MP में गर्मी का रेड अलर्ट! लू से बचने के लिए सरकार ने जारी की हेल्थ एडवाइजरी
मध्य प्रदेश में इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है। कई जिलों में तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है। सुबह से ही तेज धूप और दोपहर में चल रही गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और बाहर काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
इसी बीच भोपाल स्थित आपदा प्रबंध संस्थान ने लोगों के लिए हेल्थ एडवाइजरी जारी की है। संस्थान ने साफ कहा है कि लापरवाही भारी पड़ सकती है। इसलिए लोगों को गर्मी और लू से बचने के लिए जरूरी सावधानियां अपनानी चाहिए।
दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह
आपदा प्रबंध संस्थान ने लोगों से अपील की है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बेवजह घर से बाहर न निकलें। इस दौरान सबसे ज्यादा गर्म हवाएं चलती हैं, जिससे लू लगने का खतरा बढ़ जाता है।
अगर किसी जरूरी काम से बाहर जाना पड़े तो सिर को गमछे, टोपी या छाते से ढककर निकलें। साथ ही हल्के रंग के सूती और ढीले कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि शरीर को ठंडा रखना इस मौसम में सबसे जरूरी है।
पानी की कमी न होने दें, खान-पान का रखें ध्यान
गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी तेजी से होने लगती है। इसी वजह से स्वास्थ्य विशेषज्ञ बार-बार ज्यादा पानी पीने की सलाह दे रहे हैं। संस्थान ने कहा है कि प्यास न लगे तब भी थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें।
इसके अलावा हल्का और पौष्टिक खाना खाने की सलाह दी गई है। ज्यादा तला-भुना भोजन और कैफीन वाली चीजों जैसे चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक से दूरी बनाने को कहा गया है। ओआरएस, नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी जैसे पेय पदार्थ इस मौसम में काफी फायदेमंद माने जा रहे हैं।
हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए बच्चों को पानी, ORS व हल्के सूती कपड़े पहनाएं तथा तेज धूप से बचाएं।
बच्चों को बंद कमरे या वाहन में अकेला न छोड़ें, सुरक्षित रहें और स्वस्थ रहें।@DrMohanYadav51 @rshuklabjp @nsp2106 #HeatwaveSafety #StayHydrated #HealthForAll pic.twitter.com/8djT1acNyo
— Public Health & Medical Education Department, MP (@healthminmp) May 23, 2026
लू लगने पर तुरंत करें ये काम
संस्थान ने लू के लक्षणों को लेकर भी लोगों को सतर्क किया है। अगर किसी व्यक्ति को तेज सिरदर्द, चक्कर, उल्टी, ज्यादा पसीना या शरीर का तापमान बहुत ज्यादा महसूस हो तो इसे नजरअंदाज न करें।
ऐसी स्थिति में मरीज को तुरंत छांव या ठंडी जगह पर ले जाएं। गीले कपड़े से शरीर पोंछें और धीरे-धीरे पानी या ओआरएस पिलाएं। अगर हालत में सुधार न हो तो तुरंत डॉक्टर या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
बच्चों और बुजुर्गों का रखें खास ध्यान
विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चे और बुजुर्ग गर्मी की चपेट में जल्दी आते हैं। इसलिए परिवार के लोगों को उनका खास ध्यान रखना चाहिए। बच्चों को धूप में खेलने से रोकें और बुजुर्गों को ज्यादा देर तक बाहर न रहने दें।
स्कूल जाने वाले बच्चों को पानी की बोतल और सिर ढकने के लिए कैप जरूर दें। वहीं बाहर काम करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों को समय-समय पर आराम और पानी लेना बेहद जरूरी बताया गया है।
प्रशासन भी अलर्ट मोड पर
लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए कई जिलों में प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से जुड़े मरीजों के इलाज के लिए तैयारी बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चला रहा है।
आपदा प्रबंध संस्थान का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी लोगों को बड़ी परेशानी से बचा सकती है। इसलिए मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
गर्भवती माताएं गर्मियों में रखें विशेष ध्यान, पर्याप्त पानी पिएं, हल्के सूती कपड़े पहनें और तेज धूप से बचें।
चक्कर, सिरदर्द, उल्टी या अत्यधिक थकान होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें तथा ठंडी व हवादार जगह पर आराम करें।#HeatwaveSafety #StayHydrated pic.twitter.com/H4fhxHhOGn
— Public Health & Medical Education Department, MP (@healthminmp) May 26, 2026
शिप्रा जल से करवाया जाएगा सिंहस्थ स्नान, उज्जैन में 351 फीट लंबी चुनरी अर्पित करने के बाद सीएम यादव की घोषणा
गंगा दशहरा की मौके पर उज्जैन में रामघाट पर शिप्रा तीर्थ परिक्रमा का समापन हुआ। इस मौके पर माता शिप्रा को 351 फीट लंबी चुनरी अर्पित कर पूजा अर्चना भी की गई। इस दौरान रामघाट पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव और लोक गायिका मैथिली ठाकुर भी शामिल हुईं।
इस भव्य और रंगारंग कार्यक्रम में मैथिली ठाकुर ने भजन प्रस्तुत किए। इस दौरान रामघाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। यहां मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह घोषणा की है कि आने वाले सिंहस्थ में स्नान शिप्रा की शुद्ध जल से करवाया जाएगा। चलिए जान लेते हैं उन्होंने क्या कहा है।
चल रहा जल संरक्षण कार्य
मुख्यमंत्री मोदी यादव ने जल संरक्षण और धार्मिक आस्था को जोड़ते हुए बताया कि प्रदेश में 10000 करोड रुपए की लागत से जल संरक्षण का काम चल रहा है। इसमें शिप्रा के दोनों तरफ 30 किलोमीटर लंबे घाटों का निर्माण भी किया जा रहा है। इस दौरान सीएम ने 351 फीट लंबी चुनरी अर्पित कर पूजा की और नदी में दूध भी अर्पित किया
उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
इस कार्यक्रम के दौरान रामघाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। इस दौरान जगह जगह दीपदान किया गया। श्रद्धालुओं की भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन की ओर से पहले ही बैरिकेडिंग कर दी गई थी। इस दौरान नौसेना के बैंड की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही, पहली बार इस बैंड ने इस तरह के आयोजन में हिस्सा लिया है।
मैथिली ठाकुर की प्रस्तुति
इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक आकर्षण का केंद्र भाजपा विधायक और भजन गायिका मैथिली ठाकुर की भजन संध्या रही। अपने भजनों से उन्होंने पूरे माहौल को भक्ति में बना दिया। उनके साथ यहां अन्य लोक कलाकार भी प्रस्तुति देते दिखाई दिए। इससे आयोजन का सांस्कृतिक रंग हर तरफ बिखर गया।
नीलगंगा में भी की पूजा
मुख्यमंत्री मोहन यादव इस अवसर पर नील गंगा आश्रम भी पहुंचे। यहां उन्होंने माता गंगा की प्रतिमा का पूजन अभिषेक कर प्रदेश के सुख समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहस्त्र 2018 में सनातन संस्कृति का वैभव पूरी दुनिया देखेगी। इस कार्यक्रम में कई सारे साधु संत, अखाड़ा परिषद के पदाधिकारी और शंकराचार्य मौजूद रहे।
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