कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के लिए यात्रियों का चयन, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने निकाला कंप्यूटरीकृत ड्रा
कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के लिए यात्रियों के चयन की प्रक्रिया दिल्ली स्थित MEA में पूरी कर ली गई है. विदेश मंत्री डॉक्टर ने यात्रियों के चयन के लिए कंप्यूटरीकृत ड्रा ऑफ लॉट्स आयोजित किया. विदेश मंत्रालय के अनुसार, कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 जून महीने में शुरू होगी और अगस्त तक चलेगी. इस वर्ष कुल 1000 यात्रियों का चयन एक निष्पक्ष, कंप्यूटर आधारित रैंडम और जेंडर-बैलेंस्ड प्रक्रिया के तहत किया गया है.
20 अलग-अलग बैचों में यात्रा
चयनित यात्री 20 अलग-अलग बैचों में यात्रा करेंगे। प्रत्येक बैच में 50 यात्री शामिल होंगे. यात्रा लिपुलेख और नाथू ला दर्रों के रास्ते संपन्न होगी. दोनों मार्ग अब पूरी तरह मोटरेबल हो चुके हैं, जिससे यात्रियों को बहुत कम पैदल यात्रा करनी पड़ेगी. यात्रा मार्ग और बैचों से जुड़ी विस्तृत जानकारी आधिकारिक यात्रा वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है. चयनित यात्रियों को एसएमएस और ईमेल के माध्यम से सूचना भेज दी गई है.
यात्री आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन कर अपने चयन की स्थिति देख सकते हैं. इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर 011-23088214 पर संपर्क कर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है.
ये रहे यात्रा का रूट
विदेश मंत्रालय की की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, यात्रियों के लिए दोनों मार्गों पर सुविधाएं बेहतर की गई हैं। सड़क संपर्क मजबूत होने के कारण यात्रा अब ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक मानी जा रही है। मंत्रालय ने बताया कि अलग-अलग बैचों और रूट से जुड़ी विस्तृत जानकारी आधिकारिक यात्रा वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है, ताकि चयनित यात्री अपनी यात्रा की तैयारी समय रहते कर सकें.
यात्रा पर जाने से पहले रखें इन बातों का ध्यान
कैलाश यात्रा पर जाने से पहले कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें. इनमें सबसे पहले आपकी सेहत. जी हां पूरी बॉडी का हेल्थ चेकअप जरूर करवाना चाहिए. खासतौर पर दिल, ब्लड प्रेशर, शुगर और सांस से जुड़ी बीमारियों वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह के बिना यात्रा नहीं करनी चाहिए. हल्की दौड़ और एक्सरसाइज करने से शरीर की सहनशक्ति बढ़ती है.
इन दस्तावेजों की पड़ती है जरूरत
कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए कुछ दस्तावेज भी लगते हैं. जैसे वैध पासपोर्ट, वीजा और सरकारी अनुमति जरूरी होती है. यात्रा का रास्ता तिब्बत से होकर गुजरता है, इसलिए यात्रियों को चीन ग्रुप वीजा और तिब्बत ट्रैवल परमिट की जरूरत पड़ती है.
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ट्रेनों और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए एआई, ड्रोन और सीसीटीवी का इस्तेमाल कर रहा रेलवे: अश्विनी वैष्णव
नई दिल्ली, 21 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को कहा कि भारतीय रेलवे ट्रेनों, यात्रियों, स्टेशन परिसरों और विशाल रेल नेटवर्क की सुरक्षा बढ़ाने के लिए एआई, ड्रोन और सीसीटीवी जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यापक इस्तेमाल कर रहा है।
उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के बीट स्तर पर खुफिया जानकारी जुटाने की व्यवस्था को मजबूत कर मिशन मोड में यह काम किया जा रहा है।
रेल मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजधानी में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में देशभर के फील्ड अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की।
बैठक का मुख्य फोकस रेलवे नेटवर्क में अधिक प्रभावी सुरक्षा प्रबंधन के लिए आरपीएफ और सरकारी रेलवे पुलिस के बीच सूचना साझा करने की व्यवस्था को बेहतर बनाकर समन्वय मजबूत करना था।
बैठक में बताया गया कि पिछले कुछ दिनों में कई घटनाओं की शुरुआती जांच में असामाजिक तत्वों की संलिप्तता सामने आई है। इनमें हाल की कुछ आगजनी की घटनाएं भी शामिल हैं।
भारतीय रेलवे ने इन घटनाओं को गंभीरता से लिया है और आरपीएफ सक्रिय रूप से इनकी जांच कर रही है।
आधिकारिक बयान के अनुसार, कई मामलों में रेलवे की त्वरित और सक्रिय कार्रवाई से बड़े हादसों को टालने में मदद मिली है।
बैठक में यह भी महसूस किया गया कि खुफिया तंत्र को मजबूत करने और सूचनाओं को तेजी से प्रोसेस करने के लिए तकनीक के इस्तेमाल के साथ-साथ रेलवे यात्रियों को भी यात्रा के दौरान और स्टेशन परिसर में इंतजार करते समय असामाजिक गतिविधियों को रोकने में सक्रिय सहयोग के लिए प्रोत्साहित करेगा।
मंत्रालय ने यात्रियों से यात्रा के दौरान सतर्क और जागरूक रहने की अपील की। रेलवे परिसर में किसी भी संदिग्ध गतिविधि या संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तुरंत रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर देने को कहा गया है।
बैठक में तकनीक-आधारित सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, पूरे रेलवे नेटवर्क में सीसीटीवी कवरेज बढ़ाने और रेलवे बोर्ड मुख्यालय तथा फील्ड जोन के बीच परिचालन सुरक्षा समन्वय बेहतर करने पर भी जोर दिया गया।
इसके अलावा, साइबर सुरक्षा मजबूत करने, कैमरों की गुणवत्ता अपग्रेड करने और एआई-आधारित निगरानी एवं मॉनिटरिंग सिस्टम तैनात करने पर भी चर्चा हुई।
--आईएएनएस
डीबीपी
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