Rare Blue Moon: खास होगी 31 मई की रात, जब दुर्लभ ब्लू मून के साथ माइक्रो मून से रोशन होगी पूर्णिमा की रात
Rare Blue Moon: इस साल मई का महीने धार्मिक दृष्टि से और खगोलीय दृष्टि से भी बेहद खास है। इस महीने में दुर्लभ ब्लू मून होगा, जिसे खगोल शास्त्र में दुर्लभ माना जाता है। धार्मिक दृष्टि से इस दिन ज्येष्ठ अधिक मास की पूर्णिमा होगी, जो तीन साल में एक बार आती है। आइए जानें
Falta Vidhan Sabha Repoll: दोपहर 1 बजे तक दर्ज हुई 60 फीसदी से अधिक वोटिंग, पोलिंग बूथ पर सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा
पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मियों और राजनीतिक रस्साकशी के बीच दक्षिण 24 परगना जिले से एक बेहद बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। जिले की हाई-प्रोफाइल फलता विधानसभा सीट के प्रभावित मतदान केंद्रों पर गुरुवार को बेहद कड़ी और चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुनर्मतदान की प्रक्रिया जारी है।
चुनाव आयोग की सीधी निगरानी में सुबह से शुरू हुए इस मतदान को लेकर स्थानीय मतदाताओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। दोपहर 1 बजे तक के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पोलिंग बूथों पर 60 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया है। सुरक्षा के मद्देनजर केंद्रीय बलों की भारी तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
#WATCH | South 24 Parganas, West Bengal: Polling begins in Falta Assembly Constituency. Votes will be counted on May 24.
— ANI (@ANI) May 21, 2026
The re-poll across all 285 polling stations in 144-Falta Assembly Constituency, after irregularities were reported in the polling during the West Bengal… pic.twitter.com/po9IgqAGRo
????#NewsAlert | Polling in West Bengal’s Falta Assembly constituency repoll recorded around 60.43% voter turnout till 1 PM.@ECISVEEP | @SpokespersonECI | @CEOWestBengal | #WestBengal | #Falta | #RePolling | #WestBengalRePolling | #RePollingResult | #UNI pic.twitter.com/97NlveTUPm
— United News of India (@uniindianews) May 21, 2026
आखिर क्यों करानी पड़ी फलता सीट पर दोबारा वोटिंग?
इस पुनर्मतदान के पीछे की वजह बेहद दिलचस्प और तकनीकी विवादों से जुड़ी हुई है। दरअसल, मुख्य चुनाव के दौरान ईवीएम मशीनों में तकनीकी और प्रशासनिक चूक का एक बड़ा मामला सामने आया था। रिपोर्ट के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवार ने ऐन वक्त पर कानूनी रूप से अपना नाम वापस ले लिया था।
इसके बावजूद, मतदान के दिन कई पोलिंग बूथों की ईवीएम और मतपत्रों की लिस्ट पर टीएमसी उम्मीदवार का नाम और पार्टी सिंबल वैधानिक रूप से प्रदर्शित हो रहा था, जिससे मतदाताओं के बीच भारी भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। इस गंभीर चूक पर विपक्ष द्वारा कड़ा ऐतराज जताने और शिकायत दर्ज कराने के बाद चुनाव आयोग ने इस बूथ के मतदान को पूरी तरह से निरस्त कर दोबारा वोटिंग कराने का कड़ा ऐतिहासिक फैसला लिया।
ईवीएम से टीएमसी उम्मीदवार का नाम हटने के बाद बदला समीकरण
चुनाव आयोग के कड़े निर्देशों के बाद आज हो रहे पुनर्मतदान में ईवीएम और बैलेट यूनिट्स को पूरी तरह से रीडिजाइन और अपडेट करके लगाया गया है। नए नियमों के मुताबिक मशीनों से टीएमसी उम्मीदवार का नाम पूरी तरह से हटा दिया गया है। इसके बाद अब चुनावी मुकाबला मुख्य रूप से भारतीय जनता पार्टी और वाम मोर्चा-कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवारों के बीच बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है।
सुबह से ही पोलिंग स्टेशनों के बाहर महिला और पुरुष मतदाताओं की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को इस कदर कड़ा किया गया है कि किसी भी असामाजिक तत्व को बूथ के आसपास फटकने की भी इजाजत नहीं है।
कड़े पहरे में शांतिपूर्ण मतदान, आयोग रख रहा है पल-पल की नजर
दक्षिण 24 परगना के जिला निर्वाचन अधिकारी और पुलिस प्रशासन ने फलता के पुनर्मतदान वाले इलाकों में चप्पे-चप्पे पर नाकेबंदी कर रखी है। सभी संवेदनशील पोलिंग बूथों के भीतर और बाहर लाइव वेबकास्टिंग के जरिए सीधे राज्य चुनाव नियंत्रण कक्ष से निगरानी की जा रही है। दोपहर 1 बजे तक शांतिपूर्ण ढंग से 60 फीसदी से अधिक वोट गिरना यह साबित करता है कि जनता बिना किसी डर और दबाव के अपने घरों से बाहर निकल रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फलता सीट का यह पुनर्मतदान भले ही कुछ बूथों तक सीमित है, लेकिन इस त्रिकोणीय मुकाबले के परिणाम राज्य की भविष्य की कूटनीति और सियासी समीकरणों को प्रभावित करने में बेहद अहम भूमिका निभाएंगे।
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