भोपाल में ट्विशा की सास गिरिबाला के घर पहुंची CBI, टीम ने शुरू की 3D स्कैनिंग
Twisha sharma Death Case: चर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस में सीबीआई जांच कर रही है। हाईकोर्ट ने देर रात ट्विशा की सास गिरिबाला की अग्रिम जमानत याचिका रद्द कर दी है। इसके बाद ही 28 मई को सीबीआई की एक टीम गिरिबाला के घर पहुंच गई है। चर्चा है कि सीबीआई पहले नोटिस देगी। हालांकि सीबीआई की तरफ से अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
सीबीआई की टीम ने गिरिबाला के घर की जांच शुरू कर दी है। बॉलकनी में सीबीआई के पास Focus Laser Scanner देखा गया है। इसका काम इमारतों, इंडस्ट्रियल साइट्स और ऐतिहासिक ढांचों की हाई-प्रिसिजन 3D स्कैनिंग के लिए किया जाता है।
#WATCH | Twisha Sharma death case | A CBI team is present at the residence of Giribala Singh, mother-in-law of Twisha, in Bhopal, Madhya Pradesh. pic.twitter.com/mskxC0hjb2
— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) May 28, 2026
Explainer: गर्मी में कब पसीना आना हो जाता है बंद? 47°C गर्मी में शरीर को क्या होता है, खुद को कैसे बचाएं?
47 degree heat effects: इस साल की गर्मी ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि इस बार उत्तर भारत के कई जिलों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 47 डिग्री की गर्मी कोई साधारण मौसम नहीं है यह एक ऐसी स्थिति है जो जानलेवा बन सकती है. लेकिन आपको घबराने की जरूरत नहीं है. डॉक्टरों का ये बताना है कि अधिक गर्मी होने पर अगर हम थोड़ी-सी सावधानी बरतें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और अपनी कुछ आदतें सुधार लें तो इस गर्मी से बचा जा सकता है.
दरअसल, जब शरीर का तापमान 40°C के पार पहुंच जाता है तो ये शरीर की सबसे खतरनाक स्थिति होती है. ऐसी स्थिति में शरीर ठंडा करने की व्यवस्था फेल हो जाती है. पसीना आना बंद हो सकता है और इंसान के दिमाग में सही तरीके से खून नहीं चलता है. इससे इंसान बेहोश हो जाता है, किसी को दौरे पड़ने की समस्या होती है. डॉक्टरों की मानें तो इससे किडनी व लिवर को भी नुकसान पहुंचता है.
#WATCH | Keralam: Thiruvananthapuram city receives rainfall. IMD says that the monsoon may not arrive in the state immediately, as the monsoon winds have weakened. A cyclonic circulation is persisting over the south Arabian Sea and nearby regions, which is causing the current… pic.twitter.com/d1xZkSdtG3
— ANI (@ANI) May 28, 2026
हीटवेव और लू में क्या होता है अंतर? IMD ने किया अलर्ट
जानकारी के अनुसार लू का मतलब है गर्मी के मौसम में चलने वाली वो तेज, सूखी और गर्म हवा जो सीधे आपके चेहरे और शरीर पर असर करती है. यह हवा देर तक धूप में रहने पर आप पर तेजी से असर करती है. वहीं, हीटवेव मौसमी घटना है. IMD के मुताबिक जब मैदानी इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाए और यह सामान्य से 4-5 डिग्री ज्यादा हो तो उसे हीटवेव कहते हैं. अगर तापमान 45 डिग्री या उससे ऊपर हो जाए तो यह सीवियर हीटवेव की श्रेणी में आता है. हाल ही में मौसम विभाग ने राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और हरियाणा में हीटवेव अलर्ट जारी किया है.
40°C या उसके अधिक तापमान में शरीर के अंदर क्या होता है?
अलग-अलग तापमान में इंसान के शरीर पर अलग असर होता है. जैसे 38-40°C तापमान में शरीर में पसीना आएगा और प्यास लगेगी. 41-43°C में शरीर एग्जॉस्ट होने लगेगा. ऐसी स्थिति में शरीर का पानी काफी कम हो जाता है. जिससे सिर दर्द, चक्कर, मतली और कमजोरी महसूस होती है. दिल तेज धड़कने लगता है. किसी-किसी केस में लोगों की स्किन पीली और चिपचिपी भी होने लगती है. इसके अलावा 44°C या उससे ऊपर तापमान जानें पर शरीर की ठंडा करने की व्यवस्था फेल हो जाती है. पसीना आना बंद हो सकता है. दिमाग को सही तरीके से खून नहीं मिलता और इंसान बेहोश हो सकता है.
इस बार क्यों है अधिक गर्मी, कब मिलेगी राहत?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर एक उच्च दबाव का क्षेत्र बना हुआ है जो गर्म हवा को वहीं रोके हुए है. मानसून अभी दक्षिण भारत तक पहुंचा है, जबकि उत्तर भारत में राहत मिलने में अभी वक्त है.
27 मई 2026 के लिए मौसम की चेतावनी #HeatWave #SevereWeather #RainfallForecast #Thunderstorms #IndiaWeather #WeatherUpdate #ExtremeWeather #StaySafe@moesgoi @airnewsalerts @DDNational @ndmaindia @ICRER_MHA pic.twitter.com/2bqC2tMTfb
— India Meteorological Department (@Indiametdept) May 27, 2026
गर्मी अधिक होने पर क्या करें और क्या न करें?
क्या करें?
-पानी पीते रहें चाहे प्यास लगे या न लगे.
-नारियल पानी, छाछ और नींबू-पानी भी फायदेमंद हैं.
-हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें
-सफेद या हल्के रंग के कपड़े धूप कम सोखते हैं.
-सुबह 11 से शाम 4 बजे के बीच बाहर जाने से बचें.
-घर को ठंडा रखें पर्दे लगाएं, कूलर या पंखे का इस्तेमाल करें.
-गीले तौलिये से चेहरा और गर्दन पोंछते रहें.
-घर में ORS रखें, अधिक गर्मी होने पर इसे नियमित ले सकते हैं.
क्या न करें?
-खाली पेट और बिना पानी कुछ पिए बाहर न जाएं.
-चाय-कॉफी और शराब से बचें.
-बंद गाड़ी में न बैठें बंद गाड़ी के अंदर तापमान बाहर से दोगुना हो सकता है.
-हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखें तो नजरअंदाज न करें.
FAQ
Q1. हीट स्ट्रोक और लू लगने में क्या फर्क है?
लू लगना एक सामान्य गर्मी से होने वाली तकलीफ है जिसमें सिर दर्द, थकान और चक्कर होते हैं. हीट स्ट्रोक इससे कहीं ज्यादा गंभीर है इसमें पसीना आना बंद हो सकता है और इंसान बेहोश भी हो सकता है.
Q2. गर्मी में क्या खाना चाहिए?
खीरा, तरबूज, खरबूजा, दही, पुदीना, आम का पना और सत्तू ये सब शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं.
Q3. कितना पानी पीना चाहिए?
सामान्य दिनों में 2-3 लीटर, लेकिन हीटवेव में कम से कम 3-4 लीटर पानी पीना जरूरी है.
Q4. AC और कूलर में से क्या बेहतर है?
AC ज्यादा असरदार है, लेकिन कूलर भी तब तक ठीक काम करता है जब तक हवा में नमी ज्यादा न हो.
Q5. बच्चों को गर्मी से कैसे बचाएं?
बच्चों को दोपहर में बाहर न जाने दें. पानी और जूस देते रहें. हल्के सूती कपड़े पहनाएं.
Weather Update: तपती गर्मी के बीच राहत! 12 राज्यों में आंधी और बारिश का अलर्ट, IMD का बड़ा अपडेट
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