'मुझ पर भद्दे हमले किए गए...', भारतीयों पर भड़के ट्रंप के सलाहकार नवारो, बोले- ऐसा मत करो
रूसी तेल खरीद पर टिप्पणी कर घिरे ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो ने कहा कि भारतीयों ने इंटरनेट पर उन पर 'फायरबॉम्ब' किया। उन्होंने आलोचनाओं पर कहा कि अमेरिका में इस तरह समस्याएं नहीं सुलझाई जातीं।
दिल्ली-NCR से कानपुर का सफर होगा सिर्फ 4 घंटे का, नई रफ्तार देगा गाजियाबाद-कानपुर एक्सप्रेसवे
Noida Ghaziabad Kanpur Expressway: उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में एक और शानदार अध्याय जुड़ने जा रहा है. नोएडा, गाजियाबाद और कानपुर के बीच बनने वाला नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे राज्य के पश्चिमी हिस्से को अवध क्षेत्र के प्रमुख औद्योगिक शहर कानपुर से सीधे जोड़ देगा. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा निर्मित यह एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे शुरुआत में चार लेन का होगा, जिसे भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए छह लेन तक भी बढ़ाया जा सकेगा. करीब 380 किलोमीटर लंबे इस शानदार प्रोजेक्ट पर 15 हजार करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है. इसके तैयार होने के बाद दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा से कानपुर तक का सफर बेहद आसान हो जाएगा. वर्तमान में इस दूरी को तय करने में 7 से 8 घंटे का लंबा समय लगता है, लेकिन इस नए मार्ग के खुल जाने से यह यात्रा सिमटकर महज 4 से 5 घंटे की रह जाएगी.
इन प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगा नया एक्सप्रेसवे
इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत गाजियाबाद और नोएडा के समानांतर गुजरने वाले नेशनल हाईवे नौ यानी दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से होगी. अपनी यात्रा के दौरान यह मार्ग उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों को कवर करेगा. गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा से शुरू होकर यह हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, कासगंज, फर्रुखाबाद, कन्नौज और उन्नाव होते हुए कानपुर पहुंचेगा. कानपुर पहुंचने के बाद इसे सीधे कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जोड़ दिया जाएगा, जिससे नोएडा और गाजियाबाद के लोगों के लिए राजधानी लखनऊ तक की निर्बाध यात्रा का सपना पूरी तरह साकार हो जाएगा.
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अन्य प्रमुख एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट से मिलेगी बेहतरीन कनेक्टिविटी
भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे इस हाईवे की सबसे बड़ी खासियत इसके संपर्क मार्ग हैं. इसे जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ा जाएगा. सिकंदराबाद, बुलंदशहर और यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते हवाई अड्डे के यात्रियों को इस नए एक्सप्रेसवे तक पहुंचने में काफी आसानी होगी. इसके अलावा, फर्रुखाबाद और कन्नौज के पास इसे मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले विशाल गंगा एक्सप्रेसवे के साथ इंटरकनेक्ट किया जाएगा. इससे यात्रियों के लिए प्रयागराज और विंध्य एक्सप्रेसवे होते हुए बुंदेलखंड तक का सफर बेहद सुगम हो जाएगा. वहीं, कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़ने के कारण यह मार्ग आगे चलकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से भी मिल जाएगा. इस तरह दिल्ली-एनसीआर का सीधा संपर्क गाजीपुर, गोरखपुर-सिलीगुड़ी और गोरखपुर-शामली जैसे बड़े एक्सप्रेसवे नेटवर्क से स्थापित हो जाएगा.
ट्रैफिक जाम से मुक्ति और औद्योगिक विकास को लगेगा पंख
इस बड़े प्रोजेक्ट के पूरा होने से दिल्ली-एनसीआर से कानपुर की ओर जाने वाले यात्रियों को नेशनल हाईवे नौ पर लगने वाले भारी जाम से हमेशा के लिए राहत मिल जाएगी. इसके साथ ही यमुना एक्सप्रेसवे पर भी वाहनों का भारी दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा. अलीगढ़, बुलंदशहर और कानपुर जैसे बड़े औद्योगिक व व्यापारिक केंद्रों के बीच माल की आवाजाही पहले से कहीं अधिक तेज और सुलभ हो जाएगी. इस नए रास्ते के खुलने से पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों को भी बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा. कृषि उत्पादों, फूड प्रोसेसिंग केंद्रों और अनाज मंडियों की पहुंच आसान होने के साथ-साथ एक्सप्रेसवे के आसपास नए लॉजिस्टिक्स पार्क, कोल्ड स्टोरेज और आवासीय परियोजनाओं का तेजी से विकास होगा. फिलहाल इस महत्वपूर्ण परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए रूट अलाइनमेंट तय करके जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया बहुत तेज गति से आगे बढ़ाई जा रही है.
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