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हरियाली अमावस्या आज, प्रकृति संरक्षण का संकल्प लेने का पर्व, जानिए बहू, मिठाई और चूहे से जुड़ी व्रत कथा

आज हरियाली अमावस्या है। सावन मास की अमावस्या को मनाई जाने वाली हरियाली अमावस्या प्रकृति और धार्मिक आस्था का संगम है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के साथ पेड़-पौधों की पूजा और पौधारोपण का विशेष महत्व माना जाता है। सावन में बारिश के बाद चारों ओर फैली हरियाली के बीच मनाया जाने वाला यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और उसके संरक्षण का संदेश देता है।

सीएम मोहन यादव ने आज के दिन शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि “हरियाली अमावस्या के पावन पर्व की सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं। यह पर्व हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और उसके संरक्षण का संदेश देता है। आइए, इस अवसर पर अधिक से अधिक पौधे लगाकर धरती को हरा-भरा बनाएं और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं संतुलित पर्यावरण बनाए रखने का संकल्प लें।”

प्रकृति का उत्सव

हिंदू पंचांग के अनुसार सावन महीने की अमावस्या को हरियाली अमावस्या कहा जाता है। वर्षा ऋतु में धरती पर हरियाली आती है और पेड़-पौधों में नया जीवन दिखाई देती है। इसी प्राकृतिक बदलाव को उत्सव के रूप में मनाने की परंपरा हरियाली अमावस्या से जुड़ी है। इस दिन लोग प्रकृति की पूजा करते हैं और पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हैं।

भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित पर्व

सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इसलिए हरियाली अमावस्या पर भगवान शिव का जलाभिषेक कर बेलपत्र, फूल और फल अर्पित किए जाते हैं। माता पार्वती की पूजा भी की जाती है। अमावस्या होने के कारण कई परिवारों में पितरों की शांति के लिए तर्पण, दान और अन्य धार्मिक कर्म करने की परंपरा भी है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से पूजा-अर्चना, दान-पुण्य और सेवा कार्य करने से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का दिन

हरियाली अमावस्या की सबसे बड़ी विशेषताओं में इसका पर्यावरणीय संदेश शामिल है। इस दिन पीपल, बरगद, नीम, आंवला और बेल जैसे पेड़ लगाने तथा उनकी सेवा करने की परंपरा कई क्षेत्रों में प्रचलित है। पेड़ वायु को शुद्ध करने, मिट्टी के संरक्षण और जैव विविधता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में हरियाली अमावस्या सिर्फ धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति बचाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण सुरक्षित रखने का संदेश भी देती है।

इस तरह करें हरियाली अमावस्या पर पूजा

हरियाली अमावस्या के दिन सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित किए जाते हैं। दीप-धूप जलाकर भगवान का ध्यान किया जाता है। इसके बाद पीपल, बरगद या अन्य पूजनीय वृक्षों की पूजा कर उनकी परिक्रमा करने की परंपरा भी है। कई लोग इस दिन अपनी श्रद्धा और पारिवारिक परंपरा के अनुसार उपवास या सात्विक आहार रखते हैं। जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और अन्य सामग्री का दान भी किया जाता है।

पर्व से जुड़ी व्रत कथा

हरियाली अमावस्या की प्रचलित लोक-व्रत कथा राजा की पुत्रवधू, चूहों और दीपकों से जुड़ी है। कथा के अनुसार एक राजा अपने परिवार के साथ सुखपूर्वक रहता था। उसके पुत्र का विवाह हुआ और एक दिन राजा की पुत्रवधू ने रसोई में रखी मिठाई खा ली। जब घरवालों ने मिठाई के बारे में पूछा तो उसने अपनी गलती छिपाने के लिए कह दिया कि सारी मिठाई चूहे खा गए।पुत्रवधू की यह बात चूहों ने सुन ली। अपने ऊपर लगाए गए झूठे आरोप से वे नाराज हो गए और उसे सबक सिखाने का निश्चय किया। कुछ समय बाद राजा के महल में मेहमान आए। चूहों ने मौका देखकर राजा की पुत्रवधू की साड़ी चुराई और उसे मेहमानों के कमरे में रख दिया। सुबह जब मेहमानों ने वहां साड़ी देखी तो महल में तरह-तरह की बातें होने लगीं। बात राजा तक पहुंची तो उसने बिना पूरी सच्चाई जाने अपनी पुत्रवधू के चरित्र पर संदेह कर लिया और उसे महल से निकाल दिया।

महल से निकलने के बाद राजा की पुत्रवधू एक झोपड़ी में रहने लगी। उसने भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा नहीं छोड़ी। वह नियमित रूप से पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाकर पूजा करने लगी। पूजा के बाद वह गुड़धानी का भोग लगाती और प्रसाद लोगों में बांटती थी। एक दिन राजा उसी रास्ते से गुजर रहा था। उसकी नजर पीपल के पेड़ के आसपास दिखाई दे रही रोशनी पर पड़ी। राजा को यह देखकर आश्चर्य हुआ। महल लौटकर उसने सैनिकों को उस रोशनी का रहस्य पता करने के लिए भेजा। सैनिक जब पीपल के पेड़ के पास पहुंचे तो उन्होंने देखा कि वहां जल रहे दीपक आपस में बातचीत कर रहे हैं। एक दीपक ने बताया कि वह राजा के महल से आया है और राजा की पुत्रवधू महल से निकाले जाने के बाद रोज उसकी पूजा करती और उसे जलाती है। जब दूसरे दीपकों ने पूछा कि राजा की पुत्रवधू को महल से क्यों निकाला गया, तो उस दीपक ने पूरी घटना बता दी। उसने बताया कि मिठाई खाने के बाद पुत्रवधू ने चूहों पर झूठा आरोप लगाया था और इसी का बदला लेने के लिए चूहों ने उसकी साड़ी मेहमानों के कमरे में रख दी थी

सैनिकों ने वापस लौटकर राजा को पूरी बात बता दी। सच्चाई सामने आने पर राजा को अपनी गलती का एहसास हुआ। उसने अपनी पुत्रवधू को सम्मानपूर्वक वापस महल बुला लिया। इसके बाद वह परिवार के साथ सुखपूर्वक रहने लगी। कथा का संदेश है कि किसी पर बिना सच्चाई जाने आरोप नहीं लगाना चाहिए और विपरीत परिस्थितियों में भी आस्था तथा धैर्य नहीं छोड़ना चाहिए।

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सीएम मोहन यादव आज अहमदाबाद में उद्योगपतियों-निवेशकों से करेंगे संवाद, MP में निवेश की संभावनाओं पर होगा मंथन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज, बुधवार को गुजरात जाएंगे। यहां वे अहमदाबाद के ताज स्काईलाइन में मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं को लेकर देश के प्रमुख औद्योगिक समूहों के साथ संवाद करेंगे। साथ ही अहमदाबाद में मेगा निवेश रोड शो में गुजरात के उद्योग जगत को मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों, अनुकूल औद्योगिक नीतियों और निवेशक सुविधाओं से अवगत कराएंगे।

इस निवेश संवाद में गुजरात के प्रमुख उद्योग समूहों और निवेशकों को मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता, अनुकूल निवेश वातावरण और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध निवेश अवसरों की जानकारी दी जाएगी। अहमदाबाद रोड शो का उद्देश्य गुजरात के उद्योग जगत के साथ मध्यप्रदेश के निवेश संबंधों को और मजबूत करते हुए प्रदेश में नए निवेश प्रस्तावों को गति देना है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए गुजरात के उद्योग जगत को आमंत्रित भी करेंगे

MP में निवेश की संभावनाओं पर मंथन

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव अहमदाबाद में प्रमुख औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें भी करेंगे।
  • वे उद्योगपतियों के साथ मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं, उद्योग की स्थापना के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा निवेशकों के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे सहयोग पर रूबरू चर्चा करेंगे।
  • इन बैठकों में निवेशकों की आवश्यकताओं और उनके प्रस्तावित निवेश को प्रदेश में धरातल पर उतारने की संभावनाओं पर विशेष रूप से चर्चा होगी।
  • निवेश संवाद में मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। इसमें प्रदेश की औद्योगिक अधोसंरचना, निवेश के लिए उपलब्ध भूमि, नीतिगत प्रोत्साहन, तकनीकी एवं कौशल आधारित औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र और विभिन्न क्षेत्रों में विकसित हो रहे निवेश अवसरों की जानकारी उद्योग जगत के समक्ष रखी जाएगी।
  • निवेशकों की सुविधा के लिए विकसित की गई सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम, प्लग एंड प्ले अधोसंरचना तथा निवेश परियोजनाओं के लिए अनुकूल नीतिगत वातावरण को भी प्रमुखता से रेखांकित किया जाएगा। प्रदेश में विनिर्माण, नवकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर, आईटी और प्रौद्योगिकी, वस्त्र, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, लॉजिस्टिक्स सहित उभरते क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं।

गुजरात के प्रमुख उद्योग समूहों से वन-टू-वन चर्चा,

  • मुख्यमंत्री अरविंद लिमिटेड, टोरेंट पॉवर तथा अडानी ग्रुप के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करेंगे। इन बैठकों में वस्त्र, ऊर्जा, अधोसंरचना, विनिर्माण और औद्योगिक विस्तार के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श होगा।
  • हरी कृष्णा एक्सपोर्ट के चेयरमैन ढोलकिया, चिरिपाल समूह के चेयरमैन बृजमोहन चिरिपाल और अग्रवाल ग्रुप के चेयरमैन चिमन भाई शाह के साथ भी व्यक्तिगत बैठकें करेंगे। संभावित निवेश परियोजनाओं, औद्योगिक विस्तार, भूमि उपलब्धता तथा निवेशकों को उपलब्ध सुविधाओं और सहयोग पर चर्चा होगी।
  • अपर मुख्य सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन नीरज मंडलोई मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य, मजबूत अधोसंरचना, निवेशक-अनुकूल नीतियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध निवेश अवसरों पर विस्तृत प्रस्तुति देंगे।
  • प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एम. सेल्वेन्द्रन प्रदेश के टेक इकोसिस्टम, नवाचार, अनुसंधान एवं विकास, स्टार्टअप्स एवं उच्च प्रौद्योगिकी आधारित निवेश की संभावनाओं पर प्रकाश डालेंगे।

स्पेसटेक विजन फोरम- मध्यप्रदेश का आयोजन

  • कार्यक्रम में स्पेसटेक विजन फोरम- मध्यप्रदेश का आयोजन किया जाएगा जिसमें 25 से अधिक प्रमुख स्पेस टेक कंपनियों, स्टार्ट अप्स, निवेशकों, इको सिस्टम से जुड़े प्रतिनिधियों एवं उद्योग विशेषज्ञ शामिल होंगे।
  • कार्यक्रम में मध्यप्रदेश की स्पेस टेक पॉलिसी-2026 और प्रस्तावित स्पेस टेक क्लस्टर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
  • राज्य में स्पेस टेक क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक अधोसंरचना, नीतिगत सहयोग, कौशल विकास, परीक्षण सुविधाओं, नवाचार इको सिस्टम और निवेश के अवसरों पर उद्योग जगत के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा।

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  Sports

DPL 2026: सांसद पप्पू यादव के बेटे सार्थक रंजन का दिल्ली प्रीमियर लीग में तांडव, चार मैच में 4 फिफ्टी ठोककर गेंदबाजों के छुड़ाए पसीने

सांसद पप्पू यादव के बेटे सार्थक रंजन दिल्ली प्रीमियर लीग 2026 में धूम मचा रहे हैं. सार्थक लीग में नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर के लिए खेल रहे हैं और वह टीम के कप्तान भी हैं. अबतक सार्थक ने अपनी टीम के लिए लगातार चार मैचों में अर्धशतक लगा चुके हैं. इसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 95 रन का रहा है. Wed, 12 Aug 2026 09:29:46 +0530

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Uttarakhand News: उत्तराखंड की दिनभर की बड़ी खबरें! | Chamoli Cloudburst |Heavy Rain | IMD |CM Dhami #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-12T06:00:06+00:00

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