ध्रुव राठी के ‘PM मोदी को अपमानित करो’ बयान पर भड़कीं रुपाली गांगुली, बोलीं- ‘हमें तुम्हारे जैसे यूट्यूबर की...'
Rupali Ganguly Slams Dhruv Rathee: यूट्यूबर ध्रुव राठी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित बयान दिया दिया था. जिसके बाद उनकी पोस्ट को लेकर जबरदस्त बहस छिड़ गई है. ध्रुव राठी ने अपनी पोस्ट में कहा था कि पीएम मोदी को जहां भी जाएं वहां 'अपमानित' किया जाना चाहिए. उनके इस बयान पर अब टीवी इंडस्ट्री की पॉपुलर एक्ट्रेस रुपाली गांगुली (Rupali Ganguly) ने कड़ा रिएक्शन दिया. साथ ही खुलकर पीए मोदी के सपोर्ट में बोलीं.
रुपाली गांगुली ने ध्रुव राठी को करारा जवाब देते हुए कहा कि हमें विदेश में बैठे यूट्यूबर की जरूरत नहीं है जो भारत से डिस्कनेक्ट हो और उसकी ग्राउंड रियलिटी के बारे में नहीं जानता हो.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, ये पूरा विवाद तब शुरू हुआ, जब यूट्यूबर ध्रुव राठी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर करीब 5-6 दिन पहले पोस्ट करते हुए लिखा कि पीएम नरेंद्र मोदी जहां भी जाएं उन्हें अपमानित किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने 12 साल में एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की और उन्हें जवाबदेही दिखानी चाहिए. उनके इस बयान के बाद लोगों ने उनकी खूब आलोचना की. कई यूजर्स ने उनके शब्दों को प्रधानमंत्री पोस्ट का अपमान बताया. अब इसी विवाद में टीवी की पॉपुलर एक्ट्रेस रुपाली गांगुली भी खुलकर सामने आ गई हैं.
रुपाली गांगुली ने किया PM मोदी सपोर्ट
रुपाली गांगुली ने ध्रुव राठी के पोस्ट को रीपोस्ट करते कहा, 'जिस नेता को दुनिया भर के देश लगातार अपने सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों से नवाज कर रहे हैं. उनके लिए 'अपमान' शब्द सुनना बहुत फनी लगा. रुपाली ने आगे लिखा कि पीएम मोदी आज वर्ल्ड के सबसे सम्मानित लीडर्स में शामिल हैं और वह दुनिया के सबसे बड़े डेमोक्रेसी के पीएम हैं.वे पिछले 25 वर्षों से लगातार लोकतांत्रिक चुनाव जीतते आ रहे हैं'. उन्होंने कहा, ‘करोड़ों भारतीय उनसे प्यार करते हैं, उन पर भरोसा करते हैं और उनका सम्मान करते हैं.’
It’s funny hearing the word “humiliation” for Our Prime Minister, a leader who is continuously being honoured by countries around the world with their top civilian awards. My PM is among the most internationally respected and honoured leaders in the world today, and he is the… https://t.co/Cns8Ixae0Y
— Rupali Ganguly (@TheRupali) May 25, 2026
‘हमें किसी यूट्यूबर की जरूरत नहीं’
रुपाली गांगुली ने अपने पोस्ट में ध्रुव राठी पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत की तरक्की का फैसला इंडियन खुद कर सकते हैं. उन्होंने लिखा, ‘भारत के 1.4 अरब लोग इतने कैपेबल हैं कि वो खुद तय कर सकें कि उनके देश के लिए क्या सही है. हमें विदेश में बैठे किसी यूट्यूबर की जरूरत नहीं है, जो भारत की ग्राउंड रियलिटी से कटकर खुद को हमारा प्रवक्ता बताने की कोशिश करे.’ एक्ट्रेस ने यह भी कहा कि कुछ लोग अपने पूरे ऑनलाइन करियर को सिर्फ भारत की आलोचना, डर फैलाने और मजाक उड़ाने पर बना लेते हैं.
बता दें कि ध्रुव राठी इससे पहले भी अपनी वीडियो और बयान की वजहे से विवादों में रह चुके हैं. सोशल मीडिया पर अक्सर उनके वीडियो को लेकर बहस होती रहती है. कई लोग उन्हें सरकार का आलोचक मानते हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग उन पर एकतरफा नैरेटिव फैलाने का आरोप लगाते रहे हैं.
रुपाली गांगुली के बारे में जानिए
रुपाली गांगुली टीवी इंडस्ट्री की जानी-मानी एक्ट्रेस हैं. इस समय में वह स्टार प्लस के अनुपमा सीरियल में नजर आ रही हैं. इस शो की टीआरपी सबसे टॉप शो में गिनी जाती है. इतना ही नहीं रुपाली टीवी इंडस्ट्री की सबसे ज्यादा फीस लेने वाली एक्ट्रेस में शामिल हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 2000 सुकन्या से की थी. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और कई हिट शो का हिस्सा रहीं. उन्होंने बिग बॉस 1 और खतरों के खिलाड़ी 2 में भी हिस्सा लिया था.
नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामला, सर्वोच्च न्यायालय सख्त, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी से जवाब तलब
नीट यूजी 2026 को लेकर एक बार फिर पेपर लीक का मामला चर्चा में आ गया है. यह मामला सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया तक पहुंच चुका है. सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई शुरू की है, जिससे यह साफ हो गया है कि अदालत इस विषय को बहुत गंभीरता से देख रही है.
कार्यप्रणाली को लेकर गहराई से चिंतित
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने परीक्षा कराने वाली संस्था नेशनल टेस्ट एजेंसी यानी एनटीए से जवाब तलब किया है. अदालत ने पूछा है कि आखिर बार-बार ऐसी शिकायतें क्यों सामने आ रही हैं और अब तक इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं. कोर्ट की टिप्पणी से यह भी साफ हुआ कि वह इस पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली को लेकर गहराई से चिंतित है.
सामाजिक जिम्मेदारी के तौर पर भी देख रहा
अदालत ने यह भी कहा कि परीक्षा प्रणाली में गंभीर खामियां सामने आ रही हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. नीट जैसी परीक्षा लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी होती है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की लापरवाही सीधे तौर पर छात्रों के जीवन पर असर डालती है. यही वजह है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले को सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी के तौर पर भी देख रहा है.
सुधार की दिशा में कदम बढ़ाना है
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह टिप्पणी भी की कि एनटीए ने अब तक पहले की घटनाओं से कोई खास सबक नहीं सीखा है. यह बात अदालत की चिंता को और बढ़ाती है, क्योंकि जब बार-बार एक ही तरह की शिकायतें सामने आती हैं तो व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है. हालांकि कोर्ट ने यह भी साफ किया कि उसका मकसद किसी संस्था को दोष देना नहीं, बल्कि सुधार की दिशा में कदम बढ़ाना है.
इस पूरे मामले को लेकर देशभर में छात्रों के बीच चिंता का माहौल है. लाखों युवा जो दिन-रात मेहनत करके इस परीक्षा की तैयारी करते हैं, उनके मन में यह सवाल है कि क्या परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित है या नहीं. पेपर लीक जैसी खबरें उनके आत्मविश्वास को भी प्रभावित करती हैं और मेहनत पर असर डालती हैं.
गोपनीयता पर ध्यान देने की बात कही
कोर्ट ने साफ कहा कि नीट जैसी राष्ट्रीय परीक्षा में पारदर्शिता सबसे जरूरी है. अगर परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर कमजोरी रहती है, तो उसका सीधा असर पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता पर पड़ता है. इसलिए परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना जरूरी माना गया है. कोर्ट ने विशेष रूप से डिजिटल सुरक्षा और प्रश्न पत्र की गोपनीयता पर ध्यान देने की बात कही है.
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