Arshdeep Singh: अर्शदीप सिंह फिर विवादों में घिरे, प्रियांश आर्या का मजाक उड़ाने के लिए हुए ट्रोल
Arshdeep singh viral video: अर्शदीप सिंह एक बार फिर सोशल मीडिया विवादों में घिर गए। पंजाब किंग्स के तेज गेंदबाज का एक वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जा रहा है। कई यूजर्स ने उन्हें बुली तक कह दिया है।
वायरल वीडियो में अर्शदीप अपने साथी खिलाड़ी प्रियांश आर्या के साथ टीम बस में नजर आ रहे। वीडियो कथित तौर पर स्नैपचैट पर अपलोड किया गया था। इसमें अर्शदीप और हरप्रीत बराड़ प्रियांश आर्या की मुस्कान को लेकर मजाक करते दिखाई देते। वीडियो में प्रियांश अपने फोन की तरफ देख रहे होते हैं, तभी सामने बैठे अर्शदीप कहते हैं, 'व्हाट का क्यूटी मैन, स्माइल फॉर अस, शो अस योर टीथ।' इसके बाद हरप्रीत बराड़ भी हंसने लगते हैं। हालांकि कुछ लोगों ने इसे सिर्फ टीममेट्स के बीच मजाक बताया, लेकिन सोशल मीडिया के एक बड़े वर्ग ने अर्शदीप के व्यवहार की आलोचना की।
Another gem by lowlife bully Arshdeep Singh. This time he throws his own team-mate under the bus in the name of ‘Joke & Fun’.
— Tech-Knight ® (@TechWiz97) May 21, 2026
Take a look at this video. He thrives on other people’s vulnerabilities. He is making fun of Priyansh Arya’s insecurities about his teeth (he has gaps in… pic.twitter.com/umHny0B9qF
कई यूजर्स का कहना था कि वीडियो में प्रियांश असहज नजर आ रहे थे और अर्शदीप का मजाक उड़ाने वाला अंदाज ठीक नहीं लगा। हालांकि कुछ फैंस अर्शदीप के समर्थन में भी उतरे। एक यूजर ने लिखा कि सोशल मीडिया पर अर्शदीप के लिए इतनी नफरत क्यों है? वह अभी युवा हैं, लगातार सीख रहे और टीम इंडिया के लिए बड़ी जिम्मेदारी निभा चुके। यूजर ने यह भी कहा कि जसप्रीत बुमराह के बाद अर्शदीप भारत के सबसे भरोसेमंद T20 गेंदबाजों में रहे हैं।
Why do I see so much hate for Arshdeep on social media? He’s still young, learning, and carrying massive expectations every game. Sure, the vlogs can chill a bit, but let’s not forget this guy has been India’s most reliable T20 bowler after Jasprit Bumrah.
— Navaldeep Singh (@NavalGeekSingh) May 22, 2026
You love your local… https://t.co/kFZbxSkoZn
वैसे आईपीएल 2026 में यह पहला मौका नहीं है जब अर्शदीप विवादों में आए हों। इससे पहले उन्होंने तिलक वर्मा 'अंधेरे' कहकर संबोधित किया था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर इसे नस्लीय टिप्पणी से जोड़कर आलोचना हुई थी।
A pathetic human being. The kind of arrogance he has is just so annoying. https://t.co/5eXbmujmYo
— Smrutisikha (@SmrutisikhaR) May 22, 2026
एक और मामले में अर्शदीप का स्नैपचैट चैट भी वायरल हुआ था। एक फैन ने उन्हें पंजाब किंग्स का नाम खराब करने वाला बताया था। इस पर अर्शदीप ने गुस्से में जवाब दिया था, 'आपने पंजाब के लिए क्या किया है सिंह साहब? जो लोग अभी भी घर से चिप्स और कोल्ड ड्रिंक के पैसे लेते हैं, वो मुझे सलाह दे रहे हैं?'
मैदान पर भी यह सीजन अर्शदीप के लिए खास नहीं रहा। 2026 टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद आईपीएल में उनकी फॉर्म गिरती नजर आई है। उन्होंने 13 मैचों में 14 विकेट लिए हैं, लेकिन उनका औसत 35 और इकॉनमी लगभग 10 रही है।
अर्शदीप की खराब फॉर्म के साथ पंजाब किंग्स का प्रदर्शन भी गिरा है। टीम ने शुरुआती 7 में से 6 मैच जीते थे, लेकिन इसके बाद लगातार 6 हार झेल चुकी है और अब उसकी प्लेऑफ की उम्मीदें खतरे में हैं।
Harsh Dubey: 'सच में...इंडिया के लिए...' हर्ष दुबे की टीम इंडिया में एंट्री पर पिता का कैसा था रिएक्शन
भारतीय क्रिकेट में हर खिलाड़ी का सपना होता है कि एक दिन वह टीम इंडिया की जर्सी पहने, लेकिन उस सपने के पीछे सिर्फ खिलाड़ी की मेहनत नहीं होती, पूरा परिवार अपनी जिंदगी लगा देता है। विदर्भ के युवा स्पिन ऑलराउंडर हर्ष दुबे की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। भारत की टीम में पहली बार चुने जाने की खबर ने सिर्फ हर्ष को नहीं, बल्कि पूरे परिवार को भावुक कर दिया।
जब बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने अगले महीने अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट और वनडे सीरीज के लिए हर्ष का नाम घोषित किया, तब उनके पिता सुरेंद्र दुबे को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। वह रोज की तरह सुबह ब्लैक कॉफी पीकर क्रिकेट ग्राउंड जाने की तैयारी कर रहे थे। तभी फोन पर उन्हें बताया गया कि उनका बेटा भारत के लिए चुना गया है।
सुरेंद्र दुबे की पहली प्रतिक्रिया थी, 'सच में? इंडिया के लिए? अफगानिस्तान? सच में?' इसके बाद वह सिर्फ धन्यवाद बोल पाए। बाद में उन्होंने बताया कि उस पल वह पूरी तरह जम गए थे और खुशी में उनके पास शब्द ही नहीं थे।
सुरेंद्र कहते हैं, 'यह सपना सिर्फ हर्ष का नहीं था, मेरा भी था। ऐसा लग रहा था जैसे कोई मुझे झकझोरकर कहे कि यह सपना नहीं, सच है।'
हर्ष और उनके पिता दोनों भावुक स्वभाव के हैं। बचपन से ही उनके करियर का हर बड़ा पल आंसुओं से जुड़ा रहा। जब हर्ष 13 साल की उम्र में पहली बार रूबी क्रिकेट क्लब के सेंटर विकेट पर बल्लेबाजी करने उतरे थे, तब बिना गेंद खेले रन आउट हो गए थे। उस दिन हर्ष रो पड़े थे और स्टैंड में बैठे उनके माता-पिता की आंखें भी भर आई थीं।
करीब दस साल बाद हर्ष ने विदर्भ को 2025 रणजी ट्रॉफी जिताने में बड़ी भूमिका निभाई। वह टूर्नामेंट के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने और रिकॉर्ड विकेट भी लिए। उस दिन भी पिता-पुत्र की आंखों में आंसू थे।
सुरेंद्र दुबे पहले सीआईएसएफ में अधिकारी थे। वह खुद बचपन में क्रिकेटर बनना चाहते थे, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। जब उन्होंने बेटे में वही सपना देखा तो नौकरी छोड़कर उसके करियर पर पूरा ध्यान दिया। बाद में हर्ष की मां ज्योति दुबे, जो स्कूल टीचर थीं, उन्होंने भी खुद को बेटे के क्रिकेट सफर के लिए समर्पित कर दिया।
हर्ष ने इस दौरान कई निराशाएं भी देखीं। अंडर-19 वर्ल्ड कप जैसे बड़े मौके हाथ से निकले, वजन कम करने के लिए पसंदीदा खाना छोड़ा, लेकिन हार नहीं मानी। अब आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई है।
सुरेंद्र कहते हैं, 'मैंने देश की सेवा की है, लेकिन जब पता चला कि मेरा बेटा भारत के लिए खेलेगा, उससे बड़ी खुशी कुछ नहीं हो सकती। अब बस भगवान से यही दुआ है कि वह अगले 10-15 साल तक हिंदुस्तान के लिए खेले।'
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