चौथी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, घर का बिगड़ेगा बजट! जानें आम आदमी की जेब पर कितना होगा असर
देशभर में एक बार फिर पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए गए हैं. मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण पेट्रोल डीजल के रेट में उछाल आया है. इस बार पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये महंगा हो चुका है. यह महीने में चौथी बार है जब पेट्रोल-डीजल के के रेट बढ़ गए हैं. अब तक पेट्रोल के दाम 7.35 रुपये बढ़ चुके हैं. वहीं डीजल के रेट में 7.53 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. इस बढ़ोतरी के बाद कई राज्यों में ईंधन के दाम सौ रुपये के पार जा चुके हैं. दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है.
हर माह खर्चों का बोझ बढ़ने वाला है
इसका असर सिर्फ एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहने वाला है. यह आम आदमी की जेब पर भी पड़ने वाला है. माल ढुलाई महंगी होने से जहां एक ओर दूध, सब्जी और राशन के दाम बढ़ने वाले हैं. वहीं दूसरी ओर स्कूल वैन और बसों का सफर भी महंगे होने के आसार हैं. इस तरह से हर माह खर्चों का बोझ बढ़ने वाला है.
बाजार के जानकारों की मानें तो इस ताजा महंगाई के कारण खाड़ी देशों में चल रहा तनाव है. यहां पर स्ट्रेट आफ होर्मुज के रास्ते बंद कर दिए गए हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) के दामों में तेजी आई है. इससे घरेलू बाजार में ईंधन और महंगा हो चुका है.
अर्थशास्त्र के नियम के अनुसार, पेट्रोल-डीजल के दाम कभी भी एक चीज पर असर नहीं डालते हैं. यह अपने साथ ट्रांसपोर्ट, किराना, फल-सब्जी और रोजमर्रा ही जरूरी चीजों से महंगाई का पूरा चक्र लेकर आते हैं. मध्यम वर्ग के परिवारों की चिंताएं बढ़ चुकी हैं.
माल ढुलाई से लेकर पब्लिक के सफर तक
पेट्रोल और डीजल के रेट बढ़ने से एक अलार्म पूरी तरह से एक्टिवेट हो चुका है. डीजल को भारतीय अर्थव्यवस्था का ‘रक्त’ की तरह कहा जाता है. डीजल महंगा होते ही सबसे पहला और सबसे गहरा असर देश के ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर भी असर दिख रहा है.
देशभर में माल की ढुलाई ट्रकों के जरिए होती है. ट्रकों के टैंक में जाने वाला डीजल महंगा होने का है, मालभाड़ा यानी फ्रेट चार्ज (Freight Charge) को तुरंत बढ़ाया जाए. इसका अर्थ यह है कि कारखानों से निकलने वाला सामन जब थोक बाजार और फिर वहां से आपके मोहल्ले की दुकान तक पहुंचता है. उसकी ढुलाई की लागत पहले से अधिक हो चुकी है.
पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर भी इसका असर है. बस, ऑटो, टैक्सी का संचालन सीधे तौर पर ईंधन के दामों पर निर्भर है. बसों के टिकट और ऑटो के किराए में इस बढ़ोतरी का असर देखने को मिल सकता है. ऐसे में रोज दफ्तर जाने वालों के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट ही सहारा बन रह जाएगा. इस दौरान माल ढुलाई महंगी होने के आसार हैं. ट्रकों या मालगाड़ियों से ट्रांसपोर्टेशन महंगा हो सकता है.
दूध-सब्जी के दामों पर असर
ईंधन के दाम बढ़ने के बाद आम आदमी को ‘डबल झटका’ लगता है. पहला झटका तब लगता है, जब वह अपनी गाड़ी में तेल भरवाता है. वहीं दूसरा बड़ा झटका तब लगता है, जब वह बाजार में सब्जी या राशन खरीदने के लिए निकलता है. सब्जियां, फल, दूध, अनाज, खाने का तेल और पैकेज्ड फूड ये सभी चीजें खेतों और फैक्ट्रियों से ट्रकों में लदकर शहरों तक पहुंचती हैं. खासतौर पर जल्दी खराब होने वाली चीजें (Perishable Goods) जैसे हरी सब्जियां, दूध और फल सबसे अधिक प्रभावित होते हैं. इन सामानों को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज और तेज ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क की आवश्यकता होती है. दोनों ही जगह बिजली (जनरेटर) और डीजल पर निर्भरता होती है.
व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी करने वाले को लेकर बड़ा खुलासा, सीक्रेट सर्विस के लिए जाना-पहचाना नाम था नसीरे बेस्ट
White House Gunfire: व्हाइट हाउस के बाहर गोलीबारी करने वाले नसीरे बेस्ट को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. रिकॉर्ड से पता चलता है कि सुरक्षाकर्मियों के साथ गोलीबारी में मारे गए संदिग्ध ने पिछली गर्मियों में भी परिसर में घुसने की कोशिश की थी. बता दें कि व्हाइट हाउस के बाहर शनिवार (स्थानीय समयानुसार) शाम करीब 6 बजे एक बंदूकधारी में ताबड़तोड़ गोलीबारी कर दी. जिसे सीक्रेस सर्विस के एजेंटों ने मार गिराया. अदालती रिकॉर्ड से पता चला है कि अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के लिए नसीरे बेस्ट एक जाना पहचाना नाम था.
पिछले साल परिसर में की थी घुसने की कोशिश
21 वर्षीय नसीरे बेस्ट ने पिछले साल (2025) में भी परिसर में घुसने की कोशिश की थी. लेकिन सुरक्षा बलों ने उसे गिरफ्तार कर लिया. डीसी सुपीरियर कोर्ट में दायर एक हलफनामे के अनुसार, उसने पहले भी परिसर में घुसने की कोशिश की थी. बता दें कि शनिवार शाम 6 बजे के आसपास एक संदिग्ध 17वीं स्ट्रीट और पेनसिल्वेनिया एवेन्यू एनडब्ल्यू के पास एक गेट पर बने चेकपॉइंट के पास पहुंचा, उसने अपने बैग से पिस्तौल निकाली और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी.
सीक्रेस सर्विस के मुताबिक, अधिकारियों ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें संदिग्ध को गोली लग गई. उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया. सीक्रेट सर्विस ने बताया कि गोलीबारी में एक राहगीर भी घायल हो गया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि उसे संदिग्ध की गोली लगी या अधिकारियों की जवाबी फायरिंग में. इस घटना में कोई भी एजेंट घायल नहीं हुआ.
घटना के वक्त व्हाइट हाउस में मौजूद थे ट्रंप
बता दें कि व्हाइट हाउस के बाहर जब गोलीबारी हुई तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइस हाउस परिसर में मौजूद थे. सीक्रेस सर्विस ने दावा किया है कि हमलावर का "हिंसक इतिहास" था और व्हाइट हाउस के प्रति "संभवतः जुनून" था. अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर कानून प्रवर्तन अधिकारियों की "तेज़ और पेशेवर कार्रवाई" की प्रशंसा की.
नसीरे बेस्ट को पहले से जानती थी सीक्रेट सर्विस
जुलाई 2025 में दायर एक अदालती दस्तावेज़ के अनुसार, अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में नासिर बेस्ट के रूप में पहचाने गए इस व्यक्ति को "सीक्रेट सर्विस जानती थी" क्योंकि वह पिछली गर्मियों में कई बार "व्हाइट हाउस परिसर में घूमकर विभिन्न प्रवेश बिंदुओं से प्रवेश करने के तरीके के बारे में पूछताछ" कर रहा था. अदालती दस्तावेजों के अनुसार, नसीरे बेस्ट को 26 जून 2025 को व्हाइट हाउस परिसर के एक हिस्से में "वाहनों के प्रवेश में बाधा डालने" के आरोप में जबरन हिरासत में लिया गया था, और उसी वर्ष 10 जुलाई को उन्हें गैरकानूनी प्रवेश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. कई अधिकारियों ने चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए व्हाइट हाउस के बाहर एक प्रतिबंधित क्षेत्र में भी उसने प्रवेश की कोशिश की.
खुद को ईसा मसीह बताता था नसीरे बेस्ट
फाइलिंग के मुताबिक, नसीरे बेस्ट खुद को ईसा मसीह बताया था उसने खुद को जीसस बताते हुए कहा कि वह गिरफ्तार होना चाहता है. उसी दिन प्रारंभिक सुनवाई में एक न्यायाधीश ने "दूर रहने का आदेश" जारी किया, जो मुकदमे से पहले किसी व्यक्ति या क्षेत्र के पास जाने से रोकने का आदेश होता है, और इस आदेश के तहत बेस्ट को व्हाइट हाउस परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया गया.
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न्यूयॉर्क पोस्ट ने बताया कि बाद में बेस्ट के अगली सुनवाई में उपस्थित न होने पर उसके खिलाफ बेंच वारंट जारी किया गया. वाशिंगटन पोस्ट ने बताया कि घटना से परिचित एक अज्ञात पुलिस अधिकारी ने बेस्ट को मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति बताया, जो पुलिस की जानकारी में था. एफबीआई इस जांच में सीक्रेट सर्विस और स्थानीय पुलिस की सहायता कर रही है.
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