अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान युद्ध को लेकर रणनीतिक मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच बुधवार को हुई एक महत्वपूर्ण टेलीफोन वार्ता में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। यह बातचीत ऐसे समय हुई जब ट्रंप ने ईरान पर प्रस्तावित सैन्य हमलों को अचानक रोकने का फैसला लिया। इस फैसले से नेतन्याहू स्पष्ट रूप से नाराज बताए जा रहे हैं और दोनों नेताओं के बीच युद्ध को लेकर दृष्टिकोण का अंतर सामने आ गया है।
अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप और नेतन्याहू के बीच हुई बातचीत करीब एक घंटे तक चली। इस दौरान नेतन्याहू ने ट्रंप से कहा कि ईरान के खिलाफ हमलों को टालना एक गलती है और अमेरिका को अपनी पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ना चाहिए। नेतन्याहू का मानना है कि सैन्य दबाव कम करने से ईरान को समय मिलेगा और वह इसका फायदा उठा सकता है। दूसरी ओर ट्रंप अभी भी कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं को समाप्त नहीं करना चाहते।
सूत्रों के अनुसार, ट्रंप ने बातचीत में नेतन्याहू को बताया कि मध्यस्थ देश अमेरिका और ईरान के बीच एक प्रारंभिक समझौता पत्र तैयार कराने की कोशिश कर रहे हैं। इस प्रस्तावित समझौते का उद्देश्य युद्ध समाप्त करना और आगे की वार्ताओं का रास्ता खोलना है। इसके तहत लगभग तीस दिनों तक कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत की योजना बनाई जा रही है। इनमें ईरान का परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने जैसे संवेदनशील विषय शामिल हैं।
हालांकि इजरायल इस पहल को लेकर संतुष्ट नहीं दिख रहा। नेतन्याहू लंबे समय से ईरान के खिलाफ अधिक आक्रामक रुख अपनाने की वकालत करते रहे हैं। माना जा रहा है कि फरवरी के अंत में युद्ध शुरू होने के बाद से ही वह लगातार अमेरिका पर कठोर सैन्य कार्रवाई के लिए दबाव बनाते रहे हैं। यही कारण है कि जब ट्रंप ने इस सप्ताह की शुरुआत में नए लक्षित हमलों की संभावना जताने के बाद अचानक उन्हें रोक दिया, तो इजरायली नेतृत्व को यह फैसला स्वीकार नहीं हुआ।
रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि ट्रंप ने हमले रोकने का निर्णय खाड़ी क्षेत्र के सहयोगी देशों के आग्रह पर लिया। कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ने से रोकने के लिए अमेरिका से संयम बरतने की अपील की थी। इन देशों को आशंका है कि व्यापक युद्ध की स्थिति में पूरे पश्चिम एशिया की स्थिरता प्रभावित हो सकती है और तेल आपूर्ति पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।
देखा जाये तो अमेरिका और इजरायल के बीच मतभेद केवल हमलों को लेकर ही नहीं हैं, बल्कि दोनों के युद्ध संबंधी मूल उद्देश्य भी अलग दिखाई दे रहे हैं। ट्रंप जहां एक ओर सैन्य दबाव के साथ बातचीत का रास्ता खुला रखना चाहते हैं, वहीं नेतन्याहू का जोर निर्णायक सैन्य कार्रवाई पर है। इसी कारण दोनों नेताओं के बीच कई बार रणनीतिक असहमति देखी गई है। बताया गया है कि इजरायल ने दक्षिण फारस तेल क्षेत्र पर हमला करने से पहले अमेरिका को पूरी तरह विश्वास में नहीं लिया था। इस कदम ने भी दोनों देशों के बीच अविश्वास बढ़ाया।
बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि ईरान को लेकर स्थिति अंतिम चरण में पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि या तो कोई समझौता होगा या फिर अमेरिका को कठोर कदम उठाने पड़ सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि हालात उस दिशा में नहीं जाएंगे। ट्रंप ने यह संकेत दिया कि यदि कूटनीतिक प्रयासों से लोगों की जान बचाई जा सकती है, तो कुछ और दिनों तक बातचीत को अवसर देना उचित होगा।
इस बीच, ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका के भीतर भी राजनीतिक मतभेद तेज हो गए हैं। अमेरिकी सीनेट में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की मंजूरी दी गई है, जिसके तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कांग्रेस की अनुमति के बिना ईरान के खिलाफ युद्ध जारी रखने से रोका जा सकता है। इस प्रस्ताव के समर्थन में कई रिपब्लिकन सांसदों ने भी डेमोक्रेट सदस्यों का साथ दिया। प्रस्ताव पेश करने वाले सीनेटर टिम केन ने कहा कि युद्ध और शांति जैसे मुद्दों पर अंतिम निर्णय कांग्रेस का होना चाहिए, क्योंकि अमेरिकी संविधान में युद्ध घोषित करने का अधिकार राष्ट्रपति नहीं बल्कि कांग्रेस को दिया गया है। हालांकि यह अभी केवल प्रारंभिक प्रक्रिया है और इसे कानून बनने के लिए प्रतिनिधि सभा तथा सीनेट दोनों में व्यापक समर्थन की आवश्यकता होगी।
अमेरिका में यह बहस भी तेज हो गई है कि ट्रंप ने बिना स्पष्ट रणनीति बताए देश को लंबे संघर्ष की ओर धकेल दिया है। हम आपको बता दें कि वर्ष 1973 के युद्ध अधिकार कानून के अनुसार कोई भी अमेरिकी राष्ट्रपति सीमित समय तक ही सैन्य कार्रवाई कर सकता है, उसके बाद उसे कांग्रेस की अनुमति लेनी होती है। डेमोक्रेट नेताओं और कुछ रिपब्लिकन सांसदों का कहना है कि ट्रंप को ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के लिए औपचारिक मंजूरी लेनी चाहिए। वहीं व्हाइट हाउस और ट्रंप समर्थक रिपब्लिकन नेताओं का तर्क है कि राष्ट्रपति ने देश की सुरक्षा के लिए अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत कार्रवाई की है और यह पूरी तरह वैध है।
इसके अलावा, एक और दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप ने नेतन्याहू के साथ अपनी बातचीत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इजरायली प्रधानमंत्री वही करेंगे जो वह चाहेंगे। इस बयान को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। इससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिका अब भी खुद को इस पूरे संघर्ष में निर्णायक शक्ति के रूप में देख रहा है।
उधर, ईरान ने भी संकेत दिए हैं कि बातचीत की संभावनाएं अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच पाकिस्तान के माध्यम से संदेशों का आदान प्रदान जारी है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पर्दे के पीछे संवाद की प्रक्रिया अब भी चल रही है, भले ही सार्वजनिक रूप से दोनों पक्ष एक दूसरे पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हों।
बहरहाल, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और इजरायल के बीच उभरते मतभेद अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिए महत्वपूर्ण संकेत माने जा रहे हैं। यदि दोनों देशों की रणनीति में यही अंतर बना रहता है, तो आने वाले दिनों में ईरान युद्ध की दिशा और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
Mouni Roy Cannes Look 2026: मौनी रॉय (Mouni Roy) ने Cannes 2026 के रेड कार्पेट पर जैसे ही एंट्री ली, हर किसी की नजरें बस उन्हीं पर ठहर गईं। बोल्ड क्रिस्टल गाउन, डायमंड जूलरी और कॉन्फिडेंस से भरे अंदाज में मौनी ने ऐसा ग्लैमरस जलवा बिखेरा कि सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें मिनटों में वायरल हो गईं।
स्ट्रैपलेस गाउन में दिखीं ग्लैमरस
Mouni Roy Cannes
कान फिल्म फेस्टिवल में मौनी रॉय फिल्म ‘La Bataille De Gaulle: L'Âge De Fer’ की स्क्रीनिंग में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने Carolines Couture की 2026 रनवे कलेक्शन से आइवरी शेड का स्ट्रैपलेस क्रिस्टल गाउन पहना था।
यह बॉडी-हगिंग गाउन उनके कर्व्स को खूबसूरती से हाईलाइट कर रहा था। गाउन पर किया गया सिल्वर क्रिस्टल वर्क और एब्स्ट्रैक्ट वेब-स्टाइल डिजाइन उनके पूरे लुक को बेहद यूनिक बना रहा था।
डायमंड जूलरी ने बढ़ाई खूबसूरती
Mouni Roy Cannes 2026
अपने इस रेड कार्पेट लुक को मौनी ने Chopard की शानदार डायमंड जूलरी के साथ पूरा किया। उन्होंने हैवी डायमंड नेकलेस, ब्रेसलेट, रिंग्स और Precious Lace डायमंड वॉच कैरी की थी।
जूलरी ने उनके ग्लैमरस लुक में रॉयल टच जोड़ दिया। कैमरों की फ्लैश में मौनी का पूरा लुक और भी ज्यादा चमकता नजर आया।
मिनिमल मेकअप ने जीता दिल
Mouni Roy Cannes 2026
मौनी ने अपने मेकअप को बेहद सॉफ्ट और एलिगेंट रखा। उन्होंने ग्लॉसी न्यूड लिप्स, ड्रामेटिक आई मेकअप और शार्प कंटूर वाला लुक चुना। वहीं बालों को स्लीक बन में स्टाइल किया गया था, जिससे उनका नेकलेस और ऑफ-शोल्डर गाउन दोनों खूबसूरती से हाईलाइट हो सके।
सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तस्वीरें
Mouni Roy Cannes 2026
मौनी रॉय ने अपने कान लुक की कई तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर की हैं। इन तस्वीरों में वह कभी कार में बैठकर पोज देती नजर आईं, तो कभी कान्स वेन्यू पर मुस्कुराते हुए कैमरे के सामने स्टाइलिश अंदाज में दिखाई दी।
पर्सनल लाइफ भी चर्चा में
Mouni Roy Cannes 2026
मौनी रॉय का यह कान्स अपीयरेंस ऐसे समय पर सामने आया है, जब हाल ही में उनके और पति सुरज नंबियार (Suraj Nambiar) के अलग होने की खबरें सोशल मीडिया पर चर्चा में रही थी। हालांकि, इन खबरों पर दोनों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में मुंबई इंडियंस की टीम ने एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कराया. इस सीजन के पिछले तीन मैच में टीम के लिए तीन अलग अलग कप्तान खेलने उतरे. इसी के साथ पुणे वॉरियर्स इंडिया के बाद अब मुंबई दूसरी ऐसी टीम बन गई है जिसने तीन लगातार मैच में अलग कप्तान उतारे. Thu, 21 May 2026 10:14:03 +0530