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हरियाणा के मुख्यमंत्री ने 100 करोड़ रुपए की नौ स्वास्थ्य परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया

चंडीगढ़, 29 मई (आईएएनएस)। बेहतर स्वास्थ्य सेवा और गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को पंचकुला में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 100 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित नौ प्रमुख स्वास्थ्य परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने 22.29 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित 30 स्वास्थ्य संस्थानों का उद्घाटन किया और 21.50 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित 16 अन्य संस्थानों का शिलान्यास किया।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने सोनीपत स्थित जिला सिविल अस्पताल में 6.45 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित विश्राम गृह का शिलान्यास किया।

उन्होंने 23 जिला अस्पतालों में 0.34 करोड़ रुपए की वार्षिक परिचालन लागत से स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार क्लीनिकों का भी शुभारंभ किया।

सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत सीटी स्कैन और एमआरआई सेवाओं का विस्तार करते हुए मुख्यमंत्री ने पानीपत और कुरुक्षेत्र के जिला अस्पतालों में 12 करोड़ रुपए की लागत से एमआरआई सुविधाओं का उद्घाटन किया। इसके अलावा, बहादुरगढ़ के उप-मंडल अस्पताल और दादरी के जिला अस्पताल में 10 करोड़ रुपए की लागत से सीटी स्कैन सेवाओं का भी उद्घाटन किया गया।

मुख्यमंत्री सैनी ने हृदय रोगों की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के लिए 600 स्वास्थ्य संस्थानों में 3 करोड़ रुपए की वार्षिक लागत से टेली-ईसीजी सेवाओं का भी शुभारंभ किया।

कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत, एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन, डिफिब्रिलेटर, एक्स-रे मशीन, ट्रूनेट मशीन और आईसीयू बेड सहित 24 करोड़ रुपए से अधिक के स्वास्थ्य उपकरण भी जनता को समर्पित किए गए।

नारनौल के कोरियावास स्थित महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज और फरीदाबाद के छैंसा स्थित श्री अटल बिहारी वाजपेयी सरकारी मेडिकल कॉलेज में 3.6 करोड़ रुपए की वार्षिक लागत से मुफ्त डायलिसिस सुविधाओं का भी शुभारंभ किया गया।

मुख्यमंत्री ने जनता को किफायती दामों पर ब्रांडेड दवाएं उपलब्ध कराने के लिए 1.73 करोड़ रुपए की लागत से 23 जिला अस्पतालों में अमृत फार्मेसियों की आधारशिला भी रखी।

इसके अतिरिक्त, 0.91 करोड़ रुपए की लागत से 4,600 आशा कार्यकर्ताओं के लिए एक विशेष आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि यह दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समर्पित जनसेवा के 12 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है।

--आईएएनएस

एमएस/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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PPF से पैसा निकालने का क्या है सरकारी नियम? मैच्योरिटी से पहले कैश चाहिए तो अपनाएं यह तरीका

PPF Withdrawl Rule: पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) भारत सरकार की एक बेहद लोकप्रिय और सुरक्षित छोटी बचत योजना है. इस योजना को पीपीएफ एक्ट 1968 के तहत शुरू किया गया था. लंबी अवधि के निवेश के लिए इसे सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है क्योंकि इसमें जमा पैसे पर सरकार की गारंटी होती है. वर्तमान में इस योजना पर 7.1 प्रतिशत की दर से सालाना ब्याज मिल रहा है, जो हर साल कंपाउंड होता है. 

क्या है इस खाते की सबसे बड़ी खासियत?

इस खाते की सबसे बड़ी खासियत इसका ई-ई-ई टैक्स स्टेटस है. इसका मतलब है कि निवेश की जाने वाली रकम, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी का पूरा पैसा पूरी तरह से टैक्स फ्री होता है. पीपीएफ खाते की कुल अवधि 15 साल की होती है, लेकिन संकट के समय खाताधारकों की मदद के लिए इसमें से बीच में भी पैसा निकालने की अनुमति दी जाती है.

कब और कैसे कर सकते हैं आंशिक निकासी?

पीपीएफ खाते से आंशिक निकासी यानी आंशिक रूप से पैसा निकालने की सुविधा खाता खुलने के छह वित्तीय वर्ष पूरे होने के बाद मिलती है. यानी आप सातवें वित्तीय वर्ष से अपने खाते से पैसा निकाल सकते हैं. उदाहरण के लिए अगर किसी व्यक्ति ने वित्तीय वर्ष 2019-20 में अपना खाता खुलवाया था, तो वह वित्तीय वर्ष 2025-26 के बाद इससे पैसा निकालने का हकदार हो जाता है. नियम के अनुसार, एक वित्तीय वर्ष में केवल एक ही बार आंशिक निकासी की जा सकती है. यह निकासी मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की उच्च शिक्षा या खाताधारक के एनआरआई बनने जैसी जरूरी परिस्थितियों में की जा सकती है.

कितनी रकम निकालने की है इजाजत?

पीपीएफ से आंशिक निकासी के तहत आप एक निश्चित सीमा में ही पैसा निकाल सकते हैं. नियम के मुताबिक, निकासी वाले वर्ष से ठीक पहले वाले वित्तीय वर्ष के अंत में मौजूद कुल बैलेंस का 50 प्रतिशत या फिर निकासी वाले वर्ष से चार वर्ष पहले के अंत में मौजूद बैलेंस का 50 प्रतिशत, इन दोनों में से जो भी राशि कम होगी, उतनी ही रकम आप निकाल सकते हैं. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार पैसा निकालने से निवेश पर मिलने वाला कंपाउंडिंग का फायदा कम हो जाता है. पैसा निकालने के लिए खाताधारक को फॉर्म सी भरकर, अपनी पासबुक के साथ बैंक या पोस्ट ऑफिस में जमा करना होता है.

समय से पहले खाता बंद करने के नियम

यदि आपको बड़ी रकम की जरूरत है, तो आप पांच साल पूरे होने के बाद अपने पीपीएफ खाते को समय से पहले बंद भी करा सकते हैं. इसे प्रीमैच्योर क्लोजर कहा जाता है. लेकिन सरकार इस पर एक प्रतिशत की पेनाल्टी लगाती है. यह पेनाल्टी खाता खुलने की तारीख से या फिर वर्तमान पांच साल के ब्लॉक की शुरुआत से लागू होती है. इसका सीधा मतलब यह है कि खाता बंद करने पर आपको मिलने वाले कुल ब्याज में से एक प्रतिशत की कटौती की जाएगी.

किन परिस्थितियों में बंद हो सकता है खाता?

पीपीएफ खाते को समय से पहले केवल कुछ विशेष और गंभीर परिस्थितियों में ही बंद करने की अनुमति मिलती है. यदि खाताधारक, उसके जीवनसाथी या बच्चों को कोई गंभीर बीमारी हो जाती है, तो इलाज के लिए इसे बंद किया जा सकता है. इसके अलावा खाताधारक या बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए और खाताधारक के एनआरआई बन जाने की स्थिति में भी खाता बंद करके पूरी रकम निकाली जा सकती है. इसके लिए फॉर्म सी और फॉर्म एसबी-7बी भरकर जरूरी दस्तावेजों के साथ जमा करना पड़ता है.

मैच्योरिटी और एक्सटेंशन के बाद निकासी

जब पीपीएफ खाता 15 साल में मैच्योर हो जाता है, तब खाताधारक बिना किसी पेनाल्टी या प्रतिबंध के अपनी पूरी रकम निकाल सकता है. इसके अलावा, अगर आप निवेश जारी रखना चाहते हैं, तो मैच्योरिटी के बाद खाते को पांच-पांच साल के ब्लॉक में आगे बढ़ा सकते हैं. इसके लिए फॉर्म एच जमा करना होता है. अगर आप नए निवेश के साथ खाते को आगे बढ़ाते हैं, तो आप कुल बैलेंस का अधिकतम 60 प्रतिशत तक निकाल सकते हैं. वहीं, बिना किसी नए निवेश के खाता आगे बढ़ाने पर आप जब चाहें अपनी पूरी रकम निकाल सकते हैं और बची हुई राशि पर ब्याज भी मिलता रहता है. सबसे अच्छी बात यह है कि पीपीएफ से की जाने वाली हर तरह की निकासी पूरी तरह टैक्स फ्री होती है और इसे इनकम टैक्स रिटर्न में दिखाने की जरूरत भी नहीं होती है.

यह भी पढ़ें: PPF में निवेश करें या नहीं? जानिए 2026 में पब्लिक प्रोविडेंट फंड का पूरा गणित

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वही कहानी, वही दर्द... क्वालीफायर-1 के बाद क्वालीफायर-2 में भी सुदर्शन के साथ हुआ 'हिट-विकेट' का क्रूर मजाक

Sai Sudharsan hit wicket: आईपीएल 2026 के क्वालीफायर 2 में किस्मत ने साई सुदर्शन के साथ क्रूर मजाक किया. राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 32 गेंदों पर 58 रनों की आतिशी पारी खेलने वाले सुदर्शन लगातार दूसरे नॉकआउट मैच में 'हिट-विकेट' आउट हुए. इससे पहले क्वालीफायर 1 में भी वे इसी तरह आउट हुए थे. उनके आउट होने से पहले कप्तान शुभमन गिल (104) के साथ उनकी 167 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी हुई थी. इससे पहले, वैभव सूर्यवंशी के 96 और फरेरा के कैमियो की बदौलत राजस्थान ने 214 रनों का विशाल स्कोर बनाया था. Sat, 30 May 2026 00:03:19 +0530

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