बांग्लादेश की नई सरकार ने अब सीधे तौर पर नई मांग दिल्ली के सामने रख दी है। बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहाउद्दीन अहमद का वो बयान जिसने दक्षिण एशिया की राजनीति में हलचल मचा दी है। तारिक रहमान की सरकार ने अब शेख हसीना को कानूनी प्रक्रिया के तहत वापस लाने की बात कही है। दरअसल ढाका में एक हाई लेवल मीटिंग होती है और इसके बाद गृह मंत्री बांग्लादेश के सलाउद्दीन अहमद ने साफ कह दिया कि शेख हसीना की वापसी अब केवल एक राजनीतिक मांग नहीं है बल्कि एक औपचारिक प्रक्रिया बन चुकी है।
अहमद ने साफ कहा कि विदेश मंत्रालय के जरिए नई दिल्ली को अनुरोध यानी रिक्वेस्ट भेजा जा चुका है। बांग्लादेश सरकार का कहना है कि वे हसीना को कानूनी माध्यमों से वापस लाना चाहते हैं। साल 2013 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुई प्रत्यार्पण संधि का हवाला दिया जा रहा है। हसीना के खिलाफ बांग्लादेश में नरसंहार जैसे दर्जनों मामले दर्ज किए गए हैं। जिनका सामना करने के लिए उनकी मौजूदगी जरूरी बताई जा रही है। याद कीजिए जरा 5 अगस्त 2024 वो दिन जब 15 साल तक बांग्लादेश पर राज करने वाली शेख हसीना को सिर्फ 45 मिनट के अल्टीमेटम पर देश छोड़ना पड़ा। हिंसक छात्र आंदोलन और बढ़ते दबाव के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया और सुरक्षित शरण के लिए भारत का रुख अपना लिया। तब से वह गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस और उसके बाद किसी सुरक्षित स्थान पर भारत में रह रही हैं। लेकिन अब ढाका की गलियों से उठती नई मांग दिल्ली के गलियारों में गूंज रही है। इस पूरे मामले एक नाम है जो सबसे अहम है वो है तारिक रहमान।
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान। लंबे समय से लंदन से राजनीति चला रहे थे और अब उनकी सरकार शेख हसीना को कटघरे में देखना चाहती है। इतना ही नहीं गृह मंत्री अहमद से जब पूछा गया कि क्या प्रतिबंधित आवामी लीग के नेताओं के भाषणों को दिखाया जा सकता है? तब उन्होंने साफ कर दिया कि यह अदालती आदेशों पर निर्भर करेगा और मोहम्मद यूनुस के शासन की बात करें तो उस वक्त आवामी लीग को लगभग हाशिए पर धकेल दिया गया था और उन पर कई प्रतिबंध ठोक दिए गए थे। अब सवाल यह है कि भारत क्या करेगा?
भारत के लिए यह स्थिति किसी डिप्लोमेटिक डिलेमा से कम नहीं है। शेख हसीना भारत की एक भरोसेमंद दोस्त रही हैं। मुश्किल समय में उन्हें वापस भेजना भारत की साख पर सवाल उठा सकता है और अगर बांग्लादेश प्रत्य संधि के तहत पुख्ता सबूत देता है तो भारत के लिए इंकार करना मुश्किल हो जाएगा। इतना ही नहीं दोस्तों बांग्लादेश में मौजूदा नई रहमान सरकार के साथ संबंध सुधारने के लिए भारत को इस मांग पर गंभीरता से विचार करना ही होगा। खैर प्रतप की प्रक्रिया लंबी और जटिल होती है। इसमें मानवाधिकारों और निष्पक्ष सुनवाई के पहलुओं को भी देखा जाता है। ऐसे में सवाल है कि क्या शेख हसीना को बांग्लादेश में निष्पक्ष ट्रायल मिलेगा?
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भारत के हाथ एक ऐसा खजाना लग गया है जिसे पाने के लिए दुनिया के कई देश पागल हो रहे हैं। फ्रांस में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने एक चीनी मिसाइल को खोल दिया और कुछ ही महीनों में इस मिसाइल ने भारत को होश उड़ा देने वाले सीक्रेट्स बता दिए हैं। दशकों की रिसर्च के बाद तैयार हुआ चीनी मिसाइल प्रोग्राम अब किसी काम का नहीं रहेगा। भारत ने चीन की एक सबसे लेटेस्ट मिसाइल टेक्नोलॉजी को डिकोड करने में सफलता हासिल कर ली है। आपको याद होगा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान में लगे चीनी एयर डिफेंस सिस्टम को नाकाम कर दिया था। मेड इन चाइना JF17 विमान को भी मार गिराया था। इसी JF7 लड़ाकू विमान ने एक चीनी मिसाइल PL15E को भारत की तरफ फायर किया था। PL15E चीन के एडवांस्ड मिसाइल प्रोग्राम की एयर टू एयर मिसाइल थी। जिसे भारत की बेहतरीन इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर यूनिट ने हवा में ही बेअसर कर दिया था।
चीन की PL15 ई मिसाइल साबुत की साबुत पंजाब के होशियारपुर में आ गिरी। उसी दिन से भारत इस मिसाइल का ऑपरेशन कर रहा था। इसकी टेक्नोलॉजी को डिकोड करने की कोशिश कर रहा था और अब भारत को वह सफलता मिल गई है। ऐसा पहली बार हुआ था जब भारत को चीन की एक मिसाइल सही सलामत मिल गई थी। अब यही मिसाइल चीन को बर्बाद कर देगी। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत ने अब यह पता लगा लिया है कि चीन की PL1-15 ई मिसाइल कैसे टारगेट की पहचान करती थी और फिर टारगेट को ट्रैक करके कैसे आगे बढ़ती थी। चीन इस मिसाइल को भारत के रफाल और सुखोई लड़ाकू विमानों के लिए खतरे के रूप में पेश करता रहा है। लेकिन फ्रांस में छपी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत ने चीन की पीएल-15 मिसाइल के सीक्रेट कोड को अपने स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट से जोड़ दिया है। यह वॉरफेयर सूट अब भारत के स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान में लगाए गए हैं। इसके बाद अपग्रेड हो रहे Sukhoi 30 जेट्स में भी यह वॉरफेयर सूट लगाए जाएंगे।
भारत के जिन लड़ाकू विमानों को टारगेट करने के लिए चीन ने पीएल15 ई मिसाइल बनाई थी, उन्हीं लड़ाकू विमानों में चीन की इस मिसाइल का काट लगा दिया गया है। इसके अलावा भारत भी अस्तरा नाम की हवा से हवा में मारने वाली मिसाइल बना रहा है। अब चीन की पीएल15 ई मिसाइल को स्टडी करके भारत ने अस्तरा को और भी ज्यादा घातक बना दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मिसाइल से मिली जानकारियों की मदद से भारत समेत अब कई देश पीएल 155 की काट बना सकेंगे। इसीलिए शायद दुनिया के बड़े-बड़े देश भारत से पीएल15 ई मिसाइल की टेक्नोलॉजी को हासिल करना चाहते हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, कनाडा, फ्रांस और जापान भारत से पीएल15 ई मिसाइल की टेक्नोलॉजी मांग रहे हैं।
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