भारत में क्रिएटर्स के लिए बढ़ रहे मौके, जॉब पोस्टिंग में बीते छह वर्षों में आया 900 प्रतिशत का उछाल : रिपोर्ट
नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। भारत की क्रिएटर अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और 2020 से 2026 की शुरुआत में क्रिएटर से जुड़ी जॉब पोस्टिंग में 919 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है। यह जानकारी सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।
जॉब सर्च वेबसाइट इनडीड ने कहा कि क्रिएटर रोल 2020 में लगभग हर 1,000 मार्केटिंग नौकरियों में से 1 का प्रतिनिधित्व करती थीं, अब लगभग हर 100 में से 1 का प्रतिनिधित्व करती हैं।
रिपोर्ट में बताया गया कि कंपनियां द्वारा एक बार के इन्फ्लुएंसर कोलैबोरेशन से हटकर अधिक नियमित और स्थायी भर्ती मॉडल अपनाने के कारण क्रिएटर्स की भूमिकाओं में तेजी से हो रही वृद्धि हो रही है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि कंटेंट क्रिएटर्स, इन्फ्लुएंसर और सोशल मीडिया प्रोफेशनल्स जैसी भूमिकाएं औपचारिक संगठनात्मक संरचनाओं में तेजी से शामिल होती जा रही हैं।
रिपोर्ट में कहा गया कि इकोसिस्टम में नए इन्फ्लुएंसर टैलेंट का आना जारी है, लेकिन क्रिएटर भूमिकाओं के लिए संगठनों की मांग आपूर्ति से कहीं अधिक है, जिससे एक महत्वपूर्ण टैलेंट गैप पैदा हो रहा है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि संगठन केवल व्यक्तिगत क्रिएटर्स पर निर्भर रहने के बजाय एकीकृत, संपूर्ण कंटेंट क्षमताएं विकसित कर रहे हैं।
मार्च 2025 से फरवरी 2026 के बीच, लगभग 40 प्रतिशत क्रिएटर पदों को इन्फ्लुएंसर पदों के रूप में वर्गीकृत किया गया; 20 प्रतिशत को मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव और 17 प्रतिशत को मार्केटिंग इंटर्न के रूप में वर्गीकृत किया गया।
क्रिएटर से संबंधित लगभग 60 प्रतिशत भर्तियां अब पारंपरिक इन्फ्लुएंसर पदों से बाहर हो रही हैं, जिनमें वीडियो प्रोडक्शन, कम्युनिटी मैनेजमेंट और कंटेंट ऑपरेशंस जैसे पद शामिल हैं, जो कंटेंट के एग्जीक्यूशन और एंगेजमेंट स्तरों को कवर करते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि हजारों युवा भारतीयों के लिए, जिन्होंने वर्षों तक अपने वीडियो एडिटिंग और स्टोरीटेलिंग कौशल को निखारा है, क्रिएटर पदों का औपचारिक रूप से निर्धारण इकोसिस्टम के भीतर एक नए स्तर की संरचना ला रहा है।
इंडीड इंडिया के टैलेंट स्ट्रैटेजी एडवाइजर रोहन सिल्वेस्टर ने कहा, जैसे-जैसे क्रिएटर औपचारिक संगठनों में प्रवेश कर रहे हैं, अपेक्षाएं मापने योग्य परिणामों की ओर बढ़ रही हैं, चाहे वह ऑडियंस एंगेजमेंट हो, कन्वर्जन हो या ब्रांड कंसिस्टेंसी हो।
--आईएएनएस
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
तमिलनाडु: निजी अस्पताल जाने पर राजस्व मंत्री ने दी सफाई; हॉस्पिटल रिश्तेदारों का है, मुझे मुफ्त में मिलता है इलाज
कोयंबटूर, 25 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के राजस्व मंत्री के. ए. सेंगोट्टैयन ने सोमवार को एक निजी अस्पताल में अपना इलाज कराने के अपने फैसले पर सफाई दी। सोमवार सुबह कोयंबटूर हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए सेंगोट्टैयन ने कहा कि बहुत ज्यादा व्यस्त शेड्यूल के कारण वह पिछले आठ महीनों से अपनी नियमित मेडिकल जांच नहीं करवा पाए थे। उनका निजी अस्पताल में जाना नियमित स्वास्थ्य जांच का हिस्सा था, न कोई गंभीर मेडिकल समस्या।
दरअसल सत्तारूढ़ टीवीके सरकार ने कहा था कि मंत्री सरकारी अस्पतालों में ही इलाज कराएंगे। राजस्व मंत्री के निजी अस्पताल जाने पर कई सवाल उठने लगे।
जब पत्रकारों ने सवाल किया कि के. ए. सेंगोट्टैयन ने सरकारी अस्पताल के बजाय एक निजी मेडिकल सुविधा को क्यों चुना तो उन्होंने कहा कि वह आम तौर पर एक मानक स्वास्थ्य दिनचर्या के तहत साल में दो बार शारीरिक जांच करवाते हैं। चूंकि सरकारी कामों की वजह से उनका यह शेड्यूल छूट गया था, इसलिए उन्होंने अस्पताल में सभी लंबित जांचें पूरी करने का फैसला किया।
तमिलनाडु के राजस्व मंत्री ने कहा कि काम के दबाव के कारण पिछले आठ महीनों में अपनी जांच नहीं करा पाया था। मैं अस्पताल में रुका और सभी जरूरी जांचें करवाईं। डॉक्टरों ने उनके प्रवास के दौरान सभी जांचें पूरी कर लीं और बाद में उन्हें बताया कि नतीजे संतोषजनक थे।
मेडिकल जांच पूरी होने के बाद वह अपनी सरकारी जिम्मेदारियों को जारी रखने के लिए चेन्नई जा रहे हैं।
सरकारी सुविधा के बजाय निजी अस्पताल चुनने को लेकर हो रही आलोचना का सीधा जवाब देते हुए सेंगोट्टैयन ने कहा कि जिस संस्थान में उन्होंने इलाज करवाया, वह उनके रिश्तेदारों का है और उनका उससे लंबे समय से जुड़ाव रहा है।
उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा अस्पताल है जिसे मेरे रिश्तेदार चलाते हैं और मैंने हमेशा वहीं इलाज करवाया है। चूंकि मुझे वहां मुफ्त में इलाज और सुविधाएं मिलती हैं, इसलिए मुझे कहीं और जाने की जरूरत महसूस नहीं हुई। वर्षों से यही मेरी सामान्य आदत रही है।
मंत्री ने हाल ही में कोयंबटूर में एक लड़की की हत्या के मामले और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ रही है और भविष्य की योजनाओं पर फैसले मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा सरकार की वित्तीय स्थिति के आधार पर लिए जाएंगे।
--आईएएनएस
डीकेएम/वीसी
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