धार में चप्पे चप्पे पर पुलिस, भोजशाला के पास 9 लेयर की सुरक्षा व्यवस्था, “शुक्रवार” को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर
मध्य प्रदेश के धार में चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात कर दी गई है करीब 1500 पुलिस कर्मियों को शहर में तैनात किया गया है, भोजशाला के आसपास 9 लेयर की सुरक्षा व्यवस्था की गई है, सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जा रही है, प्रशासन ने चेतावनी दी है कि किसी ने भी शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश की तो कड़ी कार्रवाई भुगतनी होगी, उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है।
धार में सुरक्षा के कड़े इंतजाम इंदौर हाई कोर्ट के हिन्दुओं को पूजा की अनुमति देने और शुक्रवार को नमाज पढ़ने के पुराने फैसले को रद्द करने के आदेश के बाद पड़ने वाले पहले शुक्रवार के मद्देनजर किये गए हैं। प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। हालांकि भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन द्वारा आयोजित जुलूस की अनुमति प्रशासन ने नहीं दी है। इस संबंध में बकायदा पुलिस प्रशासन ने सोशल मीडिया के माध्यम से जुलूस की अनुमति नहीं होने की बात वायरल कर नागरिकों से शांति व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है।
इधर शुक्रवार को असामाजिक तत्वों में भय पैदा करने और आम जनता में सुरक्षा का भाव प्रदान करने के लिए पुलिस ने शहर में एक फ्लैग मार्च निकाला जो पुलिस कंट्रोल रूम से निकल कर पूरे शहर के विभिन्न चौराहों से होता हुआ पुलिस कंट्रोल रूम पर समाप्त हुआ। फ्लैग मार्च में कलेक्टर राजीव रंजन मीना , एसपी सचिन शर्मा सहित पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी भी शामिल रहे।
फ्लैग मार्च निकालकर प्रशासन ने की शांति की अपील
कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने कहा इंदौर उच्च न्यायालय का जो फैसला आया है अदालत के जो निर्देश हैं उनका पालन करना सभी की जिम्मेदारी है, प्रशासन अदालत के निर्देश के हिसाब से व्यवस्था बना रहा है, उसी सन्दर्भ में आज ये फ्लैग मार्च निकाला गया है, कलेक्टर ने कहा कल हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक ही आयोजन होंगे कोई भी नया आयोजन नहीं होगा।
सोशल मीडिया पर प्रशासन की पैनी नजर
कलेक्टर मीना ने कहा इस फ्लैग मार्च के माध्यम से संदेश प्रसारित किया गया है स्थानीय निवासियों से अपील की गई है कि वो शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन का सहयोग करें। सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेश अफवाह प्रसारित की जाती है, तो उस पर भी हमारी नजर है और उनको चिन्हांकित किया जा रहा है और उसके संदर्भ में उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शहर में 1500 फ़ोर्स तैनात, शुक्रवार को पुलिस छावनी रहेगा धार
एसपी सचिन शर्मा ने कहा उच्च न्यायालय द्वारा जो आदेश और निर्देश दिए गए थे, जिसमें ये बताया गया था पुरातत्व विभाग द्वारा जो संरक्षित इमारत है उसमें किस प्रकार से पूजा या इबादत की जानी है। इसका हम लोग बहुत कड़ाई से पालन कराएंगे उन्होंने कहा शहर में 1500 से अधिक पुलिस फ़ोर्स तैनात किया गया है। इसमें बाहर से आया आरएएफ, क्यूआरएफ, एसटीएफ शामिल है जो बहुत ही अतिसंवेदनशील क्षेत्र है वहाँ पर रहेगा। उन्होंने कहा कि भोजशाला के आसपास 9 लेयर की सुरक्षा व्यवस्था रहेगी।
पठानकोट में जासूसी का भंडाफोड़, एक आरोपी गिरफ्तार:नेश्नल हाइवे पर लगाए थे CCTV, विदेशी एजेंसियों के पास था लिंक, पाकिस्तान जाती थी हर फुटेज
पंजाब के पठानकोट जिले में सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस ने एक बेहद संवेदनशील जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। सीआईए स्टाफ पुलिस ने देश विरोधी ताकतों और पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के साथ मिलकर भारतीय सेना व अर्धसैनिक बलों की गोपनीय जानकारी साझा करने के आरोप में एक गिरोह के सदस्य को दबोचा है। जिसने अपने 3 साथियों के साथ मिलकर पठानकोट-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग NH-44 पर सुजानपुर के पास पुल नंबर 4 और 5 के बीच स्थित कुछ दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगा रखे थे। कैमरे अत्याधुनिक, हाई-डेफिनेशन और घूमने वाले थे, जिन्हें मोबाइल के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता था। कैमरे का लिंक विदेशी एजेंसियों के हाथ में था। पुलिस ने कुल 4 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट की संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इन कैमरों का मुख्य मकसद इस मार्ग से गुजरने वाले भारतीय सेना और पैरामिलिट्री फोर्सेज के काफिलों तथा उनकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखना था। पाकिस्तान भेजी जा रही थी 'लाइव फीड' जानकारी के मुताबिक आरोपी इन कैमरों के जरिए जुटाई गई निगरानी रिपोर्ट और लाइव वीडियो फीड को इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के जरिए पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स और विदेशों में सक्रिय जासूसों के साथ सीधे साझा कर रहे थे। पुलिस एफआईआर के मुताबिक यह जानकारी भारत की संप्रभुता अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बेहद गंभीर खतरा पैदा कर रही थी। गुप्त सूचना के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई जानकारी के मुताबिक थाना सुजानपुर के मुख्य अधिकारी को इस जासूसी नेटवर्क की पुख्ता जानकारी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए छापेमारी की और जाल बिछाकर आरोपी को धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बलजीत सिंह उर्फ बिट्टू के तौर पर हुई है। ये आरोपी भी साजिश में शामिल इस मामले में नामजद किए गए आरोपियों में विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्का पुत्र किरपाल सिंह, निवासी नया पिंड, सुजानपुर बलविंदर सिंह उर्फ विक्की और तरनप्रीत सिंह उर्फ तन्नू शामिल हैं। जो विभिन्न आपराधिक और देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 61, 111, 113(3), 152 और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट 1923 की धारा 3 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आगे की जांच जारी पुलिस अब इस बात की कड़ाई से तफ्तीश कर रही है कि इस नेटवर्क के तार सीमा पार और किन-किन लोगों से जुड़े हुए थे तथा इन्हें इस काम के लिए कहां से फंडिंग हो रही थी। इलाके के मजिस्ट्रेट और उच्च अधिकारियों को इस संबंध में स्पेशल रिपोर्ट भेज दी गई है। एसएसपी ने किए बड़े खुलासे एसएसपी पठानकोट दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि सीआईए स्टाफ को गुप्त सूचना मिली थी कि बलजीत सिंह उर्फ बिट्टू, जो गांव धारीवाल चक्क का रहने वाला है और थाना सदर के अंतर्गत आता है, अपने तीन साथियों के साथ मिलकर पठानकोट-जम्मू नेश्नल हाईवे-44 पर जासूसी गतिविधियों में शामिल था। बेहद संवेदनशील है एनएच-44 ये नेश्नल हाइवे एक संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, इन लोगों ने निगरानी के लिए कैमरे लगाए हुए थे ताकि वहां होने वाली हर तरह की गतिविधि और मूवमेंट रिकॉर्ड की जा सके। एसएसपी ने खुलासा किया कि अब तक की जांच के अनुसार यह पूरा नेटवर्क पिछले छह से सात महीनों से सक्रिय था। कैमरे अत्याधुनिक, हाई-डेफिनेशन और घूमने वाले थे,जिन्हें मोबाइल के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता था। स्टैंड एलोन इंटरनेट आधारित थे कैमरे एसएसपी ने बताया कि पहले एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। सख्ती से पूछताछ करने के बाद उसने उस स्थान की निशानदेही की, जहां से पुलिस ने स्टैंड-अलोन इंटरनेट आधारित हाई-डेफिनेशन कैमरे बरामद किए। ये कैमरे मोबाइल फोन के जरिए कंट्रोल किए जा सकते थे और हर प्रकार की गतिविधि रिकॉर्ड करने में सक्षम थे। विदेशी एजेंसियों के संपर्क में थे 2 आरोपी एसएसपी ने बताया कि जांच में पता चला है कि इस मामले में उसके तीन अन्य साथी भी शामिल हैं। इनमें से एक स्थानीय स्तर पर लॉजिस्टिक सहायता प्रदान कर रहा था, जबकि दो अन्य विदेश में बैठे लोगों और संदिग्ध खुफिया एजेंसियों के संपर्क में थे। आरोपियों को इस काम के लिए प्रेरित किया गया था और कैमरे लगाने सहित अन्य खर्चों के लिए उन्हें पैसे भी दिए गए थे। 2 आरोपी अन्य मामले में जेल में बंद पुलिस के अनुसार मामले की जांच तेजी से की जा रही है। आरोपी के दो साथी फिलहाल किसी अन्य मामले में जेल में बंद हैं। उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लाकर जल्द पूछताछ की जाएगी। कैमरों के लिंक विदेशी एजेंसियों के हाथ मे था। जिनकी तकनीकी जांच जारी है। एसएसपी ने इसे देश के खिलाफ जासूसी का मामला बताया है और कहा है कि जांच में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। उम्मीद जताई गई है कि मामले में शामिल अन्य लोगों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी गतिविधियों को रोका जा सके। मुख्य आरोपी नशे का आदी एसएसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी नशे का आदी है। अक्सर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल विदेशी ताकतें या असामाजिक तत्व ऐसे युवाओं को निशाना बनाते हैं जो नशे की गिरफ्त में हों। आरोपी भी नशे के कारण कुछ लोगों के संपर्क में आया, जो गुरदासपुर के रहने वाले बताए जा रहे हैं और कथित रूप से नशा बेचने का काम करते हैं। उन्हीं के जरिए यह व्यक्ति आगे इस नेटवर्क से जुड़ गया और उसका इस्तेमाल किया गया। आरोपी के पीछे दो अन्य मुख्य साथी भी हैं, जो सीधे संपर्क में बताए जा रहे हैं।
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