व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी करने वाले को लेकर बड़ा खुलासा, सीक्रेट सर्विस के लिए जाना-पहचाना नाम था नसीरे बेस्ट
White House Gunfire: व्हाइट हाउस के बाहर गोलीबारी करने वाले नसीरे बेस्ट को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. रिकॉर्ड से पता चलता है कि सुरक्षाकर्मियों के साथ गोलीबारी में मारे गए संदिग्ध ने पिछली गर्मियों में भी परिसर में घुसने की कोशिश की थी. बता दें कि व्हाइट हाउस के बाहर शनिवार (स्थानीय समयानुसार) शाम करीब 6 बजे एक बंदूकधारी में ताबड़तोड़ गोलीबारी कर दी. जिसे सीक्रेस सर्विस के एजेंटों ने मार गिराया. अदालती रिकॉर्ड से पता चला है कि अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के लिए नसीरे बेस्ट एक जाना पहचाना नाम था.
पिछले साल परिसर में की थी घुसने की कोशिश
21 वर्षीय नसीरे बेस्ट ने पिछले साल (2025) में भी परिसर में घुसने की कोशिश की थी. लेकिन सुरक्षा बलों ने उसे गिरफ्तार कर लिया. डीसी सुपीरियर कोर्ट में दायर एक हलफनामे के अनुसार, उसने पहले भी परिसर में घुसने की कोशिश की थी. बता दें कि शनिवार शाम 6 बजे के आसपास एक संदिग्ध 17वीं स्ट्रीट और पेनसिल्वेनिया एवेन्यू एनडब्ल्यू के पास एक गेट पर बने चेकपॉइंट के पास पहुंचा, उसने अपने बैग से पिस्तौल निकाली और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी.
सीक्रेस सर्विस के मुताबिक, अधिकारियों ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें संदिग्ध को गोली लग गई. उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया. सीक्रेट सर्विस ने बताया कि गोलीबारी में एक राहगीर भी घायल हो गया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि उसे संदिग्ध की गोली लगी या अधिकारियों की जवाबी फायरिंग में. इस घटना में कोई भी एजेंट घायल नहीं हुआ.
घटना के वक्त व्हाइट हाउस में मौजूद थे ट्रंप
बता दें कि व्हाइट हाउस के बाहर जब गोलीबारी हुई तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइस हाउस परिसर में मौजूद थे. सीक्रेस सर्विस ने दावा किया है कि हमलावर का "हिंसक इतिहास" था और व्हाइट हाउस के प्रति "संभवतः जुनून" था. अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर कानून प्रवर्तन अधिकारियों की "तेज़ और पेशेवर कार्रवाई" की प्रशंसा की.
नसीरे बेस्ट को पहले से जानती थी सीक्रेट सर्विस
जुलाई 2025 में दायर एक अदालती दस्तावेज़ के अनुसार, अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में नासिर बेस्ट के रूप में पहचाने गए इस व्यक्ति को "सीक्रेट सर्विस जानती थी" क्योंकि वह पिछली गर्मियों में कई बार "व्हाइट हाउस परिसर में घूमकर विभिन्न प्रवेश बिंदुओं से प्रवेश करने के तरीके के बारे में पूछताछ" कर रहा था. अदालती दस्तावेजों के अनुसार, नसीरे बेस्ट को 26 जून 2025 को व्हाइट हाउस परिसर के एक हिस्से में "वाहनों के प्रवेश में बाधा डालने" के आरोप में जबरन हिरासत में लिया गया था, और उसी वर्ष 10 जुलाई को उन्हें गैरकानूनी प्रवेश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. कई अधिकारियों ने चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए व्हाइट हाउस के बाहर एक प्रतिबंधित क्षेत्र में भी उसने प्रवेश की कोशिश की.
खुद को ईसा मसीह बताता था नसीरे बेस्ट
फाइलिंग के मुताबिक, नसीरे बेस्ट खुद को ईसा मसीह बताया था उसने खुद को जीसस बताते हुए कहा कि वह गिरफ्तार होना चाहता है. उसी दिन प्रारंभिक सुनवाई में एक न्यायाधीश ने "दूर रहने का आदेश" जारी किया, जो मुकदमे से पहले किसी व्यक्ति या क्षेत्र के पास जाने से रोकने का आदेश होता है, और इस आदेश के तहत बेस्ट को व्हाइट हाउस परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया गया.
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न्यूयॉर्क पोस्ट ने बताया कि बाद में बेस्ट के अगली सुनवाई में उपस्थित न होने पर उसके खिलाफ बेंच वारंट जारी किया गया. वाशिंगटन पोस्ट ने बताया कि घटना से परिचित एक अज्ञात पुलिस अधिकारी ने बेस्ट को मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति बताया, जो पुलिस की जानकारी में था. एफबीआई इस जांच में सीक्रेट सर्विस और स्थानीय पुलिस की सहायता कर रही है.
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गुजारा करने के लिए बेका घर, मां को भी बेचने पड़े जेवर, आज 1700 करोड़ का मालिक है ये फिल्ममेकर
Karan Johar Birthday: हिंदी सिनेमा में कई ऐसे फिल्ममेकर हुए हैं जिन्होंने अपनी फिल्मों के जरिए दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी. लेकिन कुछ नाम ऐसे भी हैं जिन्होंने सिर्फ फिल्में ही नहीं बनाईं, बल्कि पूरी इंडस्ट्री की दिशा बदल दी. ऐसा ही एक बड़ा नाम है करण जौहर (Karan Johar) का. आज करण जौहर बॉलीवुड के सबसे सफल डायरेक्टर्स और प्रोड्यूसर्स में गिने जाते हैं. उनकी फिल्मों ने ना सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड बनाए, बल्कि कई नए चेहरों को स्टार भी बनाया.
हालांकि आज करण जौहर करोड़ों की संपत्ति, लग्जरी लाइफस्टाइल और बड़े फिल्म साम्राज्य के मालिक हैं, लेकिन उनकी जिंदगी हमेशा से इतनी आसान नहीं रही. एक समय ऐसा भी था जब उनके परिवार को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा था. फिल्मों के फ्लॉप होने के बाद घर तक बेचना पड़ा और उनकी मां को अपने जेवर तक बेचने पड़े थे. इसका खुलासा उन्होंने खुद एक इंटरव्यू में किया था. तो चलिए आज करण जौहर के 54वें जन्मदिन पर जानते हैं उनके बारे में कुछ बातें.
बचपन से फिल्मी माहौल में पले-बढ़े करण जौहर
करण जौहर का जन्म एक फिल्मी परिवार में हुआ था. उनके पिता यश जौहर हिंदी सिनेमा के जाने-माने फिल्म प्रोड्यूसर थे. उन्होंने मशहूर प्रोडक्शन हाउस धर्मा प्रोडक्शंस की स्थापना की थी, जिसे आज करण जौहर नई ऊंचाइयों तक लेकर जा चुके हैं. करण ने बचपन से ही फिल्मों और ग्लैमर की दुनिया को बेहद करीब से देखा. लेकिन इसके पीछे छिपे संघर्ष और आर्थिक मुश्किलों को भी उन्होंने अपने परिवार के साथ महसूस किया.
‘दोस्ताना’ की सफलता के बाद लगातार फ्लॉप हुईं फिल्में
करण जौहर ने इंटरव्यू में बताया था कि उनके पिता ने धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले पहली फिल्म 'दोस्ताना' बनाई थी. साल 1980 में रिलीज हुई ये फिल्म सुपरहिट साबित हुई थी. इस सफलता ने परिवार को बड़ी उम्मीदें दी थीं. लेकिन इसके बाद हालात बदलने लगे. यश जौहर की लगातार कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गईं. नुकसान इतना बढ़ गया कि परिवार आर्थिक संकट में फंस गया. करण ने बताया कि उस दौर में फाइनेंसर्स से उधार लेकर फिल्में बनाई जाती थीं और बाद में ब्याज समेत पैसे लौटाने पड़ते थे. जब फिल्में नहीं चलीं तो परिवार पर भारी कर्ज चढ़ गया.
मां ने बेचे जेवर, नानी का घर भी बिका
अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए करण जौहर ने कहा था, “जब पहली फिल्म फ्लॉप हुई तो मेरी मां Hiroo Johar ने नानी का घर बेच दिया. दूसरी फिल्म फ्लॉप हुई तो उन्होंने अपने जेवर बेच दिए. बाद में पापा को दिल्ली वाली प्रॉपर्टी भी बेचनी पड़ी.” करण ने कहा कि उन्होंने अपने घर में ये सब अपनी आंखों से देखा है. उस समय परिवार बाहर से भले ही ठीक दिखाई देता था, लेकिन अंदर आर्थिक परेशानियां लगातार बढ़ रही थीं. उन्होंने कहा, “हमारे पास पैसा नहीं था. हम मिडिल क्लास लोग थे. धीरे-धीरे अपर मिडिल क्लास बने और अब जाकर अमीर हुए हैं.”
पॉकेट मनी थी सिर्फ 25 रुपये
आज जहां करण जौहर आलीशान जिंदगी जीते हैं, वहीं बचपन में उनकी पॉकेट मनी बेहद सीमित थी. करण ने बताया कि उन्हें केवल 25 रुपये पॉकेट मनी मिलती थी, हालांकि उनके पिता उन्हें प्यार से 50 रुपये दे देते थे. करण ने अपने पिता को याद करते हुए कहा, “मेरे पापा मुझे हमेशा एक प्रिंस की तरह महसूस कराते थे. घर में चाहे कितनी भी दिक्कत हो, उन्होंने मुझे कभी कमी महसूस नहीं होने दी.” उन्होंने बताया कि परिवार कभी विदेश घूमने नहीं गया क्योंकि उस समय वो उसे अफॉर्ड नहीं कर सकते थे. हालांकि अच्छी शिक्षा और अच्छा माहौल देने में उनके माता-पिता ने कोई कमी नहीं छोड़ी.
पिता के निधन के बाद संभाली धर्मा प्रोडक्शंस की कमान
यश जौहर के निधन के बाद करण जौहर ने पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली. उन्होंने धर्मा प्रोडक्शंस को सिर्फ एक प्रोडक्शन हाउस नहीं रहने दिया, बल्कि इसे बॉलीवुड के सबसे बड़े फिल्म बैनर्स में शामिल कर दिया. करण ने डायरेक्टर के तौर पर Kuch Kuch Hota Hai, Kabhi Khushi Kabhie Gham, My Name Is Khan और Rocky Aur Rani Kii Prem Kahaani जैसी कई सफल फिल्में दीं. इसके अलावा उन्होंने कई नए कलाकारों को लॉन्च किया और इंडस्ट्री में नई पीढ़ी के स्टार्स को बड़ा मंच दिया.
आज जीते हैं बेहद लग्जरी लाइफ
आज करण जौहर बॉलीवुड के सबसे अमीर फिल्ममेकर्स में गिने जाते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति करीब 1700 करोड़ रुपये के आसपास बताई जाती है. उनके पास मुंबई के पॉश इलाके मालाबार हिल में करोड़ों रुपये का आलीशान घर है. इसके अलावा कार्टर रोड पर उनका सी-फेसिंग लक्जरी अपार्टमेंट भी काफी चर्चित है. करण लग्जरी कारों के भी शौकीन हैं. उनके कार कलेक्शन में BMW 745, BMW 760 और Mercedes-Benz S-Class जैसी महंगी गाड़ियां शामिल हैं.
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