‘तमाशा’ देख युवाओं ने छोड़ी नौकरी! घबराए इम्तियाज अली, 11 साल बाद बोले- 'गिल्ट होता है, बर्बादी का डर सताता है'
2015 में रिलीज हुई रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण की फिल्म 'तमाशा' वक्त के साथ युवाओं के बीच कल्ट फिल्म बन गई. इस फिल्म ने कई लोगों को अपनी पहचान और अधूरी जिंदगी पर सोचने के लिए मजबूर किया. अब निर्देशक इम्तियाज अली ने खुलासा किया है कि फिल्म देखने के बाद कई युवाओं ने इंजीनियरिंग और कॉर्पोरेट जैसी अच्छी नौकरियां छोड़कर राइटिंग और आर्ट की दुनिया चुन ली. इसे लेकर इम्तियाज ने कहा कि उन्हें 'गिल्ट' महसूस होता है. उनका कहना है कि अगर ये लोग सफल नहीं हुए तो उनकी नाकामी और संघर्ष के लिए वो खुद को जिम्मेदार मानेंगे. यही डर उन्हें आज भी परेशान करता है.
बकरीद पर AIMIM नेता वारिस पठान ने दिया बड़ा संदेश, बोले – ‘सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें’
त्याग और प्रेम के प्रतीक पर्व ईद अल अजहा पर देशभर में उल्लास का वातावरण बना हुआ है। इस मुबारक मौके पर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के कद्दावर नेता वारिस पठान ने अपनी हार्दिक शुभकामनाएं व्यक्त कीं। दरअसल उन्होंने स्पष्ट किया कि बकरीद का यह पावन पर्व बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) और सरकार द्वारा जारी समस्त दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन करते हुए बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। पठान ने इस अवसर पर पूरी दुनिया में भाईचारे और शांति की स्थापना के लिए विशेष दुआ मांगी, जो मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में अत्यंत प्रासंगिक है।
दरअसल वाईएमसीए मैदान में नमाज अदा करने के उपरांत, जहां सैकड़ों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग एकत्रित थे, वारिस पठान ने भारत के समस्त नागरिकों, विश्व भर के लोगों और समूचे मुस्लिम समुदाय को ईद-उल-अज़हा की दिली मुबारकबाद दी। उन्होंने इस दिन को पवित्र और मुबारक बताया, साथ ही इसे त्याग का त्योहार और प्रेम व सद्भाव फैलाने का दिन घोषित किया। यह पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि बलिदान के महत्व को रेखांकित करता है और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करता है, ऐसा पठान ने अपने संबोधन में कहा।
बीएमसी और सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें
वारिस पठान ने आगे कहा कि आदरणीय उलेमाओं, मौलानाओं और विद्वानों के गहन मार्गदर्शन में, तथा बीएमसी और सरकार द्वारा जारी विस्तृत दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए, हम सभी ईद को हर्षोल्लास से मनाएंगे। उन्होंने देश के कोने-कोने में भाईचारे का संदेश प्रसारित करने का दृढ़ संकल्प दोहराया। उनकी अपील थी कि यह त्योहार केवल एक समुदाय विशेष का उत्सव नहीं, बल्कि एकता और प्रेम का प्रतीक बने, जो सभी धर्मों के लोगों को एक सूत्र में पिरोता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि दिशानिर्देशों का पालन करना सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है।
दुनिया भर में शांति और सद्भाव कायम रहे: वारिस पठान
वहीं वारिस पठान ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि हर जगह दुआएं अदा की गई हैं। उन्होंने स्वयं भी पूरे विश्व में शांति, सद्भाव और भाईचारे की निरंतरता के लिए गहन प्रार्थना की है। उनका आह्वान था कि लोग एकता और आपसी सम्मान के साथ अपने त्योहारों को मनाते रहें, जिससे सामाजिक ताना-बाना मजबूत हो। देश और दुनिया भर में शांति और सद्भाव कायम रहे, यह उनकी सबसे बड़ी और सर्वोपरि कामना थी। उन्होंने यह संदेश केवल एक समुदाय के लिए नहीं, बल्कि समस्त मानवता के लिए दिया, ताकि हर जगह अमन-चैन बना रहे।
दरअसल एआईएमआईएम नेता ने आगे कहा कि सभी लोग अपनी-अपनी जगहों पर जाकर कुर्बानी करेंगे, जो अल्लाह के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक है। इसके उपरांत मटन, पाया, कीमा-गुर्दा और कलेजी जैसे पारंपरिक और स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद लेंगे और अपने प्रियजनों तथा रिश्तेदारों से भेंट करेंगे। उन्होंने एक ही दुआ की कि अल्लाह उनकी कुर्बानियों को कबूल फरमाए और देश में अमन, शांति तथा बहार बनी रहे। उन्होंने सभी को ईद मुबारक कहते हुए एक व्यक्तिगत और मार्मिक अनुरोध भी किया, “अपनी दुआओं में मुझे भी याद रखना।”
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