फ्रांस के बॉरदॉ शहर में मैच खत्म होते ही इंग्लैंड की महिला रग्बी टीम (रेड रोजेज) की खिलाड़ी एक-दूसरे से गले मिल रही थीं। स्कोरबोर्ड पर 43-28 चमक रहा था। जीत के साथ इंग्लैंड ने लगातार आठवीं बार विमंस सिक्स नेशंस खिताब और लगातार पांचवां ग्रैंड स्लैम अपने नाम कर लिया था। लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह रही कि टीम की कई खिलाड़ियों को यह भी ठीक से याद नहीं था कि उनकी जीतों का सिलसिला अब 38 मैच तक पहुंच चुका है। यह वही टीम है, जिसने 2022 महिला रग्बी वर्ल्ड कप फाइनल में न्यूजीलैंड से आखिरी मिनटों में हार झेली थी। 31-34 की वह हार आज भी खिलाड़ियों को याद है। लेकिन उसी हार के बाद रेड रोजेज ने खुद को ऐसे बदला कि अब उन्हें रोकना लगभग नामुमकिन लगने लगा है। पिछले सात वर्षों में इंग्लैंड ने सिर्फ एक मैच गंवाया है। कप्तान मेग जोन्स कहती हैं, ‘हम रिकॉर्ड नहीं गिनते। हम सिर्फ अगले मैच और खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान देते हैं।’ शायद यही वजह है कि यह टीम सिर्फ जीत नहीं रही, बल्कि खेल में एक नया मानक बना रही है। दिलचस्प बात यह है कि इंग्लैंड की मौजूदा टीम अपनी पूरी ताकत के साथ भी नहीं खेल रही। कई अहम खिलाड़ी चोट के कारण बाहर हैं और चार खिलाड़ी प्रेग्नेंट हैं। इसके बावजूद टीम की रफ्तार नहीं रुकी। फ्रांस ने हाल के वर्षों में इंग्लैंड को चुनौती देना शुरू किया है। इस बार भी फ्रांस ने दूसरे हाफ में वापसी की कोशिश की, लेकिन इंग्लैंड ने दबाव में भी मैच हाथ से नहीं जाने दिया। इंग्लैंड की स्टार खिलाड़ी सारा बर्न कहती हैं, ‘अगर यह टीम एक बार हारती भी है, तो दोबारा हारना नहीं चाहेगी। हम हमेशा बेहतर बनने की कोशिश करते हैं।’ सारा के मुताबिक टीम का लक्ष्य सिर्फ जीतना नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे बेहतरीन खेल टीम बनना है।
अब सवाल सिर्फ इतना है कि आखिर इंग्लैंड को हराएगा कौन? अगली चुनौती फिर न्यूजीलैंड होगी। लेकिन अगर कभी यह टीम हार भी गई, तो शायद उनकी सोच नहीं बदलेगी। मेग जोन्स के शब्दों में, ‘सूरज अगली सुबह फिर उगेगा, और हम वही रहेंगे।’ 2019 में मिला था फुल टाइम प्रोफेशनल कॉन्ट्रैक्ट इस सफलता के पीछे सिर्फ प्रतिभा नहीं, बल्कि मजबूत सिस्टम भी है। 2019 में इंग्लैंड ने महिला खिलाड़ियों को फुल-टाइम प्रोफेशनल कॉन्ट्रैक्ट देना शुरू किया था। पिछले साल रग्बी फुटबॉल यूनियन ने महिला रग्बी में करीब 195 करोड़ रुपए का निवेश किया। इसके उलट पिछले वर्ल्ड कप की फाइनलिस्ट कनाडा को टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए क्राउडफंडिंग करनी पड़ी थी। यही अंतर बताता है कि निवेश व सुविधाएं किसी टीम को कितना बदल सकती हैं।
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न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर साइमन डौल ने कहा कि वह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) क्वालीफायर वन में गुजरात टाइटन्स (जीटी) के खिलाफ होने वाले मैच में विराट कोहली के साथ वेंकटेश अय्यर को ही सलामी बल्लेबाज के रूप में खिलाएंगे। उनका मानना है कि चोट के बाद वापसी कर इंग्लैंड के बल्लेबाज फिल साल्ट के लिए तुरंत अच्छा प्रदर्शन करना आसान नहीं होगा। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और गुजरात टाइटन्स (जीटी) के बीच होने वाले क्वालीफायर वन से आईपीएल 2026 के पहले फाइनलिस्ट का फैसला होगा। आरसीबी अपनी सलामी जोड़ी को लेकर दुविधा में है कि क्या फिल साल्ट को फिर से सलामी दी जाए और उनसे लंबे समय बाद अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जाए, या सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के खिलाफ प्रभावशाली पारी खेलने वाले वेंकटेश को सलामी दी जाए।
फिल साल्ट की गैरमौजूदगी में दो बार 20 रन का आंकड़ा पार कर पाने वाले जैकब बेथेल चोट के कारण आईपीएल से बाहर हो गए हैं और इंग्लैंड लौट गए हैं। स्टार स्पोर्ट्स के 'क्रिकेट लाइव' पर जियोस्टार के विशेषज्ञ साइमन ने कहा कि मैं विराट कोहली के साथ सलामी बल्लेबाज के तौर पर वेंकटेश अय्यर को ही चुनूंगा। फिल साल्ट साढ़े तीन हफ्ते से बाहर हैं। लंबे समय तक मैदान से दूर रहने के बाद वापसी करना, खासकर उंगली की चोट के बाद, कभी आसान नहीं होता। वह एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं और उन्होंने आरसीबी और इंग्लैंड के लिए टी20 में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन मैच फिटनेस और शॉट टाइमिंग वापस आने में समय लगता है। प्लेऑफ इसके लिए सही जगह नहीं है।
साइमन ने एसआरएच के खिलाफ वेंकटेश की 19 गेंदों में खेली गई तूफानी 44 रनों की पारी और पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के खिलाफ निचले क्रम में लगाए गए विस्फोटक अर्धशतक का जिक्र करते हुए विराट के साथ उनके "मजबूत तालमेल" को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि हां, साल्ट का विराट के साथ साझेदारी का रिकॉर्ड बेहतर है, लेकिन क्रिकेट में आप हमेशा फॉर्म में चल रहे खिलाड़ी को ही मौका देते हैं। फॉर्म प्रतिष्ठा से ज्यादा मायने रखता है, खासकर नॉकआउट मैचों में। सबसे बड़ा जोखिम उस खिलाड़ी को टीम में शामिल करना है जिसने हफ्तों से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेला है। मैं वेंकटेश को शीर्ष क्रम में ही खिलाना जारी रखूंगा। फिल साल्ट बेंच पर बैठने के लिए बहुत अच्छे विकल्प हैं, लेकिन फिलहाल वेंकटेश अपनी जगह बनाए रखने के हकदार हैं।
आईपीएल के पांच मैचों में ओपनिंग और मिडिल ऑर्डर में चार-चार पारियों में उन्होंने 79.00 के औसत और 177.52 के स्ट्राइक रेट से 158 रन बनाए हैं, जिसमें एक अर्धशतक और 73* का सर्वश्रेष्ठ स्कोर शामिल है। बल्लेबाजी में आई गिरावट के दौरान इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में हो या टॉप ऑर्डर द्वारा बनाई गई लय को बरकरार रखते हुए मिडिल ऑर्डर में खेलते हुए, वेंकटेश ने हर भूमिका में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। टॉप ऑर्डर में छह पारियों में उन्होंने 33.66 के औसत और 168 से अधिक के स्ट्राइक रेट से 202 रन बनाए हैं, जिसमें दो अर्धशतक और 78 का सर्वश्रेष्ठ स्कोर शामिल है।
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