सीएम मोहन यादव आज अहमदाबाद में उद्योगपतियों-निवेशकों से करेंगे संवाद, MP में निवेश की संभावनाओं पर होगा मंथन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज, बुधवार को गुजरात जाएंगे। यहां वे अहमदाबाद के ताज स्काईलाइन में मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं को लेकर देश के प्रमुख औद्योगिक समूहों के साथ संवाद करेंगे। साथ ही अहमदाबाद में मेगा निवेश रोड शो में गुजरात के उद्योग जगत को मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों, अनुकूल औद्योगिक नीतियों और निवेशक सुविधाओं से अवगत कराएंगे।
इस निवेश संवाद में गुजरात के प्रमुख उद्योग समूहों और निवेशकों को मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता, अनुकूल निवेश वातावरण और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध निवेश अवसरों की जानकारी दी जाएगी। अहमदाबाद रोड शो का उद्देश्य गुजरात के उद्योग जगत के साथ मध्यप्रदेश के निवेश संबंधों को और मजबूत करते हुए प्रदेश में नए निवेश प्रस्तावों को गति देना है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए गुजरात के उद्योग जगत को आमंत्रित भी करेंगे
MP में निवेश की संभावनाओं पर मंथन
- मुख्यमंत्री डॉ. यादव अहमदाबाद में प्रमुख औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें भी करेंगे।
- वे उद्योगपतियों के साथ मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं, उद्योग की स्थापना के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा निवेशकों के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे सहयोग पर रूबरू चर्चा करेंगे।
- इन बैठकों में निवेशकों की आवश्यकताओं और उनके प्रस्तावित निवेश को प्रदेश में धरातल पर उतारने की संभावनाओं पर विशेष रूप से चर्चा होगी।
- निवेश संवाद में मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। इसमें प्रदेश की औद्योगिक अधोसंरचना, निवेश के लिए उपलब्ध भूमि, नीतिगत प्रोत्साहन, तकनीकी एवं कौशल आधारित औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र और विभिन्न क्षेत्रों में विकसित हो रहे निवेश अवसरों की जानकारी उद्योग जगत के समक्ष रखी जाएगी।
- निवेशकों की सुविधा के लिए विकसित की गई सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम, प्लग एंड प्ले अधोसंरचना तथा निवेश परियोजनाओं के लिए अनुकूल नीतिगत वातावरण को भी प्रमुखता से रेखांकित किया जाएगा। प्रदेश में विनिर्माण, नवकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर, आईटी और प्रौद्योगिकी, वस्त्र, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, लॉजिस्टिक्स सहित उभरते क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं।
गुजरात के प्रमुख उद्योग समूहों से वन-टू-वन चर्चा,
- मुख्यमंत्री अरविंद लिमिटेड, टोरेंट पॉवर तथा अडानी ग्रुप के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करेंगे। इन बैठकों में वस्त्र, ऊर्जा, अधोसंरचना, विनिर्माण और औद्योगिक विस्तार के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श होगा।
- हरी कृष्णा एक्सपोर्ट के चेयरमैन ढोलकिया, चिरिपाल समूह के चेयरमैन बृजमोहन चिरिपाल और अग्रवाल ग्रुप के चेयरमैन चिमन भाई शाह के साथ भी व्यक्तिगत बैठकें करेंगे। संभावित निवेश परियोजनाओं, औद्योगिक विस्तार, भूमि उपलब्धता तथा निवेशकों को उपलब्ध सुविधाओं और सहयोग पर चर्चा होगी।
- अपर मुख्य सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन नीरज मंडलोई मध्यप्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य, मजबूत अधोसंरचना, निवेशक-अनुकूल नीतियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध निवेश अवसरों पर विस्तृत प्रस्तुति देंगे।
- प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एम. सेल्वेन्द्रन प्रदेश के टेक इकोसिस्टम, नवाचार, अनुसंधान एवं विकास, स्टार्टअप्स एवं उच्च प्रौद्योगिकी आधारित निवेश की संभावनाओं पर प्रकाश डालेंगे।
स्पेसटेक विजन फोरम- मध्यप्रदेश का आयोजन
- कार्यक्रम में स्पेसटेक विजन फोरम- मध्यप्रदेश का आयोजन किया जाएगा जिसमें 25 से अधिक प्रमुख स्पेस टेक कंपनियों, स्टार्ट अप्स, निवेशकों, इको सिस्टम से जुड़े प्रतिनिधियों एवं उद्योग विशेषज्ञ शामिल होंगे।
- कार्यक्रम में मध्यप्रदेश की स्पेस टेक पॉलिसी-2026 और प्रस्तावित स्पेस टेक क्लस्टर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
- राज्य में स्पेस टेक क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक अधोसंरचना, नीतिगत सहयोग, कौशल विकास, परीक्षण सुविधाओं, नवाचार इको सिस्टम और निवेश के अवसरों पर उद्योग जगत के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा।
ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत के मामले में जेल में बंद पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने हाईकोर्ट से मांगी जमानत, आज हो सकती है सुनवाई
मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में उनकी सास और भोपाल जिला एवं सत्र न्यायालय की रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने जमानत के लिए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। दरअसल जिला कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया है। याचिका पर आज बुधवार को सुनवाई संभावित है। इस मामले में गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को आरोपी बनाया गया है और दोनों जेल में हैं।
दरअसल गिरिबाला सिंह की ओर से दाखिल याचिका में उनकी उम्र और स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जमानत की मांग की गई है। इसके अलावा उन्होंने अपनी बुजुर्ग मां की देखभाल की जिम्मेदारी का भी जिक्र किया है। याचिका में यह दावा भी किया गया है कि ट्विशा शर्मा और उनके बीच रिश्ते अच्छे थे और दोनों के बीच किसी तरह का विवाद नहीं था। अब हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई में इन दलीलों के साथ राज्य सरकार का पक्ष भी अहम रहेगा।
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि ट्विशा शर्मा की शादी 9 दिसंबर 2025 को समर्थ सिंह से हुई थी। शादी के करीब पांच महीने बाद 12-13 मई 2026 की रात उनकी मौत हो गई। मौत की परिस्थितियों को लेकर मामला दर्ज हुआ और जांच के बाद उनके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। मामले में दहेज हत्या समेत गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
दरअसल गिरिबाला सिंह ने पहले जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत के लिए आवेदन दिया था, लेकिन अदालत से उन्हें राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की। उनकी ओर से उम्र और स्वास्थ्य जैसी व्यक्तिगत परिस्थितियों को आधार बनाया गया है। साथ ही याचिका में बहू के साथ संबंध सामान्य होने का दावा किया गया है। हालांकि, इन दावों पर अंतिम फैसला अदालत को सुनवाई और केस रिकॉर्ड देखने के बाद करना है। फिलहाल आरोपी पक्ष और जांच एजेंसियों की दलीलों के आधार पर मामला न्यायिक प्रक्रिया में है।
शादी के सात साल के भीतर मौत पर राज्य सरकार ने क्या कहा?
वहीं हाईकोर्ट में पहले हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से शादी के सात साल के भीतर हुई अप्राकृतिक मौत से जुड़े कानूनी प्रावधानों का हवाला दिया गया था। राज्य की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और मध्य प्रदेश के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने पक्ष रखा था। सरकार ने अदालत के सामने मामले की परिस्थितियों और लागू कानूनी प्रावधानों को आधार बनाकर जमानत का विरोध किया था। अब गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट की सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अदालत यह तय करेगी कि मौजूदा परिस्थितियों में उन्हें जमानत दी जा सकती है या नहीं।
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