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Explainer: कौन फैला रहा है इंडिया में इस्लामिक कट्टरपंथ? 15 अगस्त से पहले सामने आए इस पाकिस्तानी संगठन के नापाक मंसूबे...

Who is spreading Islamic radicalism in India? दिल्ली के लाल किले के पास नवंबर 2025 में हुए कार बम धमाके को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक निगरानी टीम ने आधिकारिक तौर पर अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट यानी AQIS से जोड़ दिया है. इस खुलासे के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि आखिर अल-कायदा भारत के पीछे क्यों पड़ा है. 

AQIS असल में है क्या, और यह संगठन देश की सुरक्षा के लिए कितना बड़ा सिरदर्द बन चुका है.  आइए अब आपको इस बारे में सिलसिलेवार तरीके से समझाते हैं. 

अल-कायदा भारत को निशाना क्यों बनाता है?

भारत अल-कायदा की नजर में कोई नई एंट्री नहीं है. संगठन के तत्कालीन प्रमुख ओसामा बिन लादेन ने 1996 में ही जम्मू-कश्मीर और असम का जिक्र करते हुए भारत को निशाने पर रखने के संकेत दिए थे. ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद जब अयमान अल-जवाहिरी संगठन की कमान संभाली तो दक्षिण एशिया पर फोकस बढ़ाया गया ताकि इस्लामिक कट्टरपंथ की विचारधारा को इस क्षेत्र में फैलाया जा सके. इसके पीछे तर्क यह दिया जाता रहा है कि कश्मीर मुद्दा, धार्मिक टकराव और अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों को हथियार बनाकर भारत के मुस्लिम समुदाय के एक हिस्से को भड़काया जा सकता है. संगठन समय-समय पर हिजाब विवाद, बाबरी मस्जिद और सांप्रदायिक घटनाओं का हवाला देकर अपने प्रचार तंत्र में भारत विरोधी नैरेटिव तैयार करता रहा है.

AQIS क्या है और यह कब बना?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अल-कायदा प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी ने सितंबर 2014 में एक वीडियो जारी कर औपचारिक रूप से AQIS के गठन की घोषणा की थी. इस वीडियो में मकसद साफ नजर आया कि दक्षिण एशिया में अल-कायदा की विचारधारा को मजबूत करना है. बता दें आसिम उमर को इसका पहला प्रमुख बनाया गया था. जिसने बनते ही इस  पाकिस्तानी नौसेना के एक जहाज को अगवा करने की कोशिश और बांग्लादेश में प्रकाशकों पर हमलों जैसी वारदातों को अंजाम दिया.

AQIS अब तक भारत में क्या-क्या कर चुका है?

खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक लंबे समय तक यह संगठन सिर्फ प्रचार और भर्ती तक सीमित माना जाता रहा था. ये संगठन खासकर जम्मू-कश्मीर में एक्टिव था. लेकिन बीते कुछ वर्षों में इस संगठन ने झारखंड, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी जड़ें मजबूत की हैं. इन राज्यों में इसके कई मॉड्यूल पकड़े भी गए हैं. बता दें रांची के एक रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर के AQIS से जुड़े होने और भर्ती में शामिल होने का मामला सामने आ चुका है तो झारखंड की नकाटा हिल पर ट्रेनिंग कैंप बनाने की कोशिश भी नाकाम की गई है. राजस्थान के भिवाड़ी में भी एक ट्रेनिंग कैंप को एनआईए और सुरक्षा एजेंसियों ने ध्वस्त किया था. वहीं, असम में बांग्लादेश सीमा के करीब भी इसके स्लीपर सेल सक्रिय पाए गए हैं.

रेड फोर्ट धमाके का AQIS से क्या संबंध है?

जानकारी के मुताबिक 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले के पास एक कार में विस्फोट हुआ था. इस धमाके में करीब 11-15 लोगों की जान गई थी. जांच के बाद एनआईए ने इस मामले में अंसार गजवतुल हिंद नाम के संगठन से जुड़े 10 आरोपियों को अरेस्ट किया और उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. बता दें यह संगठन AQIS का ही सहयोगी माना जाता है. अब संयुक्त राष्ट्र की 38वीं निगरानी रिपोर्ट ने भी इस हमले को सीधे तौर पर AQIS से जोड़ दिया है. 

AQIS की कार्यशैली और रणनीति क्या है?

संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक AQIS अब बिखरे हुए एक छोटे गुट से आगे बढ़कर एक क्षेत्रीय आतंकी संगठन के तौर पर उभर रहा है. इसने अपने वित्तीय और लॉजिस्टिक नेटवर्क मजबूत किए हैं और यह बड़े संगठित समूहों की बजाय छोटे, बिखरे और गुप्त सेल के जरिए काम करता है. यानी अगर एक सेल पकड़ी भी जाए तो बाकी नेटवर्क पर असर नहीं पड़ता. रिपोर्ट में यह चिंता भी जताई गई है कि AQIS बांग्लादेश की जमीन का इस्तेमाल अपने नए ठिकाने बनाने के लिए करने की कोशिश कर रहा है और इसके नेतृत्व के कई सदस्य अफगानिस्तान के काबुल में मौजूद हैं जहां उन्हें कथित तौर पर वहां की स्थानीय पहचान से जुड़े दस्तावेज भी मुहैया कराए गए हैं जो तालिबान और AQIS के बीच करीबी तालमेल की तरफ इशारा करता है.

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क्या यह भारत के लिए बड़ा खतरा है?

विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है. एक तबका मानता है कि दशकों की धमकियों के बावजूद AQIS भारत में बड़े पैमाने पर संगठित ढांचा खड़ा नहीं कर पाया है और उसकी ज्यादातर गतिविधियां अब तक प्रचार-प्रसार तक सीमित रही हैं. वहीं, दूसरी तरफ रेड फोर्ट धमाके ने यह साबित कर दिया है कि AQIS से जुड़े नेटवर्क अब सिर्फ बातों तक सीमित नहीं हैं बल्कि हमले करने की क्षमता भी रखते हैं. छोटे, बिखरे सेल में काम करने की रणनीति खुफिया एजेंसियों के लिए इसे पकड़ना मुश्किल बनाती है. इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि अल-कायदा और आईएसआईएस जैसे संगठन लंबे समय से रासायनिक और जैविक हथियार बनाने में दिलचस्पी रखते हैं भले ही अभी तक वे तकनीकी तौर पर सफल नहीं हो पाए हों.

भारत इस खतरे से कैसे निपट रहा है?

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और अन्य सुरक्षा एजेंसियां लगातार AQIS और उसके सहयोगी संगठनों के मॉड्यूल पर कार्रवाई कर रही हैं. अभी तक झारखंड, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में कई गिरफ्तारियां और ट्रेनिंग कैंप ध्वस्त करने की कार्रवाई हो चुकी है. रेड फोर्ट धमाके के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकें कर एजेंसियों को हर आरोपी तक पहुंचने के निर्देश दिए थे और मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं. बता दें एनआईए ने चार्जशीट दाखिल कर मामले की जांच जारी रखी है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके.

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बांग्लादेश के आगे ऑस्ट्रेलिया शर्मसार! टेस्ट क्रिकेट में पहली बार 198 पर हुई ऑलआउट, हसन महमूद ने 6 विकेट लेकर रचा इतिहास

AUS vs BAN : ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम बांग्लादेश के सामने अपने ही घर में शर्मसार हो गई है. वो 2 टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले टेस्ट मैच में पहले बैटिंग करते हुए मात्र 198 रनों पर ढेर हो गई है. इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया के नाम एक शर्मनाक रिकॉर्ड जुड़ गया है. वहीं इस मैच में बांग्लादेश के तेज गेंदबाज हसन महमूद ऑस्ट्रेलिया के 6 विकेट लेकर कमर तोड़ दी है. ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 53 ओवर में 198 पर ढेर करने के बाद अब तक बांग्लादेश की टीम 6 ओवर में बगैर विकेट खोए 24 रन बना चुकी है.

ऑस्ट्रेलिया के नाम शर्मनाक रिकॉर्ड हुआ दर्ज

दरअसल, जैसे ही ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम इस मुकाबले में बांग्लादेश के सामने 198 रनों पर ऑलआउट हो गई. वैसे ही उसके नाम एक शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हो गया. बता दें कि, 198 रन टेस्ट मैचों में बांग्लादेश के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया का सबसे कम स्कोर है. इससे पहले सबसे कम स्कोर 2017 में मीरपुर में 217 था. अब ऑस्ट्रेलिया बांग्लादेश के सामने 198 पर ढेर हो गई.

हसन महमूद ने तोड़ी ऑस्ट्रेलिया की कमर

हसन महमूद ने इस मैच में 6 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया की कमर तोड़ दी. उन्होंने पहली पारी में कुल 17 ओवर गेंदबाजी की और इस दौरान उन्होंने 3 मेडन ओवर डाले. इस दौरान महमूद ने कुल 55 रन खर्च किए और 6 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए. हसन ने टीम को पहला विकेट दिलाया और जेक वेदराल्ड को लिटन दास के हाथों 23 रन पर पवेलियन भेज दिया.

इसके बाद हसन ने ट्रेविस हेड 22 को क्लीन बोल्ड कर अपनी टीम को दूसरी सफलता दिया. हसन को तीसरी सफलता कैमरून ग्रीन (13) के रूप में मिला. इसके बाद उन्होंने कप्तान पैट कमिंस को 9 रन के निजी स्कोर पर आउट कर उन्होंने अपनी चौथी विकेट हासिल की. हसन ने पांचवां शिकार मिचेल स्टार्क को बनाया. इसके बाद उन्होंने अपना छठवां विकेट स्टीव स्मिथ के रूप में हासिल कर 6 विकेट पूरे किए. 

स्टीव स्मिथ ने बनाए सबसे ज्यादा रन 

 

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कोलंबो में बड़ा हादसा... पानी के विवाद में कुसल मेंडिस के पूर्व कोच की मौत, 17 साल का खिलाड़ी गिरफ्तार

Kusal Mendis former childhood coach Sumith Fernando dies: कोलंबो में एक क्रिकेट मैच के दौरान पीने के पानी को लेकर हुई बहस ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें श्रीलंका के पूर्व कप्तान कुसल मेंडिस के बचपन के कोच सुमित फर्नांडो की जान चली गई. 62 वर्षीय फर्नांडो ने विवाद सुलझाने का प्रयास किया था, जिस दौरान उन पर कथित हमला हुआ. इलाज के दौरान उनका निधन हो गया. पुलिस ने मामले में 17 वर्षीय खिलाड़ी को गिरफ्तार कर बाल सुधार गृह भेज दिया है. Thu, 13 Aug 2026 22:03:13 +0530

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