वैसे तो भविष्य बताने की तमाम विधियां हैं। सिद्ध पुरुष व्यक्ति के हाव-भाव, चेहरे को देखकर और चाल-चलन की गतिविधियों के बारे में सटीक आकलन कर देते हैं। सामुद्रिक शास्त्र में शारीरिक लक्षणों के बारे में व्यक्ति के व्यक्तित्व से जुड़े अनेक रहस्यों के बारे में बताया गया है। सामान्य तौर पर हर व्यक्ति के हाथ में पांच उंगलियां अंगूठा, तर्जनी, मध्यमा, अनामिका और कनिष्ठिका होती है।
वहीं कुछ लोगों के हाथ में प्राकृतिक रूप से छठी यानी एक्स्ट्रा उंगली भी देखी जाती है। हालांकि शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के मुताबिक करीब 1 लाख व्यक्तियों में से 50 व्यक्ति ऐसे पैदा होते हैं, जिनके हाथ में या फिर पैर में एक्स्ट्रा उंगली होती है।
सौभाग्य का सूचक
प्राचीन मतानुसार हाथ में मौजूद छठी उंगली को सौभाग्य का सूचक माना जाता है। लेकिन आधुनिक हस्तरेखा शास्त्र की बात करें, तो छठी उंगली वाले जातक को वशीकरण, जादू-टोना, मोहन-मारण, विद्वेषन, स्तंभन षटकर्म, इन्द्रजाल, शांतिकर्म, तंत्र-मंत्र जैसी अन्य तांत्रिक एवं मायावी विद्याओं में कुशल और पारंगत होने का संकेत देते हैं। हाथ में एक्स्ट्रा छठी उंगली की स्थिति दो तरह से हो सकती है। एक कनिष्ठिका उंगली के बगल में दूसरी अंगुष्ठ के जुड़वा के रूप में होती है।
अगर हाथ में मौजूद अतिरिक्त छठी उंगली कनिष्ठिका की सहोदर होती है, तो ऐसा व्यक्ति दूसरों से ज्यादा चालाक, अनुभवी और कूटनीतिज्ञ बनाती है। ऐसा व्यक्ति जीवन में कभी एक लक्ष्य लेकर नहीं चल पाता है, वह समय-समय पर अपने विचार और निर्णय बदलता रहता है। ऐसे व्यक्ति का अंदरूनी व्यवहार और स्वभाव कोई नहीं जान सकता है।
हाथ की छठी उंगली अगर अंगुष्ठ के सहोदर अंगुष्ठ के रूप में हो, तो ऐसे जातक में विवेक सामान्य से कहीं ज्यादा होता है। लेकिन अपने विवेक का दुरुपयोग करना भी इस छठे अंगुष्ठ रूपी उंगली की विशेषता है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण पहली फिल्म से फेमस हुए अभिनेता ऋतिक रोशन हैं।
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