ईरान ने अमेरिका के सामने रखीं पांच बड़ी शर्तें, कहा- मानोगे तभी आगे बढ़ेगी बातचीत का पहिया
Iran US Conflict: ईरानी मजलिस (संसद) की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी का कहना है कि अगर अमेरिका को अपना भरोसा बनाना है तो उसे पांच शर्तों पर हामी भरनी होगी. सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी मे उनके हवाले से इसकी जानकारी दी गई. अजीजी की इन पांच शर्तों में संघर्ष पर पूर्ण विराम लगाने से लेकर दोबारा हमला न करने की गारंटी का उल्लेख है.
ये हैं ईरान की मुख्य मांगें
अजीजी ने कहा, "ईरान की मुख्य मांगों में लेबनान समेत सभी मोर्चों पर संघर्ष खत्म करना, दोबारा हमला न करने की गारंटी, नौसैनिक नाकेबंदी हटाना, होर्मुज पर ईरानी सिस्टम को स्वीकार करना, ऑयल प्रतिबंध हटाना और ईरान की जब्त की प्रॉपर्टी वापस करना शामिल है." उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और इजरायल संघर्ष जल्दी खत्म करना चाहते थे, लेकिन ईरान के जवाब के बाद उन्हें संघर्षविराम और बातचीत का रास्ता अपनाना पड़ा.
5 शर्तें मानीं तो होगी चर्चा मुमकिन
अजीजी ने कहा कि अगर अमेरिका ये पांच शर्तें मानता है, तो आगे 30 और 60 दिनों की बातचीत के जरिए बाकी मुद्दों पर चर्चा मुमकिन है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को अमेरिका पर भरोसा नहीं है और दोनों देशों के बीच मतभेद सिर्फ अस्थायी नहीं बल्कि काफी गहरे हैं. अजीजी का ये बयान अमेरिका की ओर से मंगलवार सुबह होर्मुज में ईरानी बोट्स पर किए हमले के बाद सामने आया है. मेहर न्यूज एजेंसी ने आईआरजीसी के हवाले से बताया कि उन्होंने भी जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया.
एक दिन पहले ही संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने भी कहा था कि ईरान दबाव और धमकियों के आगे कभी नहीं झुकेगा. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मिलिट्री वॉर में हमारी पॉलिसी आंख के बदले आंख थी और डिप्लोमेसी लड़ाई में भी जवाब उसी तरह दिया जाएगा."
(स्रोत- आईएएनएस)
'देश के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे', PM मोदी के 12 साल के कार्यकाल की CM फडणवीस ने सराहा
पीएम नरेंद्र मोदी ने 26 मई को अपने कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं. इस मौके पर 'राष्ट्र निर्माण की तपपूर्ति' नामक लविशेष संग्रहणीय अंक का विमोचन मुंबई के प्रभादेवी में मौजूद नाट्यमंदिर में किया गया. इस मौके पर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने किया. इस मौके पर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण, मुंबई अध्यक्ष अमित साटम, मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, विधायक निरंजन डावखरे, संजय कुटे और सुनील राणे मौजूद थे. महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यकाल को बड़ी उपलब्धियों को गिनाया.
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा,'पीएम मोदी ने 12 वर्षों के कार्यकाल में यह साबित कर दिया कि देश पीएम नरेंद्र मोदी पीएम मोदी ने 26 मई को अपने कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं. इस मौके पर 'राष्ट्र निर्माण की तपपूर्ति' नामक लविशेष संग्रहणीय अंक का विमोचन मुंबई के प्रभादेवी में मौजूद नाट्यमंदिर में किया गया. इस मौके पर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने किया. इस मौके पर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण, मुंबई अध्यक्ष अमित साटम, मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, विधायक निरंजन डावखरे, संजय कुटे और सुनील राणे मौजूद थे. महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यकाल को बड़ी उपलब्धियों को गिनाया.
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा,'पीएम मोदी ने 12 वर्षों के कार्यकाल में यह साबित कर दिया कि देश का स्वाभिमान जागृत करके व्यापक परिवर्तन को लाया जा सकता है. मात्र अनुदानों पर निर्भर रहने की मानसिकता से बाहर आकर भारत को वैश्विक मंच पर सम्मानपूर्वक खड़ा करने कार्य पीएम मोदी ने किया है. उन्होंने इतना ही नहीं, 'मेक इन इंडिया' अभियान को आगे बढ़ाते हुए देश को 'मेक फॉर वर्ल्ड' की दिशा में ले जाने में भी अहम योगदाना रहा है.'
भारत उभरती हुई वैश्विक शक्ति बना- फडणवीस
सीएम ने कहा,'जो भारत पहले एक याचक राष्ट्र के रूप में देखा जाता था, उसे एक उभरती हुई वैश्विक शक्ति बनाने का काम पीएम मोदी ने किया है. पीएम नरेंद्र मोदी 26 मई 2026 को अपने कार्यकाल के 12 वर्ष पूर्ण कर रहे हैं. उनके दूरदर्शी, परिवर्तनकारी और सफल अगुवाई में यह कालखंड देश और सभी भारतीयों के लिए एक वरदान की तरह है.'
अहम योजनाओं के जरिए जनहित में बड़े काम किए
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से बीते 12 वर्षों में किया गया कार्य काफी व्यापक और अहम है. इसे एक पुस्तक में समेटना काफी कठिन है. उन्होंने कहा, 'देश के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे, इसके लिए उन्होंने निरंतर प्रयास किया. 'हर घर शौचालय' और 'उज्ज्वला गैस योजना' जैसी अहम योजनाओं के जरिए जनहित में बड़े काम किए. सरकार ने लोगों को मात्र केवल अनुदान पर निर्भर न रका खते हुए गरीब-केन्द्रित विकास का एजेंडा अपनाया गया. इसका परिणाम है कि बीते 10 वर्षों में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने का प्रयास किया.'
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation




















