गुरुग्राम में बिजली संकट से थमी रफ्तार, रैपिड मेट्रो रुकी तो ट्रैक पर उतर आए यात्री
गुरुग्राम में शुक्रवार सुबह अचानक हुए बड़े बिजली संकट ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। बिजली व्यवस्था ठप होने का असर सबसे ज्यादा रैपिड मेट्रो सेवा पर दिखाई दिया, जहां मेट्रो संचालन रुकने के बाद कई यात्रियों को ट्रैक पर उतरकर पैदल चलना पड़ा
गुरुग्राम में शुक्रवार सुबह अचानक हुए बड़े बिजली संकट ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया. बिजली व्यवस्था ठप होने का असर सबसे ज्यादा रैपिड मेट्रो सेवा पर दिखाई दिया, जहां मेट्रो संचालन रुकने के बाद कई यात्रियों को ट्रैक पर उतरकर पैदल चलना पड़ा. घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग मेट्रो ट्रैक पर चलते नजर आ रहे हैं.
ट्रांसफॉर्मर में आग के बाद बिगड़े हालात
जानकारी के मुताबिक गुरुग्राम के सेक्टर-72 स्थित 220 केवी पावर सब-स्टेशन में लगे मुख्य ट्रांसफॉर्मर में अचानक आग लग गई. आग लगने के बाद आसपास के कई इलाकों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. इसका सीधा असर रैपिड मेट्रो नेटवर्क पर पड़ा और कई स्टेशनों के बीच ट्रेनें रुक गईं.
सुबह ऑफिस जाने के समय यह घटना होने से हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा. मेट्रो सेवा बाधित होने के कारण लोग स्टेशनों पर फंस गए और कुछ यात्रियों को ट्रैक के सहारे बाहर निकाला गया.
#BREAKING #Gurugram
— Sachin Dubey (@iamsachindubey) May 22, 2026
सेक्टर-72 के 220 KVA बिजली घर का मुख्य ट्रांसफार्मर फूंकने से 7 बिजली घर ठप
रैपिड मेट्रो की सेवा पिछले एक घंटे से सेवा बाधित
रैपिड मेट्रो में हजारों लोग करते है सफ़र
सेक्टर-15, 38, 44, 46, 52, 56 और मारुति 66KVA बिजली घर प्रभावित
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ट्रैक पर पैदल चले यात्री
मेट्रो के बीच रास्ते में रुक जाने के बाद यात्रियों में घबराहट का माहौल बन गया. कई लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें काफी देर तक कोई स्पष्ट सूचना नहीं दी गई. बाद में सुरक्षा कर्मियों की निगरानी में यात्रियों को ट्रैक के रास्ते सुरक्षित बाहर निकाला गया.
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में लोग बैग और सामान लेकर ट्रैक पर चलते दिखाई दिए. इस दौरान कई यात्री बच्चों और बुजुर्गों को संभालते नजर आए। घटना ने मेट्रो सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन प्रबंधन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
कई इलाकों में घंटों रही बिजली गुल
बिजली संकट का असर सिर्फ मेट्रो तक सीमित नहीं रहा. गुरुग्राम के कई रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। गर्मी और उमस के बीच लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी.
स्थानीय लोगों के मुताबिक ट्रैफिक सिग्नल बंद होने से कई प्रमुख सड़कों पर जाम की स्थिति भी बन गई. ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों और स्कूल बसों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
जांच और सुधार कार्य शुरू
बिजली विभाग और मेट्रो प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का काम शुरू किया. अधिकारियों का कहना है कि ट्रांसफॉर्मर में आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और जल्द ही पूरी बिजली व्यवस्था सामान्य कर दी जाएगी.
गुरुग्राम की Rapid Metro Gurgaon शहर के प्रमुख कॉर्पोरेट और आवासीय इलाकों को जोड़ती है. ऐसे में मेट्रो सेवा ठप होने का असर हजारों यात्रियों पर पड़ा. यह घटना एक बार फिर तेजी से बढ़ते शहरों में मजबूत बिजली और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की जरूरत को सामने लेकर आई है.
मेट्रो में फंसे यात्री निकले
इस बिजली संकट के बीच सबसे ज्यादा दिक्कत मेट्रो यात्रियों को आई. कई यात्री मेट्रो में भी फंस गए थे. हालांकि काफी जद्दोजहद के बाद इन्हें बाहर निकाल लिया गया.
फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित कर्नाटक के डॉक्टर ने घर पर खुद को गोली मारकर की आत्महत्या
बेलगावी, 22 मई (आईएएनएस)। फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित एक जाने-माने डॉक्टर ने शुक्रवार को बेलगावी शहर में अपने घर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
मृतक की पहचान डॉ. दिनेश भटकल के रूप में हुई है। उन्होंने केएलई संस्थान के साथ 40 वर्षों तक काम किया था। पुलिस के अनुसार, दिनेश केएलई संस्थान द्वारा संचालित अस्पताल में प्रशासक के रूप में कार्यरत थे।
दिनेश मूल रूप से कारवार जिले के अंकोला शहर के रहने वाले थे और हाल ही में बेलगावी आकर बस गए थे। वह केएलई अस्पताल में फेफड़ों के कैंसर का इलाज करवा रहे थे।
पुलिस ने बताया कि डॉक्टर सुबह अपने घर की गैलरी में गए और अपने सिर में गोली मार ली। पुलिस को संदेह है कि बीमारी के कारण होने वाले असहनीय दर्द को न सह पाने के कारण उन्होंने यह चरम कदम उठाया।
पुलिस ने आगे बताया कि डॉक्टर ने केएलई के मानद कार्यकारी अध्यक्ष प्रभाकर कोरे और डॉ. केरूर, जो उनका इलाज कर रहे थे, को व्हाट्सअप पर संदेश भेजे थे।
प्रभाकर कोरे को भेजे अपने संदेश में उन्होंने कथित तौर पर लिखा था कि आपने इन सभी वर्षों में मेरी मदद की है। हालांकि, मैं बहुत ज्यादा दर्द से गुजर रहा हूं और इन परिस्थितियों में मैंने यह कठिन निर्णय लिया है। यह मेरा निजी निर्णय है। कृपया मेरे परिवार की मदद करें और शहर के पुलिस आयुक्त को भी सूचित करें।
चार महीने पहले उन्हें फेफड़ों का कैंसर होने का पता चला था। वह अक्सर अपने दोस्तों के साथ अपनी तकलीफों के बारे में बात करते थे।
पुलिस ने वे मैसेज बरामद कर लिए हैं और मामले की जांच कर रही है।
गौरतलब है कि बसावा लेआउट की रहने वाली 23 साल की आयुर्वेदिक डॉक्टर, डॉ. एमयू निकिता ने 26 अप्रैल को चित्रदुर्ग जिले के होलालकेरे में आत्महत्या कर ली थी। वह एक आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर के साथ अपने नाम को जोड़ने वाली अफवाहों से काफी परेशान थीं।
उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके दोस्त और प्रोफेसर की पत्नी, प्रोफेसर के साथ उनके कथित रिश्ते को लेकर फैली अफवाहों के चलते उन्हें परेशान कर रहे थे।
एक और चौंकाने वाली घटना में, कारवार जिले के एक डॉक्टर ने कथित तौर पर जनवरी 2026 में अपने घर पर ही एक दो-नाली वाली बंदूक से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि एक बिना पुष्टि वाले वायरल वीडियो को लेकर ऑनलाइन आलोचना का सामना करने के बाद वह मानसिक तनाव में थे।
पुलिस के अनुसार, उस वीडियो में डॉक्टर पर एक मरीज को एक्सपायर्ड दवा देने का आरोप लगाया गया था। हालांकि, इस आरोप की कोई पुष्टि नहीं हुई थी। इसके बावजूद, वह वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल गया और कई लोगों ने ऑनलाइन डॉक्टर की आलोचना की और उन्हें बुरा-भला कहा, जिसका उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ा।
--आईएएनएस
एएसएच/डीएससी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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