कैसा होगा ईरान के साथ समझौता? राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद दी जानकारी, ओबामा डील से की तुलना
Iran America Tension: अमेरिका और ईरान के बीच भले ही सीजफायर चल रहा हो लेकिन गहमागहमी कम होने का नाम नहीं ले रही है। दोनों देशों के बीच एक फिर शांति समझौता होने के प्रयास हो रहे हैं। इसी बीच ट्रंप ने खुद जानकारी दी है कि ईरान के साथ समझौता कैसा होगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पोस्ट पर लिखा कि अगर मैं ईरान के साथ कोई समझौता करता हूं, तो वह अच्छा और उचित होगा, ओबामा द्वारा किए गए समझौते जैसा नहीं। अमेरिकी विदेश मंत्री भारत दौरे पर हैं। उन्होंने भी तनापूर्ण हालात के बीच जल्द अच्छे संकेत मिलने के संकेत दिए थे।
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US President Donald Trump on Truth Social posts, "If I make a deal with Iran, it will be a good and proper one, not like the one made by Obama... Our deal is the exact opposite, but nobody has seen it or knows what it is. It isn’t even fully negotiated yet..." pic.twitter.com/SEsQnsmIvd
— ANI (@ANI) May 24, 2026
ओबामा से क्यों की तुलना?
ट्रंप ने कहा कि ओबामा ने ईरान को भारी मात्रा में नकद राशि दी और परमाणु हथियार बनाने का खुला रास्ता खोल दिया। हमारा समझौता बिल्कुल विपरीत है, लेकिन इसे किसी ने देखा नहीं है और न ही कोई जानता है कि यह क्या है।
सझझौते में क्यों हो रही देर?
ट्रंप ने कहा कि इस पर अभी पूरी बातचीत भी नहीं हुई है। इसलिए उन हारे हुए लोगों की बात मत सुनो, जो ऐसी चीज़ की आलोचना कर रहे हैं जिसके बारे में उन्हें कुछ पता ही नहीं है। मुझसे पहले के उन लोगों के विपरीत, जिन्हें इस समस्या का समाधान कई साल पहले कर देना चाहिए था, मैं बुरे समझौते नहीं करता।
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Ganga Dussehra 2026: आज बेहद शुभ संयोग में गंगा दशहरा पर्व, नोट कर लें स्नान-दान, पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व
Ganga Dussehra 2026: आज 25 मई 2026, सोमवार को मां गंगा के अवतरण का पर्व गंगा दशहरा मनाया जा रहा है. गंगा घाटों पर सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है. सनातन धर्म में गंगा दशहरा पर्व का विशेष महत्व है. हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा पर्व मनाया जाता है. शास्त्रों की मान्यता के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल दशमी तिथि को मां गंगा भगवान शिव की जटाओं से निकल कर धरती पर आयीं थीं. मां गंगा के अवतरण दिवस के रुप में गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाता है. इस दिन गंगा में स्नान करना बेहद शुभ माना जाता है. गंगा दशहरा पर स्नान-दान का विशेष महत्व है. गंगा दशहरा पर्व पर मां गंगा और भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इसके साथ ही दस तरह के पापों से छुटकारा मिल जाता है. घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है. जीवन के सभी कष्ट समाप्त हो जाते हैं. इस दिन की गई पूजा से मोक्ष की प्राप्ति होती है. आइए जानते हैं किस मुहूर्त में पूजा करने से शुभ फल प्राप्त होंगे.
गंगा दशहरा पर दिव्य संयोग
आज गंगा दशहरा का पर्व मनाया जा रहा है. इस साल 17 मई से परम कल्याणकारी पुरुषोत्तम मास शुरु हो चुका है. गंगा दशहरा का पर्व अधिक मास में मनाया जा रहा है. इसे दिव्य संयोग माना जाता है. इस संयोग में पूजा-दान करने से अधिक फलों की प्राप्ति होगी. इसके साथ ही चंद्रमा कन्या राशि में सुबह 09 बजकर 07 मिनट से गोचर करेगा. सूर्य वृषभ राशि में होगा. इस दिन रवि योग और व्यतिपात योग रहेगा. इन योगों में पूजा और दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है.
गंगा दशहरा पूजा मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04 बजकर 04 मिनट से सुबह 04 बजकर 45 मिनट तक रहेगा
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा.
अमृत चौघड़िया- सुबह 05 बजकर 25 मिनट से सुबह 07 बजकर 08 मिनट तक.
शुभ चौघड़िया- सुबह 08 बजकर 51 मिनट से सुबह 10 बजकर 34 मिनट तक.
गंगा दशहरा पूजा विधि
- गंगा दशहरा के दिन सूर्योदय से पहले स्नान करें
- गंगा स्थान पर स्नान करना बेहद शुभ होता है.
- व्रत संकल्प लेकर पूजा करें.
- मां गंगा की पूजा करें.
- महादेव का पंचामृत से रुद्राभिषेक करें.
- भगवान विष्णु की पूजा करें.
- मां गंगा को रोली का टीका लगाएं.
- सफेद फूलों की माला चढ़ाएं.
- श्रद्धा भक्ति के साथ आरती करें.
- पितरों के लिए तर्पण-पिंडदान करें.
- मां गंगा के मंत्रों का जाप करें.
- गंगा चालीसा, गंगा स्तोत्र का पाठ करें.
- किसी भी वस्तु का 10 की संख्या में दान करें.
- ब्राह्मण और गरीबों को दान करें.
- गाय को हरा चारा खिलाएं.
गंगा दशहरा का विशेष मंत्र
गंगा दशहरा के दिन स्नान और पूजा के समय इस मंत्र का जाप करना बेहद शुरु होता है. इस मंत्र के जाप से मां गंगा की विशेष कृपा मिलती है. सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती
नर्मदे सिंधु कावेरी जले अस्मिन् सन्निधिम् कुरु
गंगा दशहरा पर दान का महत्व
गंगा दशहरा पर दान का अनंत गुना फल प्राप्त होता है. इस दिन दान करने से जीवन के संकट समाप्त होते हैं. मनोकामनाएं पूरी होती है. जीवन में धन-धान्य की वृद्धि होती है. सुख-शांति-समृद्धि आती है. इस दिन केला, नारियल, अनार, खरबूजा, तरबूजा, आम, जल से भरी सुराही या मटका, हाथ का पंखा, बेल फल आदि का दान करना चाहिए. किसी भी वस्तु का दान 10 की संख्या में किया जाता है जैसे 10 आम, 10 केला.
गंगा दशहरा पर्व का महत्व
गंगा दशहरा पर्व का शास्त्रों में विशेष महत्व बताया है. शास्त्रों के अनुसार, इस दिन गंगा में स्नान करने और विधि पूर्वक पूजा-दान करने से जानें-अनजानें में किए गये 10 तरह के पापों से मुक्ति मिल जाती है. व्यक्ति तीन तरह के पाप शरीर से करता है, जिन्हें कायिक पाप कहा जाता है. वाणी से चार प्रकार के पाप करता है जिन्हें वाचिक पाप और तीन प्रकार से मानसिक पाप करता है. इन दस पापों से छुटकारा दिलाता है गंगा दशहरा पर्व. गंगा दशहरा पर मां गंगा, महादेव और श्रीहरि की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. पितरों का तर्पण करने से पितरों को शांति मिलती है. उनके आशीर्वाद से धन-धान्य की वृद्धि होती है. दान करने से जीवन के कष्ट और संकट समाप्त होते हैं.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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