Nautapa 2026: नौतपा में गलती से भी न पहनें इन रंगों और फैब्रिक के कपड़े, वरना गर्मी से बुरी तरह तप जाएगा शरीर
Nautapa 2026: 25 मई से नौपता की शुरुआत हो चुकी है. माना जाता है कि इन 9 दिनों के दौरान सूरत की सीधी किरणें धरती पर पड़ती हैं और इस वजह से बहुत ज्यादा गर्मी पड़ती है. ये 9 दिन बहुत सावधानी से रहने वाले माने जाते हैं. क्योंकि तेज धूप, गर्म हवाओं और उमस की वजह से बीमार होने की संभावना बढ़ जाती है. शरीर को अंदर से ठंडा रखने के साथ ही बाहर से भी गर्मी से बचाने की जरूरत होती है. ऐसे में जरूरी है कि आप सही कपड़े पहनें.
कई राज्यों में टेम्परेचर 42 से 45 डिग्री तक पहुंच चुका है. इस दौरान दिन के समय बाहर निकलने से बचना, पानी भरपूर मात्रा में पीना, हल्का जल्दी पचने वाला खाना, बाहर के फूड्स को अवॉइड करना और मौसमी फल को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए. वहीं कपड़ें आपको गर्मी से बचाने में बहुत मायने रखते हैं. चलिए जानते हैं कौन से ऐसे रंग और फैब्रिक के कपड़े है जिनमें गर्मी ज्यादा लगती है.
गर्मियों में कौन से फैब्रिक करें अवॉइड?
नौपता के दौरान भीषण गर्मी और लू से बचने के लिए सिंथेटिक कपड़े पहनने से बचना चाहिए. जैसे पॉलिएस्टर, नायलॉन, एक्रिलिक, स्पैन्डेक्स और लेदर. ये फैब्रिक पसीना नहीं सोख पाते हैं और इस वजह से न सिर्फ आपको गर्मी बहुत ज्यादा लगती है, बल्कि ये गर्मी को रोकते हैं. इस तरह के कपड़े पहनने से फंगल इंफेक्शन, रैशेज और घमौरियो जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.
किन रंगों के कपड़े नहीं पहनने चाहिए?
गर्मी के दौरान आपको ऐसे कपड़े पहनने चाहिए जो आपको आरामदायक फील कराएं, कपड़ों का सही फैब्रिक चुनने के साथ ही ये भी जरूरी है कि रंग भी मौसम के हिसाब से चुनें. कुछ रंग गर्मी को सोखते हैं और आपको हीट फील करवा सकते हैं. तेज गर्मी के दौरान ब्लैक, नेवी ब्लू, डार्क रेड जैसे बहुत ज्यादा वाइब्रेंट रंग के कपड़े न पहनें. नौतपा में आप पेस्टल कलर कॉम्बिनेशन को ट्राई कर सकते हैं. जैसे डस्की पिंक, पीच, वाइट, पाउडर ब्लू, मिंट ग्रीन, क्रीम कलर, लैवेंडर, लाइट लेमन कलर बेस्ट रहते हैं.
नौपता में फिटेड कपड़े न पहनें
नौपता के दौरान कपड़ों के फैब्रिक और रंग तो सही चुनने ही चाहिए, लेकिन आप इस दौरान बहुत ज्यादा फिटेड कपड़े भी पहनने से बचें. इससे न सिर्फ आपको गर्मी की वजह से एंग्जायटी महसूस हो सकती है, बल्कि स्किन पर रैशेज बन सकते हैं. इसके अलावा आपको घमौरिया हो सकती हैं और फंगल इंफेक्शन का खतरा भी बन सकता है.
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Bonus Shares क्या होते हैं और कंपनियां इन्हें क्यों करती हैं जारी?
अब जब आपने शेयर बाजार में कदम रख दिया है तो आपको संभावित नुकसान के जोखिम को कम करने के लिए कई बातों को ध्यान में रखते हुए शेयरों की खरीद-बिक्री करनी चाहिए. ऐसे में अगर यदि आपने अपने दोस्तों या Share Market में रुचि रखने वाले अन्य लोगों से "Bonus Shares" के बारे में सुना है तो आपको यह जान लेना चाहिए कि ये क्या होते हैं और इनसे आपको क्या फायदे मिल सकते हैं. बोनस शेयर उन स्थितियों को कहते हैं जब कोई कंपनी अपने निवेशकों से बिना किसी एक्स्ट्रा पैसा की मांग किए फ्री में नए शेयर जारी करती है. दूसरे शब्दों में इन्हें शेयर खरीदने वालों के लिए एक तरह का इनाम भी कहा जा सकता है.
Bonus Shares कैसे काम करते हैं?
आप यहां एक उदाहरण के जरिए समझ सकते हैं कि बोनस शेयर कैसे काम करते हैं. मान लीजिए आपके पास किसी कंपनी के 100 शेयर हैं और कंपनी 1:1 बोनस देने की घोषणा करती है. ऐसी स्थिति में आपको 100 अतिरिक्त शेयर फ्री में मिलेंगे. इसका मतलब है कि अब आपके पास कुल 200 शेयर होंगे. इसके अलावा यदि कंपनी 2:1 बोनस की घोषणा करती है तो आपके पास मौजूद हर एक शेयर के बदले आपको दो नए शेयर मिलेंगे. हालांकि शेयर का इंवेस्टमेंट वैल्यू उतना ही रहता है जितना पहले था.
कंपनियां Bonus Shares क्यों देती हैं?
कंपनियां एक मजबूत कॉर्पोरेट छवि पेश करने और निवेशकों का भरोसा बढ़ाने के लिए बोनस शेयर जारी करती हैं. इसके अलावा ऐसा शेयरों की कीमत कम करने के लिए भी किया जाता है जिससे छोटे निवेशकों के लिए उन्हें खरीदना ज्यादा आसान हो जाता है. आम तौर पर बोनस शेयर उन कंपनियों द्वारा जारी किए जाते हैं जिनकी कमाई और रिजर्व मजबूत होते हैं.
क्या Bonus Shares से फायदा होता है?
किसी कंपनी से बोनस शेयर मिलने पर आपके पास मौजूद शेयरों की कुल संख्या बढ़ जाती है. हालांकि कंपनी का कुल वैल्यू तुरंत नहीं बदलता लेकिन अगर कंपनी अच्छी ग्रोथ करती है तो आपको लंबे समय में इसका फ़ायदा मिल सकता है. इसके अलावा बोनस शेयर जारी होने पर वे अपने-आप आपके Demat अकाउंट में जमा हो जाते हैं.
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