A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: Attempt to read property "response" on null

Filename: controllers/Web.php

Line Number: 294

Backtrace:

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 294
Function: _error_handler

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/index.php
Line: 319
Function: require_once

eZeNews - Best Indian Hindi News App, हिंदी न्यूज़, Latest News in Hindi, Hindi news
Responsive Scrollable Menu

माइलेज, भरोसा और स्टाइल का खेल! भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाली बाइक्स की लिस्ट

भारत दुनिया के सबसे बड़े टू-व्हीलर बाजारों में शामिल है। हर साल देश में लाखों लोग नई मोटरसाइकिल खरीदते हैं। बढ़ती आबादी, सस्ती कीमत, बेहतर माइलेज और आसान फाइनेंस सुविधा के कारण बाइक की मांग लगातार बढ़ रही है। खासतौर पर युवाओं और नौकरीपेशा लोगों के बीच मोटरसाइकिल आज जरूरत के साथ-साथ स्टाइल का भी हिस्सा बन चुकी है।

बीते वित्त वर्ष में भी कई कंपनियों की मोटरसाइकिलों ने शानदार प्रदर्शन किया। कुछ बाइक्स ऐसी रहीं जिनकी बिक्री लाखों यूनिट्स तक पहुंच गई। इन मॉडलों ने न सिर्फ ग्राहकों का भरोसा जीता, बल्कि भारतीय बाजार में अपनी मजबूत पकड़ भी साबित की। आइए जानते हैं देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली Top 5 मोटरसाइकिलों के बारे में।

इसे भी पढ़ें: ई-स्कूटर की बैटरी जल्दी खत्म क्यों होती है? जानें सही देखभाल के 5 तरीके

Hero Splendor ने फिर दिखाई बादशाहत

भारतीय बाजार में अगर भरोसे और माइलेज की बात होती है तो सबसे पहले नाम Hero Splendor का आता है। वर्षों से यह बाइक आम लोगों की पसंद बनी हुई है। गांव से लेकर शहर तक इसकी जबरदस्त मांग देखने को मिलती है।

बीते वित्त वर्ष में Hero Splendor की 37.27 लाख से ज्यादा यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई। यह आंकड़ा बताता है कि कम कीमत, शानदार माइलेज और कम मेंटेनेंस के कारण लोग आज भी इस बाइक को सबसे ज्यादा पसंद करते हैं। दैनिक इस्तेमाल के लिए यह बाइक एक भरोसेमंद विकल्प मानी जाती है।

Honda Shine बनी दूसरी सबसे पसंदीदा बाइक

Honda Shine ने भी बिक्री के मामले में शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी इस बाइक को 100cc और 125cc सेगमेंट में पेश करती है। बेहतर इंजन, स्मूद राइडिंग और आकर्षक डिजाइन के कारण यह बाइक मिडिल क्लास ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक बीते वित्त वर्ष में Honda Shine की 19.87 लाख से ज्यादा यूनिट्स की बिक्री हुई। खासतौर पर ऑफिस जाने वाले लोगों और लंबी दूरी तय करने वाले ग्राहकों में इस बाइक की मांग तेजी से बढ़ी है।

Bajaj Pulsar का युवाओं में जबरदस्त क्रेज

स्पोर्टी लुक और दमदार परफॉर्मेंस के लिए मशहूर Bajaj Pulsar ने भी Top 5 में अपनी जगह मजबूत बनाई। पल्सर सीरीज को कंपनी कई इंजन विकल्पों में बेचती है, जिससे अलग-अलग ग्राहकों की जरूरतें पूरी होती हैं।

बीते वित्त वर्ष के दौरान Bajaj Pulsar की 13.99 लाख से ज्यादा यूनिट्स की बिक्री हुई। युवाओं के बीच इसका स्टाइलिश डिजाइन और पावरफुल इंजन काफी पसंद किया जाता है। यही वजह है कि यह बाइक लंबे समय से भारतीय बाजार में लोकप्रिय बनी हुई है।

Hero HF Deluxe ने बजट सेगमेंट में मचाया धमाल

कम कीमत में बेहतर माइलेज देने वाली Hero HF Deluxe भी ग्राहकों की पसंदीदा बाइक्स में शामिल रही। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों में इसकी मांग काफी ज्यादा देखी गई।

जानकारी के अनुसार बीते वित्त वर्ष में Hero HF Deluxe की 10.12 लाख से ज्यादा यूनिट्स की बिक्री हुई। यह बाइक उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प मानी जाती है जो कम खर्च में ज्यादा माइलेज चाहते हैं।

TVS Apache ने भी बनाई Top 5 में जगह

TVS Apache सीरीज ने भी भारतीय बाजार में अपनी खास पहचान बनाई है। यह बाइक अपने स्पोर्टी डिजाइन, एडवांस फीचर्स और दमदार परफॉर्मेंस के लिए जानी जाती है।

बीते वित्त वर्ष में TVS Apache की 5.71 लाख से ज्यादा यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई। युवाओं के अलावा अब प्रोफेशनल राइडर्स भी इस बाइक को पसंद कर रहे हैं। कंपनी लगातार नए फीचर्स और तकनीक के जरिए ग्राहकों को आकर्षित कर रही है।

भारतीय बाजार में बढ़ रहा बाइक का क्रेज

भारत में मोटरसाइकिल सिर्फ सफर का साधन नहीं रह गई है, बल्कि यह लोगों की जीवनशैली का हिस्सा बन चुकी है। बढ़ती पेट्रोल कीमतों के बीच बेहतर माइलेज देने वाली बाइक्स की मांग लगातार बढ़ रही है। वहीं कंपनियां भी ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से नए मॉडल लॉन्च कर रही हैं।

आने वाले समय में इलेक्ट्रिक और एडवांस टेक्नोलॉजी वाली मोटरसाइकिलों का बाजार भी तेजी से बढ़ सकता है। लेकिन फिलहाल Hero Splendor, Honda Shine और Bajaj Pulsar जैसी बाइक्स भारतीय ग्राहकों के दिलों पर राज कर रही हैं।

- डॉ. अनिमेष शर्मा

Continue reading on the app

अमेरिका-ईरान युद्ध से महंगाई के कारण आमजन प्रभावित

भले ही 1970 के तेल संकट जैसे हालात होने की संभावना ना हो या 2008 जैसी वित्तीय मंदी के हालात ना हो फिर भी एक बात साफ है कि अमेरिका-ईरान के बीच करीब तीन माह से चल रहे युद्ध के नकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। चाहे एशिया के देश हो या फिर योरोपीय देश सभी केवल वैश्विक तनाव ही नहीं अपितु ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने से बढ़ते दामों को रोकने में विफल ही हो रहे हैं। पिछले दस-पन्द्रह दिनों में ही हमारे देश में पेट्रोल- एलपीजी-सीएनजी- पीएनजी के दामों में एक बार नहीं अपितु तीन बार बढ़ोतरी हो चुकी है। हांलाकि वर्तमान हालातों में सरकार को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है। विपक्ष चाहे लाख आरोप लगाये या आंदोलन-प्रदर्शन करें पर अंतरराष्ट्रीय हालातों से आंख नहीं मूंदनी चाहिए। पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आमजन से आग्रह को भी इसी संदर्भ में सकारात्मकता से लिया जाना चाहिए। वैसे भी जब संकट का दौर हो और उस संकट के लिए हम या हमारी सरकार जिम्मेदार नहीं हो तो फिर देश में नकारात्मक माहौल बनाने के स्थान पर सकारात्मक माहौल बनाया जाना चाहिए। यह किसी एक व्यक्ति या किसी एक दल का नहीं अपितु सभी राजनीतिक दलों का दायित्व हो जाता है। अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल और एलपीजी की आपूर्ति बुरी तरह से प्रभावित हुई है। ईधन संकट का बड़ा कारण अमेरिका-ईरान युद्ध ना होकर अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण हार्मुज संकट बन गया है। हार्मुज के रास्ते से ही कच्चे तेल की आपूर्ति होती है और तनाव के चलते हार्मुज जनडमरुमध्य रास्ते को अवरुद्ध कर दिया गया है इससे आपूर्ति प्रभावित हो रही है। यह तो वैकल्पिक उर्जा के रुप में देश में सोलर, विण्ड एनर्जी के क्षेत्र में पिछले सालों में योजनावद्ध तरीके से तेजी से और बेहतर काम हुआ है और इसी का परिणाम है कि आज प्रधानमंत्री इलेक्ट्रोनिक वाहनों के उपयोग या सोलर एनर्जी के उपयोग पर खुले तौर पर आग्रह करने की स्थिति में है। नवीकरणीय उर्जा के क्षेत्र में देश में तेजी से काम हुआ है और हो रहा है जो एक हद तक संकट को कम करने में सहायक बन रहा है। 

आज की दुनिया आइसोलेट दुनिया नहीं है। एक देश की दूसरे देश पर निर्भरता बढ़ी है। कहीं से ईंधन के लिए तो कहीं से खाद्यान्न, कहीं दवा, कहीं अन्य किसी वस्तु के लिए निर्भरता बढ़ी है। युद्ध के चलते इंटरनेशनल लोजिस्टिक सेवाएं प्रभावित हुई है। जहां तक देश की ही बात की जाएं तो पेट्रोल, डीजल, एलपीजी आदि के कीमत में बढ़ोतरी का व्यापक प्रभाव पड़ने लगा है। सीधी सी बात है जब आवागमन महंगा होगा चाहे वह आम आदमी, सार्वजनिक क्षेत्र या लोजिस्टिक का हो तो उसका सीधा सीधा वस्तुओं और सेवाओं पर पड़ेगा ही। यही कारण है ईंधन यानी तेल के भावों में बढ़ोतरी के साथ ही वस्तुओं और सेवाओं के भाव प्रभावित होने लगे हैं। इसके साथ ही आयात पर निर्भर वस्तुओं के भाव प्रभावित होने लगे हैं। जहां तक तेल का प्रष्न है देश में खाद्य तेल ओैर अखाद्य तेल दोनों ही प्रभावित हो रहे हैं। खाद्य तेलों में भी आयात पर निर्भरता अधिक है। लाख प्रयासों के बावजूद तिलहन मिशन से तिलहनों का उत्पादन तो बढ़ा है पर अभी विदेशी निर्भरता बनी हुई ही है। इसी तरह से अन्य वस्तुओं के भाव प्रभावित होने लगे हैं। जहां तक सेवा क्षेत्र का प्रष्न है स्वीगी-जोमेटो आदि सेवा प्रदाताओं ने पिछले दिनों में अपने दामों में 16 फीसदी से भी अधिक की बढ़ोतरी कर दी है। मोबाइल सेवा प्रदाताओं ने प्लानों को रिवाइज किया हैं तो उबेर-ओला जैसे सेवा प्रदाताओं ने किराया बढ़ा दिया है। हो तो यहां तक रहा हैं कि बैंकों द्वारा जमाओं पर ब्याज दर में कमी लाना शुरु कर दिया है। 

इसे भी पढ़ें: आखिर क्या है Abraham Accords का असली मतलब, इस पर साइन करने वाले मुस्लिम देशों को क्या-क्या करना पड़ेगा?

एक बात साफ हो जानी चाहिए कि लोजिस्टिक लागत बढ़ेगी तो उसका असर सभी वस्तुओं में देखने को मिलेगा। भारत सरकार वेनेजुएला से वैकल्पिक तरीके से कच्चे तेल लाने का प्रयास कर रही है तो अन्य विकल्प भी खोजे जा रहे हैं। पर यह साफ हो जाना चाहिए कि कच्चे तेल की आपूर्ति जब तक सामान्य नहीं हो जाती तब तक पूरी तरह से संकट समाप्त होने की कल्पना नहीं की जा सकती। इन वैश्विक हालातों के पीछे अमेरिका-ईरान की हठधर्मिता ही है। अमेरिका-इजरायल ने ईरान से लड़ाई शुरु करते समय रुस यूक्रेन युद्ध के हालातों से सबक नहीं लिया। रुस के सामने यूक्रेन पिद्दी सा देश होने के बावजूद आज तीन साल से भी अधिक समय होने के बावजूद निर्णायक स्तर पर नहीं पहुंचा है। पर अमेरिका ने यह सोचा था कि दो-तीन दिन में ही ईरान को घुटने टिकवा देंगे और यही अमेरिका की नासमझी रही। मानो या ना मानो पर वास्तविकता यह है कि आज अमेरिका के सामने अपनी प्रतिष्ठा बनाये रखने का संकट आ गया है और यही कारण है कि अंदरखाने अमेरिका और ट्रंप किसी भी तरह से सीज फायर के लिए प्रयासरत है। इसमें भी कोई दो राय नहीं कि युद्ध में नुकसान अमेरिका को ही अधिक हो रहा है। ईरान तो अपने घर से लड़ रहा है और उसके निशाने पर आसपास के देश है। ऐसे में स्टेक तो अमेरिका-इजरायल का ही हो जाता है। इसके अलावा एक बात और समझनी होगी कि ट्रंप 2 में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने आये दिन तुगलकी फरमान जारी कर दुश्मन ही दुश्मन बनाएं है। गली के गुंडे जैसी पहचान बन गई है ट्रंप की तो दूसरी और अमेरिका के ही अधिकांश लोगों का भरोसा ट्रंप ने खो दिया है। ऐसे में सम्मानजनक सीजफायर ही अमेरिका के लिए अब इस संकट से निकलने का रास्ता रह गया है और इसके लिए ही अंदरखाने प्रयास जारी है। 

डॉ. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा

Continue reading on the app

  Sports

MI की Captaincy पर फैंस का बड़ा सर्वे, Rohit Sharma को पछाड़ Jasprit Bumrah बने नंबर वन

मुंबई इंडियंस के लिए इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का सीजन बेहद निराशाजनक रहा और अब टीम की कप्तानी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पांच बार की चैंपियन टीम इस बार पूरे सीजन में लय में नजर नहीं आई और 14 मुकाबलों में सिर्फ चार जीत हासिल कर सकी। टीम को 10 मैचों में हार का सामना करना पड़ा और वह लीग चरण से ही बाहर हो गई।

गौरतलब है कि लगातार खराब प्रदर्शन के बाद हार्दिक पांड्या की कप्तानी पर सवाल उठने लगे हैं। क्रिकेट जानकारों से लेकर प्रशंसकों तक, कई लोग अब मुंबई इंडियंस के अगले कप्तान को लेकर अपनी राय दे रहे हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार एक सर्वे में प्रशंसकों से पूछा गया कि इंडियन प्रीमियर लीग 2027 में मुंबई इंडियंस की कप्तानी किसे सौंपी जानी चाहिए। इस सर्वे में सबसे ज्यादा समर्थन तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को मिला है। करीब 44 प्रतिशत प्रशंसकों ने बुमराह को अगले कप्तान के रूप में पसंद किया है।

बता दें कि इस सीजन में पंजाब किंग्स के खिलाफ एक मुकाबले में हार्दिक पांड्या और सूर्यकुमार यादव की गैरमौजूदगी में जसप्रीत बुमराह ने टीम की कप्तानी की थी। उस मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने जीत हासिल की थी और बुमराह की कप्तानी की काफी तारीफ हुई थी।

मुंबई इंडियंस के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा भी इस चर्चा में पीछे नहीं हैं। सर्वे में उन्हें 27 प्रतिशत से ज्यादा समर्थन मिला है। रोहित शर्मा की कप्तानी में ही मुंबई इंडियंस ने पांच बार इंडियन प्रीमियर लीग का खिताब जीता था और टीम को दुनिया की सबसे सफल क्रिकेट फ्रेंचाइजियों में शामिल किया था।

वहीं युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा को 17 प्रतिशत और सूर्यकुमार यादव को करीब 10 प्रतिशत समर्थन मिला है। हालांकि ज्यादातर क्रिकेट जानकारों का मानना है कि मौजूदा समय में जसप्रीत बुमराह टीम के लिए सबसे संतुलित विकल्प साबित हो सकते हैं।

गौरतलब है कि हार्दिक पांड्या ने अपने इंडियन प्रीमियर लीग करियर की शुरुआत मुंबई इंडियंस से ही की थी। बाद में उन्हें वर्ष 2022 से पहले टीम ने रिलीज कर दिया था, जिसके बाद वह गुजरात टाइटंस के कप्तान बने। हार्दिक ने अपने पहले ही सीजन में गुजरात को चैंपियन बनाया और अगले साल टीम को फिर फाइनल तक पहुंचाया था।

इसके बाद वर्ष 2024 में हार्दिक पांड्या की मुंबई इंडियंस में वापसी हुई और उन्हें रोहित शर्मा की जगह कप्तान बनाया गया। लेकिन यह फैसला टीम के लिए ज्यादा सफल साबित नहीं हुआ। इंडियन प्रीमियर लीग 2024 में मुंबई इंडियंस अंक तालिका में सबसे नीचे रही थी।

हालांकि वर्ष 2025 में टीम ने कुछ सुधार जरूर दिखाया और अंतिम चार तक पहुंचने में सफल रही थी। मुंबई इंडियंस ने एलिमिनेटर मुकाबले में गुजरात टाइटंस को हराया था, लेकिन दूसरे क्वालीफायर में पंजाब किंग्स से हारकर बाहर हो गई थी।

इंडियन प्रीमियर लीग 2026 से मुंबई इंडियंस को बड़ी उम्मीदें थीं और माना जा रहा था कि टीम छह साल बाद खिताब जीत सकती है। लेकिन पूरे सीजन में टीम बल्लेबाजी, गेंदबाजी और रणनीति तीनों मोर्चों पर संघर्ष करती नजर आई। हार्दिक पांड्या भी कुछ मुकाबलों में उपलब्ध नहीं रहे थे।

अब टीम प्रबंधन के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या हार्दिक पांड्या को आगे भी कप्तानी दी जाएगी या फिर मुंबई इंडियंस नए नेतृत्व की तरफ बढ़ेगी। क्रिकेट जगत में फिलहाल जसप्रीत बुमराह का नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में देखा जा रहा है।
Fri, 29 May 2026 23:32:25 +0530

  Videos
See all

Motivational Video: Rescue Team ने एक एक कर बचाए छात्र | #shorts #viralvideo #rescueoperation #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-29T21:45:24+00:00

Twisha Sharma Death Case: 3D जांच, डिजिटल री-कंस्ट्रक्शन और पूर्व जज की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप! #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-29T22:00:17+00:00

Bakrid 2026: बेजुबान की नम आंखों का VIDEO वायरल | #bakrid #viralvideo #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-29T22:00:11+00:00

TMC MPs Breaking News: टूटने लगी ममता बनर्जी की TMC? | West Bengal | BJP #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-29T22:00:26+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers

A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: Attempt to read property "author_list" on null

Filename: front/post_detail.php

Line Number: 408

Backtrace:

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/post_detail.php
Line: 408
Function: _error_handler

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 161
Function: view

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 296
Function: show_page

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/index.php
Line: 319
Function: require_once

A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: foreach() argument must be of type array|object, null given

Filename: front/post_detail.php

Line Number: 408

Backtrace:

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/views/front/post_detail.php
Line: 408
Function: _error_handler

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 161
Function: view

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/application/controllers/Web.php
Line: 296
Function: show_page

File: /home/ezenews/htdocs/www.ezenews.in/public/index.php
Line: 319
Function: require_once