कौन हैं गुरिंदरवीर सिंह? जिन्होंने 100 मीटर का तोड़ा रिकॉर्ड, सचिन तेंदुलकर से लेकर आनंद महिंद्रा हुए फैन
पंजाब के धावक गुरिंदरवीर सिंह इस वक्त सुर्खियों में छाए हुए हैं. उन्होंने कारनामा ही ऐसा किया है. दरअसल गुरिंदरवीर सिंह ने रांची में आयोजित फेडरेशन कप एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 2 दिनों में दो बार पुरुषों की 100 मीटर नेशनल रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है. गुरिंदरवीर ने शनिवार, 23 मई को फाइनल में 10.09 सेकंड का समय लेकर शानदार वापसी की और 10.10 सेकंड से कम समय में 100 मीटर दौड़ पूरी करने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए, जिसके बाद उन्होंने अनिमेष कुजूर से नेशनल रिकॉर्ड वापस हासिल किया. इसी के साथ गुरिंदरवीर ने राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों दोनों के लिए क्वालीफाई भी कर लिया.
गुरिंदरवीर सिंह के फैन हुए सचिन तेंदुलकर
भारतीय क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर भी गुरिंदरवीर सिंह के फैन हो गए हैं. सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर गुरिंदरवीर सिंह उनकी इस उपलब्धि को लेकर तारीफ की है. सचिन तेंदुलकर ने एक्स पर लिखा, "गुरिंदरवीर सिंह के सबसे तेज भारतीय धावक बनने पर मुझे बेहद गर्व है. यह एक शानदार उपलब्धि है. चैंपियन, ऐसे ही आगे बढ़ते रहो!"
Incredibly proud of Gurindervir Singh for becoming the fastest Indian ever. What a phenomenal achievement. Keep sprinting ahead, champion! ???????? https://t.co/17U6JdejHo
— Sachin Tendulkar (@sachin_rt) May 25, 2026
आनंद महिंद्रा ने भी गुरिंदरवीर सिंह की जमकर तारीफ की
बिजनेस टाइकून आनंद महिंद्रा ने भी गुरिंदरवीर सिंह के इस उपलब्धि का अपना रिएक्शन दिया है. महिंद्रा ने लिखा, “नए 'फ्लाइंग सिख' पिछले सप्ताह सुर्खियों में खूब छाए रहे और शायद एथलेटिक्स में 100 मीटर स्प्रिंट जैसा कोई और इवेंट दुनिया को इतना आकर्षित नहीं करता. जब हम स्कूल में थे तब हमने साल 1968 के मैक्सिको ओलंपिक में जिम हाइन्स को 10 सेकंड का बैरियर तोड़ते देखा था. उस समय, उस वक्त भारत इस रेस में शामिल होगा ये कल्पना से परे था."
The idea of an all-new ‘Flying Sikh’ understandably captured headlines this past weekend.
— anand mahindra (@anandmahindra) May 25, 2026
And perhaps no event in athletics grips the world quite like the 100 metres sprint. The search for the world’s fastest human being.
As schoolchildren, we watched Jim Hines break the… pic.twitter.com/WsZJJ6lpAh
कौन हैं गुरिंदरवीर सिंह?
गुरिंदरवीर के पिता, कमलजीत सिंह, वॉलीबॉल खिलाड़ी थे और पंजाब और पंजाब पुलिस का प्रतिनिधित्व थे. गुरिंदरवीर के खेल जीवन की शुरुआत भी उनके पिता से हुई. बचपन में दिवाली की सफाई के दौरान पिता के मेडल और ट्रॉफियां देखकर उनके मन में खेल के प्रति जुनून पैदा हुआ. गांव के साधारण मैदानों में प्रैक्टिस करते हुए मुश्किल परिस्थितियों में उन्होंने अपनी दौड़ को जारी रखी. गुरिंदरवीर सिंह को उनके पिता से भी काफी सपोर्ट मिला. बाद में जालंधर के कैम्ब्रिज स्कूल में कोच सरबजीत सिंह हैप्पी ने गुरिंदरवीर को कोचिंग दिया. उनकी देखरेख में गुरिंदरवीर ने जूनियर लेवल पर शानदार प्रदर्शन करने शुरू किया और अब इतिहास रच दिया है.
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