 'वेलकम', 'गोलमाल' सीरीज और 'ओह माय गॉड' जैसी फिल्मों में बेहतरीन अभिनय किया। परेश रावल ने साबित किया कि वह हर रोल में फिट हो सकते हैं। अभिनेता को दो बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया। एक बार फिल्म फेयर अवॉर्ड और साल 2014 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया।
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