Vegetable Prices Surge | दिल्ली में चक्का जाम का डबल अटैक! ऑटो-टैक्सी हड़ताल के दूसरे दिन दोगुनी हुई सब्जियों की कीमत
इसे भी पढ़ें: Honduras Shooting | होंडुरास में दो भीषण हमलों से मचा हड़कंप! 6 पुलिसकर्मियों सहित 25 लोगों की दर्दनाक हत्या
आज़ादपुर मंडी में अदरक 130 रुपये प्रति किलो
हड़ताल के बीच यात्रियों को यात्रा में मुश्किलों का सामना करना पड़ा
इसे भी पढ़ें: US-Iran Ceasefire | तनावपूर्ण बातचीत के बाद अमेरिका-ईरान शांति समझौते का मसौदा तैयार, कुछ ही घंटों में हो सकती है बड़ी घोषणा
Dhar Bhojshala Case: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, स्पेशल लीव पिटीशन की दायर
Dhar Bhojshala Case: मध्य प्रदेश के धार जिले का बहुचर्चित भोजशाला विवाद एक बार फिर देश की सबसे बड़ी अदालत के दरवाजे पर पहुंच गया है. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ द्वारा विवादित भोजशाला परिसर को मुख्य रूप से मां सरस्वती का मंदिर घोषित किए जाने के फैसले को मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.
ये है याचिका
कमल मौला मस्जिद के रखवाले काजी मोइनुद्दीन की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में एक विशेष अनुमति याचिका यानी एसएलपी दायर की गई है. इस याचिका के माध्यम से हाई कोर्ट के उस फैसले पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई है, जिसमें हिंदुओं को पूजा का अधिकार देने और मुस्लिमों की नमाज पर पाबंदी लगाने की बात कही गई थी. मुस्लिम समुदाय को उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट से उन्हें जल्द ही इस मामले में राहत मिल सकती है.
क्या था हाई कोर्ट का बड़ा फैसला?
इस पूरे विवाद की जड़ में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का वह फैसला है, जिसमें कोर्ट ने ऐतिहासिक और धार्मिक साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे परिसर के धार्मिक स्वरूप को तय किया था. हाई कोर्ट ने साफ कहा था कि विवादित स्मारक का धार्मिक चरित्र मूल रूप से वाग्देवी यानी मां सरस्वती का मंदिर भोजशाला ही है. इसी के साथ कोर्ट ने साल 2003 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई द्वारा की गई उस व्यवस्था को भी रद्द कर दिया था, जिसके तहत हिंदुओं को हफ्ते में केवल एक दिन पूजा और मुस्लिमों को शुक्रवार के दिन नमाज पढ़ने की इजाजत दी गई थी. कोर्ट ने हिंदुओं के पूजा के अधिकार को सीमित करने वाली बात को गलत माना था, जिससे आहत होकर मुस्लिम पक्ष ने अब देश की सबसे बड़ी अदालत की शरण ली है.
इतिहास और नमाज के दावों पर कानूनी लड़ाई
कमल मौलाना वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष अब्दुल समद ने इस कानूनी लड़ाई को लेकर मीडिया से विस्तार से बात की है. उनका कहना है कि जो बातें और सबूत वह हाई कोर्ट के सामने मजबूती से नहीं रख पाए थे, उन्हें अब सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा. मुस्लिम पक्ष का मुख्य दावा यह है कि इस परिसर में इतिहास के हर दौर में नमाज अदा की जाती रही है और इस बात के पुख्ता प्रमाण उनके पास मौजूद हैं. अब्दुल समद ने भरोसा जताया है कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद स्थिति उनके पक्ष में बदलेगी और वे एक बार फिर इस परिसर में अपनी प्रार्थनाएं शुरू कर सकेंगे. उन्होंने यह भी साफ किया कि उनका समाज कानून के हर दायरे का सम्मान करता है और संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों के तहत ही अपनी बात आगे बढ़ा रहा है.
प्रशासन ने नहीं दी इजाजत
इस कानूनी हलचल के बीच स्थानीय स्तर पर तनाव न बढ़े, इसके लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दे रहा है. मुस्लिम समुदाय ने शुक्रवार की नमाज के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी थी, लेकिन सुरक्षा और कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रशासन ने इस अनुमति को खारिज कर दिया. इसके बाद मुस्लिम समाज के नेताओं ने अपने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह का विरोध प्रदर्शन न करें और शांति बनाए रखें. समाज के लोगों से कहा गया है कि वे अपने घरों या अन्य निजी स्थानों पर नमाज अदा करें. दूसरी तरफ हिंदू पक्ष इस समय पूरी तरह उत्साहित है और परिसर के अंदर उनके द्वारा लगातार धार्मिक अनुष्ठान और पूजा पाठ का दौर जारी रखने की तैयारी की गई है.
शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी अपील
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने आम जनता से शांति और भाईचारा बनाए रखने की पुरजोर अपील की है. उन्होंने कहा है कि अदालत का जो भी नियम या आदेश होगा, उसका पालन हर हाल में किया जाएगा. धार शहर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके. हिंदू और मुस्लिम दोनों ही पक्षों की नजरें अब देश की सबसे बड़ी अदालत की तरफ टिकी हुई हैं, जहां आने वाले दिनों में इस ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल के भविष्य को लेकर बेहद महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है.
यह भी पढ़ें: Bhojshala Case: क्या है भोजशाला का पूरा विवाद? मंदिर या मस्जिद, हाई कोर्ट ने सुनाया अहम फैसला
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi
News Nation




















