बकरीद पर मुंबई में कड़ी की गई सुरक्षा व्यवस्था,10 हजार से अधिक पुलिसकर्मी किए गए तैनात
बकरीद पर्व के अवसर पर मुंबई पुलिस प्रशासन द्वारा शहर में विशेष सुरक्षा बंदोबस्त लागू किए गए हैं। दरअसल गुरुवार, 28 मई 2026 को मनाए जाने वाले इस त्योहार को लेकर मुंबई में विशेष तैयारियां की गई हैं। मुंबई पुलिस ने सभी धार्मिक स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की है।
दरअसल मुंबई में बकरीद का त्योहार प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी बड़े उत्साह, धार्मिक श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाएगा। इस मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोग बड़ी संख्या में मस्जिदों, दरगाहों और मदरसों में एकत्र होकर नमाज अदा करेंगे। इसके साथ ही, कुर्बानी की रस्म भी निभाई जाएगी। त्योहार को लेकर शहर के विभिन्न इलाकों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है, जिसके दृष्टिगत पुलिस प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने हेतु आवश्यक कदम उठाए हैं।
मुंबई पुलिस ने विस्तृत सुरक्षा योजना तैयार की
वहीं शहर में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुंबई पुलिस ने विस्तृत सुरक्षा योजना तैयार की है। मुंबई पुलिस आयुक्त के मार्गदर्शन में तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) की सीधी निगरानी में पूरे महानगर में विशेष बंदोबस्त की योजना को अंतिम रूप दिया गया है। इस योजना के तहत संवेदनशील इलाकों, प्रमुख धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को टालना एवं सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना है।
10,110 पुलिस कर्मियों को ड्यूटी लगाई गई
सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए बड़े पैमाने पर पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। मुंबई पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, इस विशेष बंदोबस्त में 8 अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, 21 पुलिस उपायुक्त, 61 सहायक पुलिस आयुक्त, 1980 पुलिस अधिकारी और 10,110 पुलिस कर्मियों को ड्यूटी पर लगाया गया है। इस प्रकार, कुल 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मी शहर की सुरक्षा का मोर्चा संभाल रहे हैं।
इन नियमित बल के अतिरिक्त, कई विशेष इकाइयां भी सुरक्षा ड्यूटी में संलग्न की गई हैं। इनमें आरसीपी (दंगा नियंत्रण पुलिस), एंटी डेमो टीम, एसआरपीएफ प्लाटून (राज्य रिजर्व पुलिस बल), दंगा नियंत्रण पथक, क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी), डेल्टा फोर्स, कॉम्बैट फोर्स और होमगार्ड्स शामिल हैं। इन विशेष सुरक्षा इकाइयों को विभिन्न रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से त्वरित एवं प्रभावी ढंग से निपटा जा सके और कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके।
राहुल गांधी के आरोपों को CBSE ने किया खारिज, बताया भ्रामक, कहा- नियमों के तहत दिया गया कॉन्ट्रैक्ट
कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) COEMPT को कॉन्ट्रैक्ट देने के लिए केंद्र सरकार और CBSE पर कई सवाल खड़े किए हैं। कई आरोप भी लगाए हैं, जिन्हें केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने खारिज किया है। बोर्ड ने सोशल मीडिया X पर कहा, “ये आरोप गुमराह करने वाले और तथ्यों पर आधारित नहीं है।” सीबीएसई के इस जवाब को लेकर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया भी सामने आई है।
सीबीएसई ने कहा कि, “सीबीएसई ने एजेंसी को ठेका देने में जनरल फाइनेंशियल रूल्स प्रोटोकॉल का पूरी तरीके से पालन किया गया। 28 अगस्त 2025 को सेंट्रल पब्लिक प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर बोर्ड एग्जाम के लिए आंसर बुक के डिजिटल मूल्यांकन के लिए आरएफपी जारी किया गया और क्वालिफाइड बीडर को ही कॉन्ट्रैक्ट दिया गया।”
राहुल गांधी ने क्या कहा?
सीबीएसई के जवाब पर राहुल गांधी ने कहा, “आरोपों को इनकार करना कोई जवाब नहीं है। शिक्षा मंत्री और सीबीएसई मेरे पूछे गए चार आसान सवालों का जवाब क्यों नहीं दे पा रहे हैं। 18.5 लख स्टूडेंट्स का भविष्य खतरे में पड़ गया है। वे सभी सच जानने के हकदार हैं।
कांग्रेस नेता ने बुधवार को एक वीडियो जारी करते हुए बताया कि सीओईएमपीटी एडुटेक कंपनी Globarena प्राइवेट लिमिटेड के नाम के काम कर रही थी। 2019 और 2023 में तेलंगाना बोर्ड परीक्षा में स्कैम के आरोप भी इसपर लगे थे। इसे लेकर उन्होंने 4 सवाल किए और बिना बैकग्राउन्ड चेक किए इसे ठेका क्यों दिया गया? इसके अलावा राहुल गांधी ने नियमों और प्रक्रिया लेकर भी सवाल उठाए हैं।
सीबीएसई मूल्यांकन प्रक्रिया पर सियासत
सीबीएसई ने इस साल पहली बार कक्षा 12वीं के लिए ऑन स्क्रीन मार्किंग के जरिए उत्तरपुस्तिकाओं की जांच की है। जिसे लेकर कई शिकायतें सामने आई है। जिसके बाद बोर्ड ने फीस को कम करके पुनर्मूल्यांकन प्रोसेस शुरू किया। 25 मई आंसरबुक की फोटोकॉपी के लिए आवेदन जारी थे। इस दौरान छात्रों पेमेंट, धुंधली आंसरशीट, मिसमैच आंसरशीट समेत कई तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। इस मामले को लेकर सियासत भी शुरू हो चुकी है। राहुल गांधी ने आरोपियों का पता लगाने के लिए न्यायिक जांच और SIT गठन की मांग की है। अब मनीष सिसोदिया ने भी जांच की मांग की है।
A denial is not an answer.
Why are the Education Minister and CBSE unable to answer the four simple questions I have asked?
The future of 18.5 lakh students have been put in jeopardy. They deserve the truth. https://t.co/z65GDxKY7J
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 27, 2026
CBSE rejects the allegations regarding the award of contract to Coempt Edutech. It is erroneous, misleading and not based on facts.
CBSE has followed the General Financial Rules protocols scrupulously in the awarding of the contract to the agency. CBSE floated the RFP for…
— CBSE HQ (@cbseindia29) May 27, 2026


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