RCB vs GT: अगर बारिश की वजह से रद्द हुआ क्वालिफायर-1, तो IPL 2026 के फाइनल में किसे मिलेगी एंट्री? जानिए पूरा समीकरण
RCB vs GT Qualifier-1: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के लीग स्टेज के मुकाबले खत्म हो चुके हैं. अब प्लेऑफ का रोमांच शुरू होगा. 26 मई को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच क्वालीफायर-1 मैच खेला जाएगा. यह मुकाबला शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा. जबकि 7 बजे टॉस होगा. इसी बीच फैंस के मन में यह सवाल जरूर उठ रहा होगा कि अगर बारिश की वजह से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस का क्वालीफायर-1 रद्द हो जाता है तो कौन सी टीम प्लेऑफ में पहुंचेगी.
बारिश की वजह से रद्द हुआ RCB vs GT मैच तो क्या होगा?
आईपीएल 2026 के प्लेऑफ मुकाबले के लिए कोई रिजर्व डे नहीं रखा गया है. पिछले सीजन भी नहीं था. सिर्फ फाइनल मैच के लिए रिजर्व डे रखा गया है. ऐसे में क्वालीफायर-1, एलिमिनेटर और क्वालीफायर-2 मैच धुलता है या फिर टाई होता है तो फिर विजेता तय करने के लिए सुपर ओवर कराया जाएगा. अगर पहला सुपर ओवर भी ट्राई होता है तो दूसरा और तीसरा सुपर ओवर भी कराया जाएगा जब तक कि नतीजा न निकल जाए.
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रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को मिलेगा फायदा
वहीं बारिश या किसी और भी वजह से अगर सुपर ओवर कराना संभव नहीं हुआ, तो फिर लीग स्टेज का पॉइंट्स टेबल विजेता टीम का फैसला करेगा. ऐसे में उस टीम को विजेता माना जाएगा, जिसके अंक लीग स्टेज में दूसरी टीम से ज्यादा हों. यानी बारिश की वजह से मैच रद्द होता है तो रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को विजेता घोषित कर दिया जाएगा और वो सीधे फाइनल में पहुंच जाएगी, क्योंकि आरसीबी प्वाइंट्स टेबल में टॉप पर मौजूद है. इसके बाद फिर गुजरात टाइटंस को क्वालीफायर-2 खेलना पड़ेगा.
Big stages create big moments. ????
— VKPerspective (@VKPerspective) May 25, 2026
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RCB vs GT.
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एलिमिनेटर में अच्छे नेट रन रेट वाली टीम को मिलेगा फायदा
वहीं सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के बीच एलिमिनेटर मुकाबला खेला जाएगा. अगर बारिश इस मैच को धुलती है तो फिर हैदराबाद की टीम क्वालीफायर-2 में पहुंच जाएगी, क्योंकि उसका नेट रन रेट राजस्थान रॉयल्स से ज्यादा है. ऐसा ही क्वालीफायर-2 में होगा, जिसका नेट रन बेहतर होगा वो फाइनल में पहुंचेगी.
देश में ईंधन की आपूर्ति सामान्य, बीते चार दिनों में 1.72 करोड़ से अधिक एलपीजी सिलेंडर डिलीवर हुए : केंद्र
नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा कि देश में ईंधन की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। बीते चार दिनों में करीब 1.72 करोड़ से अधिक एलपीजी सिलेंडर डिलीवर हुए हैं। वहीं, इस दौरान करीब 1.66 करोड़ एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग हुई है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने राष्ट्रीय राजधानी के नेशनल मीडिया सेंटर में आयोजित मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि देश में ईंधन की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और स्थिरता बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि बीते चार दिनों में करीब 1.72 करोड़ एलपीजी सिलेंडर डिलीवर किए गए हैं और इस दौरान करीब 1.66 करोड़ एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग देखने को मिली है।
सरकार के अनुसार, मौजूदा भू-राजनीतिक तनावों के कारण घरेलू एलपीजी आपूर्ति में चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन आपूर्ति में किसी भी तरह की रुकावट से बचने के लिए घरेलू उपभोक्ताओं को आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि अब तक एलपीजी वितरण केंद्रों पर किसी भी तरह की कमी की सूचना नहीं मिली है।
सरकार ने डिजिटल बुकिंग और डिलीवरी प्रमाणीकरण प्रणालियों में वृद्धि का भी जिक्र किया। रविवार को उद्योग स्तर पर ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग लगभग 99 प्रतिशत तक पहुंच गई, जबकि डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड (डीएसी) आधारित डिलीवरी लगभग 95 प्रतिशत तक बढ़ गई।
डीएसी प्रणाली के तहत, उपभोक्ताओं को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर एक कोड भेजा जाता है, जिसका उद्देश्य एलपीजी सिलेंडरों की हेराफेरी को रोकना है।
कमर्शियल एलपीजी के संबंध में, सरकार ने कहा कि आवंटन को संकट-पूर्व स्तर के लगभग 70 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है, जिसमें 10 प्रतिशत सुधार-संबंधी आवंटन भी शामिल है।
पिछले चार दिनों में, देश भर में लगभग 24,557 मीट्रिक टन कमर्शियल एलपीजी बेची गई, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र के तेल विपणन कंपनियों ने इसी अवधि में लगभग 942 मीट्रिक टन ऑटो एलपीजी बेची।
सरकार ने आगे कहा कि 1 मई, 2026 से अब तक कुल 1,56,898 मीट्रिक टन कमर्शियल एलपीजी बेची जा चुकी है।
मंत्रालय ने 5 किलोग्राम के फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलेंडरों के उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों का भी जिक्र किया।
पिछले चार दिनों में, लगभग 1.96 लाख 5 किलोग्राम के एफटीएल सिलेंडर बेचे गए। 3 अप्रैल, 2026 से, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 15,400 जागरूकता शिविर आयोजित किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप 2.45 लाख से अधिक 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडरों की बिक्री हुई है।
अधिकारियों ने बताया कि अकेले रविवार को ही 82 जागरूकता शिविरों के माध्यम से लगभग 1,487 सिलेंडर बेचे गए।
--आईएएनएस
एबीएस/
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