Urvashi Rautela Cannes 2026: बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला एक बार फिर कान्स फेस्टिवल (Cannes Film Festival 2026) के रेड कार्पेट पर अपने ग्लैमरस अंदाज से सुर्खियां बटोरती नजर आईं। ओपनिंग सेरेमनी में शानदार एंट्री के बाद अभिनेत्री ने दूसरी बार कान्स में ऐसा लुक कैरी किया, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया।
इस बार उर्वशी ने मोतियों, क्रिस्टल और रॉयल फैशन से भरपूर आउटफिट पहनकर रेड कार्पेट पर एंट्री की। खास बात यह रही कि उनके ड्रेस से ज्यादा चर्चा उनके लग्जरी क्राउन क्लच की हो रही है, जिसकी कीमत लाखों में बताई जा रही है।
Urvashi Rautela Cannes 2026
मोतियों और क्रिस्टल से सजा था उर्वशी का गाउन ‘फादरलैंड’ की स्क्रीनिंग के दौरान उर्वशी रौतेला ने डिजाइनर Tasmim Zobaear के स्प्रिंग/समर 2026 कलेक्शन का पीची-न्यूड गाउन पहना। यह आउटफिट पूरी तरह मोतियों, चमकदार क्रिस्टल और हैवी एम्बेलिशमेंट से सजा हुआ था।
Urvashi Rautela Cannes 2026
गाउन में डीप प्लंज नेकलाइन और हॉल्टर डिजाइन दिया गया था, जिसने उनके लुक को और ज्यादा ग्लैमरस बना दिया। बॉडी-फिटेड सिल्हूट के साथ फ्लोर-लेंथ स्कर्ट और साइड ड्रेपिंग डिटेलिंग ने पूरे आउटफिट को रॉयल टच दिया।
5 लाख रुपए के क्राउन क्लच ने खींचा ध्यान हालांकि उर्वशी का गाउन काफी चर्चा में रहा, लेकिन सबसे ज्यादा लाइमलाइट उनके हाथ में नजर आए क्राउन-शेप क्लच ने बटोरी। अभिनेत्री ने लग्जरी ब्रांड जुडीत लीदर का ‘क्राउन डायना’ क्लच कैरी किया था, जो प्रिंसेस डायना से इंस्पायर्ड बताया जा रहा है।
सिल्वर क्रिस्टल और पर्ल एम्बेलिशमेंट से सजा यह क्लच बेहद रॉयल लुक दे रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस लग्जरी एक्सेसरी की कीमत 5,995 डॉलर यानी करीब 5 लाख रुपये है।
Urvashi Rautela Cannes 2026
मेकअप और हेयरस्टाइल ने पूरा किया रॉयल लुक उर्वशी ने अपने पूरे लुक को बोल्ड और ग्लैमरस रखने के लिए डायमंड ईयररिंग्स चुने। वहीं मेकअप में उन्होंने ग्लोइंग स्किन, विंग्ड आईलाइनर, वॉल्यूमिनस लैशेज और ग्लॉसी न्यूड लिप्स के साथ क्लासिक हॉलीवुड टच दिया।
हेयरस्टाइल की बात करें तो अभिनेत्री ने सॉफ्ट विंटेज वेव्स और फेस-फ्रेमिंग कर्ल्स के साथ अपना लुक पूरा किया, जिसने उनके कान्स अपीयरेंस को और ज्यादा रॉयल बना दिया।
पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका ईरान तनाव का असर अब भारत की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी पर साफ दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रही तेजी, रुपये पर बढ़ता दबाव और विदेशी मुद्रा भंडार को लेकर गहराती चिंता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से बचत करने की अपील की है। हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों से एक वर्ष तक सोना खरीदने से बचने, विदेश यात्राएं टालने और जहां संभव हो वहां घर से काम करने जैसे उपाय अपनाने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है और होरमुज जलडमरूमध्य में बाधा आने से तेल की आपूर्ति को लेकर गंभीर संकट पैदा हो गया है। हम आपको बता दें कि यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में गिना जाता है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को ठुकराए जाने के बाद कच्चे तेल की कीमतें एक सौ पांच डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं, जिससे पूरी दुनिया में महंगाई और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
भारत अपनी जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। रुपये में कमजोरी आई है और आयात बिल लगातार बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना काल के दौरान देश ने घर से काम, वर्चुअल बैठकों और वीडियो संवाद जैसी व्यवस्थाओं को अपनाया था। अब समय आ गया है कि इन तरीकों को फिर से व्यापक रूप से अपनाया जाए ताकि ईंधन की खपत कम हो और विदेशी मुद्रा की बचत हो सके।
उन्होंने लोगों से मेट्रो रेल का अधिक उपयोग करने, कार पूल जैसी शेयरिंग व्यवस्था अपनाने और बिजली से चलने वाले वाहनों को प्राथमिकता देने की अपील की। साथ ही माल परिवहन को सड़कों की बजाय रेलमार्ग की ओर ले जाने की बात भी कही ताकि डीजल पर निर्भरता घटाई जा सके। हम आपको बता दें कि पश्चिम एशिया संकट के बाद भारत का ईंधन आयात खर्च तेजी से बढ़ा है और यदि होरमुज जलडमरूमध्य में बाधा लंबे समय तक बनी रही तो तेल की ऊंची कीमतें कई महीनों तक बनी रह सकती हैं।
प्रधानमंत्री की सबसे अधिक चर्चा में रही अपील सोने की खरीद को लेकर थी। उन्होंने कहा कि देशहित में नागरिकों को कम से कम एक वर्ष तक सोना खरीदने से बचना चाहिए। हम आपको बता दें कि भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयातकों में शामिल है और विवाह तथा त्योहारों के मौसम में इसकी मांग बहुत बढ़ जाती है। चूंकि सोना मुख्य रूप से विदेशों से आयात किया जाता है, इसलिए इसकी अधिक खरीद से डॉलर बाहर भेजना पड़ता है और भारत के घरेलू विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ता है।
अर्थशास्त्रियों के अनुसार भारत के लिए कच्चे तेल और सोने में एक समानता है। दोनों का बड़ा हिस्सा विदेशों से खरीदा जाता है और भुगतान अमेरिकी डॉलर में किया जाता है। जब तेल महंगा होता है और साथ ही सोने की मांग भी बढ़ जाती है, तब देश को आयात के लिए अधिक डॉलर खर्च करने पड़ते हैं। इससे चालू खाते का घाटा बढ़ता है और रुपये पर दबाव आता है। यही कारण है कि आर्थिक संकट के समय सरकारें अक्सर सोने के आयात को नियंत्रित करने के उपाय करती रही हैं। अतीत में भी आयात शुल्क बढ़ाने, आयात पर रोक लगाने और वैकल्पिक योजनाओं को बढ़ावा देने जैसे कदम उठाए जा चुके हैं।
प्रधानमंत्री ने लोगों से अनावश्यक विदेश यात्राएं, विदेशी पर्यटन और विदेशों में आयोजित होने वाले विवाह समारोह भी एक वर्ष तक टालने का आग्रह किया। उनका कहना था कि मध्यम वर्ग में विदेश घूमने और विदेश में विवाह करने का चलन तेजी से बढ़ा है, लेकिन मौजूदा वैश्विक संकट के समय विदेशी मुद्रा बचाना राष्ट्रीय आवश्यकता बन गया है।
इस बीच, अमेरिका ईरान युद्ध का असर वैश्विक सोना बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। आम तौर पर युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के समय निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश मानते हैं, जिससे इसकी कीमतें बढ़ती हैं। लेकिन इस बार स्थिति जटिल है क्योंकि तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई और ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे बने रहने की आशंका बढ़ गई है। ऊंची ब्याज दरों के कारण निवेशक सोने की बजाय ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इसी कारण युद्ध की अनिश्चितता के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
हम आपको यह भी बता दें कि प्रधानमंत्री ने केवल ईंधन और सोने तक ही अपनी अपील सीमित नहीं रखी। उन्होंने खाद्य तेल की खपत घटाने, रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करने और प्राकृतिक खेती तथा स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की भी बात कही। उनका कहना था कि किसी भी तरह विदेशी मुद्रा की बचत करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और देश को आत्मनिर्भर बनाने में हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।
हालांकि विपक्ष ने प्रधानमंत्री की इस अपील पर सवाल भी उठाए हैं। कांग्रेस ने कहा है कि सरकार ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है और अब आम लोगों पर बोझ डाल रही है। दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री की अपील को दूरदर्शी कदम बताते हुए कहा कि इससे भारत ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर बन सकेगा।
उधर, विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री का संदेश केवल सोना या ईंधन बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश को संभावित वैश्विक आर्थिक संकट के लिए तैयार करने का संकेत भी है। यदि तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहीं और सोने का आयात भी बढ़ता रहा, तो महंगाई, आयात बिल और रुपये पर दबाव और अधिक बढ़ सकता है। ऐसे में सरकार नागरिकों से संयम, बचत और स्वदेशी सोच अपनाने की अपील कर रही है ताकि वैश्विक संकट के बीच भारत की आर्थिक स्थिरता बनी रहे।
भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह इन दिनों अपने खेल से ज्यादा सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर चर्चा में आ गए हैं। अचानक उन्होंने अपने इंस्टाग्राम खाते से 200 से ज्यादा पोस्ट हटा दिए, जिसके बाद प्रशंसकों के बीच तरह-तरह की अटकलें शुरू हो गई हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी प्रोफाइल तस्वीर भी बदल दी है, जिससे यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है।
गौरतलब है कि हटाई गई पोस्टों में वह मशहूर वीडियो भी शामिल था, जिसमें विराट कोहली के साथ उनकी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की रील थी। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर 15 करोड़ से ज्यादा बार देखा गया था और क्रिकेट प्रशंसकों के बीच यह काफी लोकप्रिय हुआ था।
हालांकि अर्शदीप सिंह ने अब तक इस कदम के पीछे की वजह सार्वजनिक नहीं की है। मौजूद जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे निजी बदलाव, डिजिटल सफाई या नई पहचान बनाने की कोशिश बता रहे हैं। वहीं कुछ प्रशंसकों का मानना है कि हाल के विवादों के बाद उन्होंने यह फैसला लिया हो सकता है।
बता दें कि अर्शदीप ने अपनी टीम पंजाब किंग्स से जुड़ी सभी पोस्ट नहीं हटाई हैं। उनके प्रोफाइल परिचय में अभी भी पंजाब किंग्स का नाम मौजूद है। फिलहाल उनके खाते पर परिवार की तस्वीरें, क्रिकेट उपलब्धियां और कुछ प्रचार संबंधी पोस्ट दिखाई दे रही हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार, इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का सत्र अर्शदीप सिंह के लिए विवादों से भरा रहा है। सीजन के शुरुआती दौर में उन पर साथी खिलाड़ी तिलक वर्मा के खिलाफ कथित नस्लीय टिप्पणी करने का आरोप लगा था। सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि उन्होंने मजाकिया अंदाज में ऐसी टिप्पणी की थी, जिसे लेकर काफी आलोचना हुई थी।
इस मामले पर पूर्व भारतीय स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर यह विवाद और ज्यादा बढ़ गया था।
गौरतलब है कि इसके बाद अर्शदीप सिंह एक और विवाद में फंस गए थे, जब पंजाब किंग्स की हार के बाद उन्होंने एक प्रशंसक को स्नैपचैट पर कथित तौर पर नाराजगी भरा जवाब दिया था। इसी दौरान साथी खिलाड़ी प्रियंश आर्य से जुड़ी एक सोशल मीडिया पोस्ट भी वायरल हुई थी, जिस पर लोगों ने सवाल उठाए थे।
अगर मैदान पर प्रदर्शन की बात करें, तो अर्शदीप सिंह के लिए आईपीएल 2026 ज्यादा सफल नहीं रहा। उन्होंने 14 मैचों में सिर्फ 14 विकेट लिए और उनकी रन देने की औसत भी काफी ज्यादा रही। क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि लगातार विवादों और दबाव का असर उनके प्रदर्शन पर भी दिखाई दिया है।
फिलहाल अर्शदीप सिंह की ओर से इंस्टाग्राम पोस्ट हटाने को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है कि आखिर इस बड़े बदलाव के पीछे असली वजह क्या है।