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रिलेशनशिप एडवाइज- बॉयफ्रेंड ने दिया धोखा:मेरी ही सहेली को डेट कर रहा है, दोनों ने मिलकर मेरा दिल तोड़ा है, खुद को कैसे हील करूं

सवाल- मेरी उम्र 20 साल है। मैं 6 महीने से कॉलेज में एक लड़के के साथ रिलेशनशिप में थी। मैंने उसे अपनी एक फ्रेंड से मिलवाया। हम तीनों साथ में कभी–कभी हैंगहाउट करते थे। एग्जाम्स के बाद समर वेकेशन में मैं 2 महीने के लिए पर घर चली गई। जब मैं वापस आई, तो वे दोनों मुझसे ठीक से बात नहीं कर रहे थे। अब पता चला है कि वे दोनों एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं। मुझे बहुत बुरा लग रहा है और मैं खुद को चीटेड फील कर रही हूं। मैं समझ नहीं पा रही हूं कि इस सिचुएशन को कैसे संभालूं और अपने इमोशन्स से कैसे डील करूं? एक्सपर्ट: डॉ. जया सुकुल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नोएडा जवाब- सवाल पूछने के लिए आपका शक्रिया। 20 साल की उम्र जीवन का वह पड़ाव है, जब भावनाएं काफी तेज होती हैं। आपने बताया है कि बॉयफ्रेंड और दोस्त ने मिलकर आपका दिल तोड़ा है। साइकोलॉजी में इसे 'डबल बिट्रेयल' (दोहरा विश्वासघात) कहते हैं। अभी आपको ये ट्रेजेडी जैसा महसूस हो रहा है, लेकिन विश्वास करिए 10 साल बाद यह घटना एकदम सामान्य लगेगी। चलिए आपकी पूरी सिचुएशन समझते हैं और उसके सॉल्यूशन पर बात करते हैं। यह दुनिया एक्सप्लोर करने की उम्र 20-25 साल की उम्र एक्सप्लोर करने और अनुभव बटोरने की होती है। इस उम्र में हम रिश्ते, करियर और खुद को समझना शुरू करते हैं। इस दौर में बने रिश्ते अक्सर भावनाओं पर आधारित होते हैं। इसलिए ये बहुत स्थायी नहीं होते हैं। इस घटना को 'ट्रेजेडी' की तरह देखने की बजाय 'लाइफ लेसन' की तरह देखना बेहतर होगा, क्योंकि यही अनुभव आपको आगे बेहतर निर्णय लेने में मदद करेगा। अभी पूरी उम्र और बेहतर संभावनाओं का आसमान आपके सामने खुला है। अपनी भावनाओं को दबाएं नहीं धोखा मिलने पर दुखी होना, गुस्सा आना या रोना बिल्कुल सामान्य है। खुद को यह कहने की जरूरत नहीं है कि, “मुझे इतना परेशान नहीं होना चाहिए।” बल्कि खुद से कहें- यह एक नई शुरुआत है अभी आपको लग सकता है कि सब खत्म हो गया, लेकिन सच्चाई इससे अलग है। ब्रेकअप अंत नहीं, नई शुरुआत होती है। इसे ग्राफिक में समझिए- हर अनुभव एक सबक है प्यार में धोखा मिलने पर लोग अक्सर खुद में कमियां ढूंढने लगते हैं। वह कारण खोजते हैं कि उन्हें धोखा क्यों मिला है। जबकि असल में कमी सामने वाले की नीयत में होती है। इस तरह के इंसिडेंट्स को अनुभव की तरह लेना चाहिए। ग्राफिक में देखिए आप इस घटना से क्या सीख सकती हैं- आगे आसमां और भी है यह सोचिए कि जो इंसान मात्र 2 महीने आपकी एब्सेंस में आपकी सहेली के साथ रिश्ते में आ गया, क्या वह कभी आपके प्रति सीरियस था? शायद नहीं। इसलिए जो आपका था ही नहीं, उसे खोने का अफसोस ही क्यों करना है। 20 की उम्र जीवन का केवल एक छोटा सा हिस्सा भर है, पूरी फिल्म अभी बाकी है। अपनी नजरें समेटने की बजाय सामने देखिए, अभी पूरा आसमान बाकी है। आपको भविष्य में ऐसे कई सच्चे लोग, वफादार दोस्त और बेहतर रिश्ते मिलेंगे, जो आपकी कद्र करना जानते होंगे। इस एक कड़वे अनुभव को अपनी पूरी जिंदगी न समझें, बल्कि इसे एक नई और बेहतर शुरुआत का मौका मानें। क्या करें? भावुकता से निकलकर अब आपको एक्शन-ओरिएंटेड होना पड़ेगा। जब आप व्यस्त रहेंगी तो इस दुख से उबरने में मदद मिलेगी। हीलिंग पर ध्यान दें इस दुख से उबरने की यात्रा में आप किसी दिन आप बहुत अच्छा महसूस करेंगी और किसी दिन बहुत तकलीफ भी होगी। यह सामान्य है। बस उस पुराने घाव को बार-बार 'चेक' करके कुरेदना बंद करें। ग्राफिक में सेल्फ हीलिंग के 5 स्टेप्स देखिए- डबल बिट्रेयल से निपटने के 5 गोल्डन रूल 1. खामोशी में ही ताकत है उसे फोन या मैसेज करके यह न बताएं कि आप कितनी दुखी हैं। भावनाओं को उसके सामने जाहिर करने की बजाय डायरी में लिखें या किसी भरोसेमंद से बांटें। 2. जवाब की उम्मीद छोड़ दें उससे यह पूछकर वक्त बर्बाद न करें कि ऐसा क्यों किया? सफाई की उम्मीद आपको उसी दुख में अटकाए रखेगी। इसलिए सच को स्वीकार कर आगे बढ़ें। 3. खुद पर विश्वास बनाए रखें दो गलत लोगों की वजह से खुद को कम न आंकें। याद रखें, आप आज भी उतनी ही अच्छी इंसान हैं। सिर्फ इसलिए कि किसी ने भरोसा तोड़ा, पूरी दुनिया को बुरा न समझें। अच्छे लोग और सच्चे दोस्त अभी भी आपकी लाइफ में आएंगे। 4. कॉलेज में गरिमा रखें जब भी वे सामने आएं, न गुस्सा करें और न ही रोएं। बस ऐसे रहें जैसे वे कोई अजनबी हों। आपका आत्मविश्वास और आपकी मुस्कान यह साबित करेगी कि आपकी खुशी किसी इंसान की मोहताज नहीं है। 5. खुद को दोष न दें 'मैंने गलत इंसान पर भरोसा क्यों किया' जैसे विचार छोड़ दें। भरोसा करना आपकी अच्छाई थी, कमजोरी नहीं। खुद को माफ करें और खुद से प्यार करें। आप एक नई और खूबसूरत शुरुआत की हकदार हैं। अंतिम सलाह 20 साल की उम्र में दिल टूटने पर ऐसा लगता है जैसे दुनिया रुक गई हो, लेकिन सच ये है कि आपकी कहानी अभी शुरू हुई है। आपको आगे बेहतर लोग, बेहतर रिश्ते और ढेर सारी खुशियां मिलेंगी। ……………… ये खबर भी पढ़िए रिलेशनशिप एडवाइज- बॉयफ्रेंड बचपन के दोस्त से इनसिक्योर है: कहता है, दोस्ती तोड़ लो, मुझे दोस्ती और प्यार दोनों चाहिए, क्या करूं सबसे पहले सवाल पूछने के लिए आपका शुक्रिया। यह एक कॉमन सिचुएशन है। आपके सवाल से कई लोगों को अपनी सिचुएशन समझने और हैंडल करने में मदद मिलेगी। चलिए अब इसे समझते हैं और उसके सॉल्यूशन पर बात करते हैं। आगे पढ़िए...

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जरूरत की खबर- नौतपा में घर से निकलते हुए सावधान:ये 7 चीजें साथ रखें, 11 सावधानियां जरूर बरतें, इन 9 संकेतों को इग्नोर न करें

नौतपा के 9 दिन साल के सबसे गर्म दिन माने जाते हैं। इस दौरान तापमान 40-45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। इस समय घर से बाहर निकलना रिस्की होता है। बहुत से लोगों को रोजमर्रा के काम, ऑफिस या जरूरी जिम्मेदारियों के कारण बाहर निकलना मजबूरी होती है। लेकिन इस दौरान जरा-सी लापरवाही से डीहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, थकान, कमजोरी और चक्कर जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि सही प्लानिंग, सतर्कता और हेल्दी आदतें अपनाकर नौतपा के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज हम बात करेंगे कि नौतपा में बाहर निकलते समय किन बातों का ध्यान रखें। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. अरविंद अग्रवाल, डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली सवाल- नौतपा में गर्मी क्यों बढ़ जाती है? जवाब- मई के आखिरी सप्ताह में सूर्य की किरणें भारत के बड़े हिस्से पर लगभग सीधी पड़ती हैं। इससे जमीन तेजी से गर्म होती है और तापमान बढ़ जाता है। सवाल- नौतपा में घर से बाहर निकलते हुए कौन-सी चीजें जरूर साथ रखें? जवाब- नौतपा की तेज गर्मी और लू से बचने के लिए बाहर निकलते समय कुछ जरूरी चीजें साथ रखें, ताकि शरीर हाइड्रेट रहे और धूप का असर कम हो। पूरी चेकलिस्ट ग्राफिक में देखिए- सवाल- नौतपा में बाहर निकलते समय किन बातों का ध्यान रखें? जवाब- नौतपा के दौरान बाहर निकलते समय सावधानी रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि तेज धूप और लू शरीर पर जल्दी असर डालती है। सही समय, सही तैयारी और थोड़ी सतर्कता हमें बड़ी समस्याओं से बचा सकती है। सभी सावधानियां ग्राफिक में देखिए- सवाल- नौतपा में घर से बाहर निकलने का सेफ समय क्या है? किस समय निकलने से बचना चाहिए? जवाब- नौतपा के दौरान सुबह 6 से 10 बजे और शाम 5 बजे के बाद बाहर निकलना सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि इस समय धूप कम होती है। वहीं दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचना चाहिए, क्योंकि इस दौरान तापमान सबसे ज्यादा होता है और लू का रिस्क बढ़ जाता है। सवाल- नौतपा में बाइक पर या पैदल चलने वालों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? जवाब- बाइक राइडर्स और पैदल चलने वालों के लिए नौतपा के दौरान बाहर निकलना ज्यादा रिस्की होता है। इसलिए इन बातों का ध्यान रखें– पैदल चलने वालों के लिए बाइक चलाने वालों के लिए कॉमन सावधानियां सवाल- नौतपा में किन शरीरिक संकेतों को इग्नोर नहीं करना चाहिए? जवाब- नौतपा के दौरान कुछ शारीरिक संकेतों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। ये हीट एग्जॉशन या हीट स्ट्रोक की संकेत हो सकते हैं। सभी संकेत ग्राफिक में देखिए- सवाल- नौतपा में शरीर को हाइड्रेटेड कैसे रखें? जवाब- भीषण गर्मी में पसीने के जरिए शरीर से पानी और जरूरी मिनरल्स निकलते हैं। इसलिए सिर्फ पानी नहीं, इलेक्ट्रोलाइट्स लेना भी जरूरी है। सही हाइड्रेशन टिप्स ग्राफिक में देखिए- सवाल- नौतपा में बच्चों, बुजुर्गों का ख्याल कैसे रखें? जवाब- नौतपा की तेज गर्मी में बच्चों और बुजुर्गों का शरीर तापमान को जल्दी संतुलित नहीं कर पाता। ऐसे में उनके लिए अतिरिक्त सावधानी जरूरी है- बच्चों का ख्याल कैसे रखें- बुजुर्गों का ख्याल कैसे रखें- सवाल- नौतपा में लाइफस्टाइल में कौन से जरूरी बदलाव करें? जवाब- नौतपा में शरीर को तेज गर्मी, लू और डीहाइड्रेशन से बचाने के लिए लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करना जरूरी है। जैसेकि- …………………… जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- नौतपा में लू से बचें: शरीर को रखें कूल, सुबह खाएं ये 8 फल, ये 9 ड्रिंक्स शरीर को भीतर से रखेंगे ठंडा नौतपा के 9 दिनों में गर्मी अपने चरम पर होती है। इस दौरान तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच जाता है। इसका सीधा असर शरीर पर पड़ता है। तेज धूप, लू और हाई टेम्परेचर से थकान, डीहाइड्रेशन, चक्कर और हीट स्ट्रोक का रिस्क बढ़ जाता है। पूरी खबर पढ़िए…

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