आज के समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लगातार यूजर्स को जोड़ने के लिए नए-नए फीचर्स पेश कर रहे हैं और इसी कड़ी में इंस्टाग्राम ने एक नया फीचर “इंस्टैंट्स” लॉन्च किया है, जिसके जरिए यूजर्स अब बिना किसी एडिटिंग के सीधे अपनी तस्वीरें दोस्तों को भेज सकेंगे। यह तस्वीरें देखने के बाद अपने आप गायब हो जाएंगी और इसका मकसद ज्यादा रियल और तुरंत साझा किए जाने वाले पलों को बढ़ावा देना है।
मौजूदा जानकारी के अनुसार यह फीचर वैश्विक स्तर पर उपलब्ध करा दिया गया है और कुछ देशों में इसका अलग स्टैंडअलोन ऐप भी टेस्ट किया जा रहा है। इंस्टाग्राम के प्रमुख एडम मोसेरी के अनुसार यह फीचर उन यूजर्स के लिए बनाया गया है जो अपने दिन-प्रतिदिन के साधारण और वास्तविक पलों को बिना किसी फिल्टर या एडिट के शेयर करना चाहते हैं, क्योंकि अब बहुत से लोग प्रोफाइल पर कम पोस्ट कर रहे हैं।
इस नए फीचर में यूजर इंस्टाग्राम इनबॉक्स के नीचे दाईं ओर दिखने वाले कैमरा आइकन से फोटो क्लिक करके उसे सीधे अपने करीबी दोस्तों या उन लोगों को भेज सकते हैं जो उन्हें फॉलो करते हैं और बदले में खुद भी फॉलो किए जाते हैं। एक बार फोटो खोलने के बाद वह गायब हो जाती है और उसे दोबारा नहीं देखा जा सकता है।
गौरतलब है कि इसमें किसी भी तरह के एडिटिंग टूल्स नहीं दिए गए हैं, केवल फोटो लेने से पहले कैप्शन लिखने का विकल्प मिलता है। तस्वीर भेजने के तुरंत बाद उसे वापस लेने का बहुत सीमित समय मिलता है, जिसके बाद वह सीधे रिसीवर के इनबॉक्स में पहुंच जाती है।
इंस्टाग्राम ने इसमें सुरक्षा को भी शामिल किया है, जिसमें स्क्रीनशॉट और स्क्रीन रिकॉर्डिंग को रोकने जैसे फीचर्स जोड़े गए हैं। साथ ही यह फीचर टीन अकाउंट्स और पैरेंटल कंट्रोल सिस्टम से भी जुड़ा है, जिससे माता-पिता अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं और उनका स्क्रीन टाइम भी कंट्रोल किया जा सकता है।
मौजूद जानकारी के अनुसार भेजी गई तस्वीरें भले ही दूसरों के लिए गायब हो जाती हों, लेकिन भेजने वाले के लिए वे एक निजी आर्काइव में एक साल तक सुरक्षित रहती हैं, जिससे बाद में उन्हें “रीकैप” के रूप में स्टोरी में साझा भी किया जा सकता है।
इसके अलावा इंस्टाग्राम इस फीचर के साथ एक अलग स्टैंडअलोन ऐप भी चुनिंदा देशों में टेस्ट कर रहा है, जिसका उद्देश्य यूजर्स को तेजी से कैमरा एक्सेस देना है। यह ऐप सीधे इंस्टाग्राम अकाउंट से जुड़ा रहेगा और इससे भेजी गई तस्वीरें मुख्य ऐप पर भी दिखाई देंगी।
कुल मिलाकर इंस्टाग्राम का यह नया फीचर सोशल मीडिया पर अधिक सरल, तेज और वास्तविक संवाद को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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अब कार चलाने का अनुभव पहले से ज्यादा स्मार्ट और आधुनिक होने वाला हैं। गूगल ने एंड्रॉयड ऑटो और गूगल बिल्ट-इन सिस्टम वाली कारों के लिए कई बड़े अपडेट पेश किए हैं। कंपनी का दावा है कि इन नए फीचर्स से दुनियाभर की 25 करोड़ से ज्यादा कारों में ड्राइविंग अनुभव बेहतर और ज्यादा सुविधाजनक बनेगा।
मौजूद जानकारी के अनुसार, एंड्रॉयड ऑटो को अब नया “मटेरियल 3 एक्सप्रेसिव” डिजाइन दिया गया हैं, जो आधुनिक स्मार्टफोन इंटरफेस जैसा दिखाई देगा। ड्राइवर अपनी कार की स्क्रीन को अपनी पसंद के अनुसार बदल सकेंगे। इसमें मौसम की जानकारी, पसंदीदा संपर्क, बड़ी घड़ी और यहां तक कि पालतू जानवरों की तस्वीरें भी स्क्रीन पर दिखाई जा सकेंगी।
बता दें कि नई प्रणाली अलग-अलग आकार की स्क्रीन के हिसाब से खुद को ढाल लेगी। चाहे गोल डिस्प्ले हो या बड़ी चौड़ी स्क्रीन, हर जगह साफ और व्यवस्थित जानकारी दिखाई देगी ताकि ड्राइविंग के दौरान ध्यान भटकने की संभावना कम रहे।
गूगल मैप्स में भी बड़ा बदलाव किया गया हैं। अब नक्शे पहले से ज्यादा स्पष्ट और त्रिआयामी अंदाज में दिखाई देंगे। इमारतें, पुल, ट्रैफिक सिग्नल, लेन और रास्तों की जानकारी ज्यादा साफ नजर आएगी। इससे जटिल मोड़ों और व्यस्त सड़कों पर रास्ता समझना आसान होगा।
गौरतलब है कि कुछ गाड़ियों में आगे लगे कैमरों की मदद से लाइव लेन गाइडेंस भी मिलेगा। यह फीचर ड्राइवर को सही लेन चुनने और समय पर मोड़ लेने में मदद करेगा।
मनोरंजन के लिए भी कई नए विकल्प जोड़े गए हैं। इस साल के आखिर तक कुछ चुनिंदा कारों में यूट्यूब वीडियो चलाने की सुविधा दी जाएगी। यह सुविधा बीएमडब्ल्यू, फोर्ड, जेनेसिस, हुंडई, किया, महिंद्रा, मर्सिडीज, रेनॉ, स्कोडा, टाटा और वोल्वो जैसी कंपनियों की गाड़ियों में उपलब्ध होगी। हालांकि सुरक्षा कारणों से वीडियो केवल गाड़ी पार्क होने या चार्जिंग के दौरान ही चल सकेंगे।
इसके अलावा डॉल्बी एटमॉस ऑडियो और संगीत ऐप्स के लिए नया इंटरफेस भी जोड़ा जा रहा हैं, जिससे कार में संगीत सुनने का अनुभव और बेहतर होगा।
गूगल की जेमिनी एआई भी अब इन सिस्टम का अहम हिस्सा बनने जा रही हैं। एंड्रॉयड ऑटो में यह संदेश, ईमेल और कैलेंडर से जानकारी लेकर ड्राइवर की मदद करेगी। वहीं गूगल बिल्ट-इन कारों में यह गाड़ी से जुड़े सवालों के जवाब भी दे सकेगी, जैसे डैशबोर्ड पर दिखने वाली चेतावनी का मतलब या सामान रखने की जगह की जानकारी।
जानकारों का मानना है कि इलेक्ट्रिक और स्मार्ट कारों की बढ़ती मांग के बीच गूगल का यह अपडेट ऑटोमोबाइल तकनीक को नई दिशा दे सकता हैं। खासतौर पर भारत में महिंद्रा और टाटा जैसी कंपनियों की गाड़ियों में इन सुविधाओं का आना ग्राहकों के लिए बड़ा बदलाव माना जा रहा हैं।
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