एसी नहीं है... कमरा कैसे रहेगा कूल? नौतपा में भी ठंडा रहेगा घर, अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय
नई दिल्ली, 22 मई (आईएएनएस)। देशभर में भीषण गर्मी का प्रकोप शुरू हो चुका है। दिन-ब-दिन तापमान लगातार बढ़ रहा है। वहीं, 25 मई से 2 जून तक नौतपा का दौर भी शुरू होने वाला है, जब गर्मी अपने चरम पर होती है। ऐसे में सिर्फ खुद को ठंडा रखना ही काफी नहीं है, घर और कमरों को भी ठंडा और आरामदायक बनाना बहुत जरूरी है। अगर आपके पास एयर कंडीशनर (एसी) नहीं है तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। कुछ प्रभावी टिप्स को अपनाकर आप घर को ठंडा रख सकते हैं।
नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अनुसार, कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर कमरे को काफी हद तक ठंडा रखा जा सकता है।
एसी के बिना कमरा कूल रखने के लिए दिन में खिड़कियां और पर्दे बंद रखें: दिन के समय सूरज की तेज किरणें कमरे में न आने दें। मोटे और हल्के रंग के पर्दे लगाएं जो गर्मी को रोक सके।
रात में क्रॉस वेंटिलेशन करें: रात को खिड़कियां खोल दें ताकि ठंडी हवा अंदर आए। विपरीत दिशा की खिड़कियां खोलने से हवा का बहाव अच्छा रहता है।
छत को ठंडा रखें: छत पर पानी छिड़कें या सफेद रंग का पानी-प्रूफ पेंट करवाएं। इससे छत से आने वाली गर्मी कम होती है।
घर में पौधे लगाएं: कमरे में इंडोर प्लांट्स रखें। ये न सिर्फ हवा को शुद्ध करते हैं बल्कि प्राकृतिक ठंडक भी देते हैं।
हीट पैदा करने वाली चीजों का कम इस्तेमाल करें: दोपहर में ओवन, गैस चूल्हा या इलेक्ट्रिक उपकरण कम इस्तेमाल करें। इससे कमरे का तापमान नहीं बढ़ता।
सूती चादर और हल्के कपड़े अपनाएं: बिस्तर पर सूती चादर बिछाएं और हल्के, ढीले सूती कपड़े पहनें। इससे शरीर को आराम मिलता है।
मिट्टी के घड़े का पानी पीएं: मिट्टी के सुराही या घड़े में रखा पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है और शरीर को अंदर से ठंडक पहुंचाता है।
ये छोटे-छोटे बदलाव न सिर्फ कमरे को ठंडा रखते हैं बल्कि बिजली की बचत भी करते हैं और स्वास्थ्य के लिए बेहतर हैं। यही नहीं गर्मी के मौसम में प्राकृतिक तरीकों से ठंडक बनाए रखना स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा है।
--आईएएनएस
एमटी/पीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
अदाणी ग्रुप के प्रस्तावित मल्टी-बिलियन डॉलर अमेरिकी निवेश से वैश्विक स्तर पर बदल रही भारतीय कंपनियों की छवि: इंडस्ट्री लीडर्स
नई दिल्ली, 22 मई (आईएएनएस)। ग्लोबल इंडस्ट्री लीडर्स और भारतीय-अमेरिकी समुदाय की प्रमुख हस्तियों ने शुक्रवार को कहा कि अदाणी समूह का अमेरिका में प्रस्तावित मल्टी-बिलियन डॉलर का निवेश भारतीय कंपनियों को लेकर वैश्विक धारणा बदलने में मदद कर रहा है।
आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने इसे भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों, रोजगार सृजन और रणनीतिक सहयोग के लिए बड़ा बढ़ावा बताया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान उनके चुनावी सलाहकारों में शामिल रहे रिपब्लिकन नेता पुनीत अहलूवालिया ने कहा कि अदाणी ग्रुप के प्रस्तावित निवेश अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भारतीय कंपनियों और पेशेवरों के बढ़ते योगदान को दर्शाते हैं।
उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि यह बहुत सकारात्मक कदम है। राष्ट्रपति ट्रंप, जिन्होंने वैश्विक व्यवस्था को फिर से संतुलित करने में शानदार काम किया है, ऐसे प्रतिभाशाली और अनुभवी लोगों के साथ काम करना चाहते हैं।
अहलूवालिया ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, भारतीय मूल के सफल सीईओ और मेहनती अमेरिकी नागरिक अमेरिका के लिए अवसर पैदा कर रहे हैं, लेकिन अदाणी ग्रुप जैसी कंपनी का अमेरिका में आना हमारे लिए और भी मददगार होगा।
अदाणी ग्रुप के खिलाफ पहले हुई कार्रवाई के राजनीतिक रूप से प्रेरित होने के सवाल पर अहलूवालिया ने कहा कि अगर इसमें राजनीतिक कारण शामिल रहे हों तो उन्हें हैरानी नहीं होगी।
उन्होंने कहा, मुझे खुशी है कि राष्ट्रपति ट्रंप का मजबूत नेतृत्व, जो दुनिया भर में और भारत-अमेरिका साझेदारी को मजबूत करने में दिख रहा है, सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।
वहीं, बीजेपी यूएसए के अध्यक्ष अडापा प्रसाद ने कहा कि अमेरिकी अभियोजकों द्वारा मामला वापस लेना महत्वपूर्ण है, क्योंकि अधिकारियों ने माना कि उनके पास पर्याप्त सबूत नहीं थे।
प्रसाद ने कहा, यह भारत की विकास गाथा को अस्थिर करने की मंशा से तैयार की गई दुर्भावनापूर्ण रिपोर्ट थी। उन्होंने कहा कि अंततः मामले के बंद होने से यह साबित हुआ कि सच्चाई की जीत हुई।
फाउंडेशन फॉर इंडिया एंड इंडियन डायस्पोरा स्टडीज के संस्थापक निदेशक खंडेराव कंद ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच मजबूत आर्थिक सहयोग अब केवल निवेश तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसमें रिसर्च, लोगों की आवाजाही और नीतिगत सुधारों में भी गहरा सहयोग शामिल होना चाहिए।
कंद ने आईएएनएस से कहा, यह एक अच्छा कदम है। इससे भारत-अमेरिका साझेदारी मजबूत होगी और इसे लगातार आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि औद्योगीकरण, संयुक्त रिसर्च एवं डेवलपमेंट, कौशल-आधारित आवाजाही और बाजार तक पहुंच में करीबी सहयोग दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करेगा तथा लंबे समय में रणनीतिक फायदे देगा।
--आईएएनएस
डीबीपी
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