अमित शाह ने BSF अलंकरण समारोह में ‘स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट’ का किया ऐलान, घुसपैठ खत्म करने का दोहराया संकल्प
Amit Shah Attended BSF Investiture Ceremony: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अलंकरण समारोह और रुस्तमजी स्मृति व्याख्यान में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने BSF जवानों की बहादुरी, समर्पण और राष्ट्र के प्रति निष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि यह सम्मान देश की सीमाओं की सुरक्षा में बलिदान और कर्तव्यपरायणता का प्रतीक है.
गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार अगले एक साल के भीतर ड्रोन, राडार, आधुनिक कैमरों और अन्य अत्याधुनिक तकनीकों से लैस “Smart Border Project” शुरू करेगी. इसके तहत भारत-बांग्लादेश और भारत-पाकिस्तान सीमा पर “टेक्नोलॉजी-ड्रिवन स्मार्ट सिक्योरिटी ग्रिड” तैयार किया जाएगा, जिससे सीमाओं को अभेद्य बनाया जा सके.
चुनौतियों से निपटने के लिए नई रणनीति तैयार की जा रही
उन्होंने कहा कि अब सीमा सुरक्षा को केवल पारंपरिक तरीके से नहीं देखा जा सकता. अवैध घुसपैठ, ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी, नकली करेंसी, साइबर खतरे और हाइब्रिड वॉरफेयर जैसी नई चुनौतियों से निपटने के लिए नई रणनीति तैयार की जा रही है. शाह ने कहा कि अगले एक वर्ष में सरकार “नई बॉर्डर सिक्योरिटी स्ट्रेटेजी” लेकर आएगी.
अमित शाह ने त्रिपुरा, असम और पश्चिम बंगाल में घुसपैठ रोकने पर विशेष जोर देते हुए BSF को स्थानीय प्रशासन, पुलिस, पंचायतों और पटवारियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा केवल “आइसोलेटेड ड्यूटी” नहीं बल्कि “टेरिटोरियल रिस्पॉन्सिबिलिटी” है.
घुसपैठियों को चिन्हित कर निकाला जाएगा बाहर
उन्होंने कहा कि सरकार “Unnatural Demographic Change” नहीं होने देगी और देश में मौजूद घुसपैठियों को चिन्हित कर बाहर निकाला जाएगा. शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने “High Powered Demography Mission” की घोषणा की है, जिसकी कमेटी जल्द गठित की जाएगी.
गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार का आंतरिक सुरक्षा को लेकर स्पष्ट विजन है—समस्याओं को जड़ से समाप्त करना। उन्होंने दावा किया कि देश नक्सलवाद से लगभग मुक्त हो चुका है और अब घुसपैठ के खिलाफ भी उसी दृढ़ता से कार्रवाई की जाएगी.
अपने संबोधन में अमित शाह ने BSF की महिला टीम द्वारा माउंट एवरेस्ट फतह करने की उपलब्धि की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि विश्व की सबसे ऊंची चोटी पर “वंदे मातरम” का गान पूरे देश के लिए गर्व का विषय है.
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“ऑपरेशन सिंदूर” के जरिए पाकिस्तान को दिया था मुंहतोड़ जवाब
उन्होंने कहा कि 1965 में केवल 25 बटालियनों के साथ शुरू हुआ BSF आज 2.70 लाख जवानों के साथ दुनिया का सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा बल बन चुका है. शाह ने कहा कि उरी, पुलवामा और पहलगाम जैसे आतंकी हमलों के बाद भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और “ऑपरेशन सिंदूर” के जरिए पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है. उन्होंने इसे “नई डिफेंस डॉक्ट्रिन” और “मोदी डॉक्ट्रिन” का हिस्सा बताया.
गृह मंत्री ने यह भी घोषणा की कि अगले दो महीनों में मोदी सरकार BSF और सभी CAPF जवानों तथा उनके परिवारों के कल्याण के लिए एक बड़ा कार्यक्रम शुरू करेगी. उन्होंने कहा कि इससे जवान बिना पारिवारिक चिंता के सीमाओं की सुरक्षा पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सकेंगे.
अमित शाह ने कहा कि आने वाले तीन-चार साल सीमा सुरक्षा व्यवस्था में व्यापक तकनीकी बदलाव के होंगे. उन्होंने BSF जवानों से तकनीक को आत्मसात करने, स्थानीय लोगों से संवाद बढ़ाने और प्रशासन के साथ बेहतर तालमेल बनाकर देश को घुसपैठ और नार्कोटिक्स से मुक्त करने का आह्वान किया.
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बांग्लादेश में खसरा से मृतकों का आंकड़ा 499 पहुंचा, 24 घंटे में 11 बच्चों की मौत
ढाका, 22 मई (आईएएनएस)। बांग्लादेश में खसरा और उससे मिलते-जुलते लक्षणों के कारण बीते 24 घंटों में 11 बच्चों की मौत हो गई। इसके साथ ही 15 मार्च से अब तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 499 हो गई है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ताजा मौतों में से नौ मामलों को संदिग्ध खसरा जनित मौत माना गया है, जबकि दो मौतों की पुष्टि खसरे से हुई है। यह जानकारी आरोग्य सेवा महासंचालनालय (डीजीएचएस) ने दी।
अब तक कुल मौतों में 414 संदिग्ध और 85 पुष्ट खसरा मामलों से जुड़ी मौतें शामिल हैं।
डीजीएचएस के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में बांग्लादेश में 1,261 संदिग्ध खसरा मामले सामने आए हैं, जिसके बाद कुल संदिग्ध मामलों की संख्या बढ़कर 60,540 हो गई है।
इसी अवधि में 54 नए पुष्ट खसरा मामलों की भी पुष्टि हुई, जिससे कुल संक्रमितों की संख्या 8,329 पहुंच गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, 15 मार्च से अब तक 47,511 संदिग्ध खसरा मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से 43,411 लोग ठीक होकर घर लौट चुके हैं।
बांग्लादेश में तेजी से फैल रहे खसरा संक्रमण के बीच यूनिसेफ ने दावा किया है कि उसने पहले की अंतरिम सरकार, जिसका नेतृत्व मोहम्मद यूनुस कर रहे थे, को वैक्सीन की कमी को लेकर कई बार चेतावनी दी थी।
ढाका में आयोजित प्रेस वार्ता में बांग्लादेश में यूनिसेफ की प्रतिनिधि राणा फ्लावर्स ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने इस मुद्दे पर स्वास्थ्य मंत्रालय को पांच से छह पत्र भेजे थे और अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान 10 बैठकों में भी यह मामला उठाया गया था।
उन्होंने कहा, “2024 से ही हम सरकार को आगाह कर रहे थे कि वैक्सीन की कमी बड़े स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकती है। 2024 से 2026 तक हमने लगातार पत्र भेजे और कई बैठकों में यह स्पष्ट किया कि वैक्सीन की तत्काल खरीद जरूरी है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।”
राना फ्लावर्स ने बताया कि यूनिसेफ के उप कार्यकारी निदेशक टेड चैबन ने भी पिछले वर्ष अगस्त में बांग्लादेश दौरे के दौरान विदेश मंत्रालय के साथ बैठक में वैक्सीन संकट पर चिंता जताई थी।
उन्होंने यह भी कहा कि खसरा प्रकोप की जांच के लिए बीएनपी नीत सरकार द्वारा शुरू की गई जांच में यूनिसेफ सभी आवश्यक सबूत उपलब्ध कराएगा।
--आईएएनएस
डीएससी
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