हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर भगीरथ को कठिन तप से प्रसन्न होकर मां गंगा धरती पर अवतरित हुई थीं। इसलिए इस दिन को गंगा दशहरा के रुप में मनाया जाता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल गंगा दशहरा का पर्व 25 मई को मनाया जाएगा। इस दिन गंगा स्नान और दान करने का विशेष महत्व है। इससे साधक को सभी पापों से छुटकारा मिल जाता है और जीवन में कभी भी धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है।
यदि आप भी मां गंगा की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, इस बार गंगा दशहरा पर इन चीजों का दान गंगा दशहरा के दिन मंदिर या गरीब लोगों में करें। ऐसा करने से साधक को शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
गंगा दशहरा पर करें इन चीजों का दान
जल से भरा घड़ा
गंगा दशहरा के दिन जल से भरा मटके का दान करने का अधिक महत्व है। इस दिन सुबह स्नान और पूजा-अर्चना करने के बाद मिट्टी के नए घड़े या तांबे के मटके में जल भर मिश्री या तुलसी के पत्ते डालकर किसी मंदिर में दान कर सकते हैं। माना जाता है कि इस उपाय के करने से व्यक्ति के जीवन में कई बदलाव देखने को मिलते हैं और धन लाभ के योग बनते हैं।
मौसमी फल
गंगा दशहरा के पावन अवसर पर मंदिरों या जरूरतमंद लोगों को फलों का दान करना बेहद पुण्यदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा भाव से फल अर्पित करने पर व्यक्ति को अच्छे कर्मों का फल प्राप्त होता है और घर में खुशहाली बनी रहती है। कहा जाता है कि मां गंगा के आशीर्वाद से जीवन की परेशानियां कम होती हैं और परिवार में सुख-शांति का वास होता है।
अन्न-धन का दान
इस दिन सत्तू, चावल, आटा, धन और वस्त्र का दान जरुर करना चाहिए। माना जाता है कि इन चीजों का दान करने से साधक को जीवन में कभी अन्न-धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है और सदैव अन्न-धन के भंडार भरे रहते हैं।
भूलकर भी न करें इन चीजों का दान
गंगा दशहरा के दिन गलती से भी काले कपड़ों का दान नहीं करें। ऐसा करने से जीवन में नकारात्मकता आती है। इसलिए दान करने से पहले यह जानना बेहद जरुरी है कि किन चीजों दान करना काफी शुभ होता है। इसके अलावा, बासी भोजन, कैंची और चाकू के दान से बचना चाहिए। इससे साधक को जीवन में अशुभ परिणाम देखने को मिलते हैं।
IND vs AFG: भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाली टेस्ट और वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान हो चुका है। बीसीसीआई ने दोनों ही टीमों में कई नए चेहरे को मौका दिया है। वहीं, लंबे समय बाद वनडे टीम में ईशान किशन की वापसी हुई है।
LSG vs PBKS: पंजाब किंग्स के लिए आईपीएल 2026 अब पूरी तरह करो या मरो की स्थिति में पहुंच चुका। शानदार शुरुआत के बाद टीम का सीजन अचानक पटरी से उतर गया और अब प्लेऑफ की उम्मीदें एक धागे पर टिकी हैं। शनिवार को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ होने वाला मुकाबला पंजाब के लिए फाइनल जैसा रहने वाला है।
दिलचस्प बात यह है कि आईपीएल 2018 की कहानी इस बार फिर दोहराती दिख रही है। तब पंजाब ने पहले 6 मैचों में 5 जीत दर्ज की थी, लेकिन बाद में लगातार हार के कारण सातवें स्थान पर फिनिश किया था। इस सीजन भी टीम ने शुरुआती 6 पूरे मुकाबले जीते, लेकिन इसके बाद लगातार 6 हार ने पूरी तस्वीर बदल दी।
अब पंजाब के पास सिर्फ एक रास्ता बचा है। टीम को पहले लखनऊ सुपर जायंट्स को हराना होगा। इसके बाद उम्मीद करनी होगी कि रविवार को मुंबई इंडियंस, राजस्थान रॉयल्स को हरा दे। अगर पंजाब हार गया, तो उसकी प्लेऑफ की उम्मीदें वहीं खत्म हो जाएंगी। हालांकि एक राहत की बात यह है कि पंजाब का रिकॉर्ड लखनऊ के खिलाफ अच्छा रहा है। टीम लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ लगातार पिछले तीन मुकाबले जीत चुकी है। इस सीजन की पहली भिड़ंत में भी पंजाब ने बाजी मारी थी।
लखनऊ भले ही पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे हो, लेकिन टीम के बल्लेबाजों ने कई मैचों में दम दिखाया है। खास तौर पर मिचेल मार्श शानदार फॉर्म में थे। उन्होंने हाल के मैचों में 111, 90 और 96 जैसी बड़ी पारियां खेलीं। हालांकि मार्श अब टीम से बाहर हो चुके हैं और पंजाब के खिलाफ नहीं खेलेंगे।
ऐसे में अब सबकी नजर जोश इंग्लिश पर रहेगी। इंग्लिस ने सिर्फ 4 पारियों में 194 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट करीब 196 का रहा है। पावरप्ले में तो वह और भी खतरनाक दिखे हैं। दूसरी तरफ पंजाब के युवा ओपनर प्रियांश आर्या की फॉर्म चिंता का विषय बनी हुई है। शुरुआती 7 पारियों में उन्होंने 283 रन बनाए थे, लेकिन पिछली 5 पारियों में सिर्फ 81 रन ही बना सके हैं। खास बात यह है कि वह लगातार शॉर्ट गेंदों पर आउट हो रहे हैं। ऐसे में मोहम्मद शमी, मयंक यादव और मोहसिन खान जैसे तेज गेंदबाज उन्हें इसी रणनीति से परेशान कर सकते हैं।
लखनऊ के इकाना स्टेडियम की पिच मिश्रित मिट्टी वाली है, जिससे बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों को मदद मिल सकती है। यहां इस सीजन खेले गए पांच मुकाबलों में लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों ने तीन मैच जीते हैं।
आंकड़ों की बात करें तो ऋषभ पंत का स्ट्राइक रेट 2025 से आईपीएल में 500 से ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में सबसे कम रहा है। वहीं पंजाब की गेंदबाजी इस सीजन सबसे कमजोर रही है। टीम का औसत और इकॉनमी दोनों लीग में सबसे खराब हैं। ऐसे में शनिवार का मुकाबला सिर्फ प्लेऑफ की रेस नहीं, बल्कि दोनों टीमों की प्रतिष्ठा का भी सवाल बन गया है।