सुनील नरेन का अनूठा डबल, आईपीएल में ये कारनामा करने वाले पहले ओवरसीज खिलाड़ी बने
Sunil Narine IPL Record: सुनील नरेन ने आईपीएल में ऐतिहासिक रिकॉर्ड नाम कर लिया है. गुजरात टाइटंस के खिलाफ मैदान पर उतरते ही उन्होंने अपने 200 आईपीएल मैच पूरे कर लिए. वह आईपीएल और केकेआर दोनों के लिए 200 मैच खेलने वाले पहले विदेशी खिलाड़ी बन गए हैं.
इन 2 फाइनेंस कंपनियों के खिलाफ RBI ने उठाया सख्त कदम, नियम तोड़ने पर लगाया लाखों का जुर्माना
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने दो नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों के खिलाफ सख्ती दिखाई है। ऐपनिट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड पर 5.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं IIFL फाइनेंस लिमिटेड पर 3.50 लाख रुपये की पेनल्टी लगी है। यह कदम आरबीआई ने नियमों का सही से अनुपालन न होने पर उठाया है। इस कार्रवाई की जानकारी केंद्रीय बैंक ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर दी है।
31 मार्च 2025 तक आईआईएफएल फाइनेंस लिमिटेड के वित्तीय स्थिति को चेक करने के लिए आरबीआई ने निरीक्षण किया था। इस दौरान दिशा निर्देशों में खामियों का पता चला था। वहीं ऐपनिट टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के वित्तीय स्थिति की जांच के लिए निरीक्षण अप्रैल 2024 से लेकर अगस्त 2025 के बीच किया गया था।
जांच के आधार पर दोनों ही कंपनियों को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया। नोटिस पर मिली प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई प्रस्तुतियों के आधार पर सभी आरोप सही पाए गए। इसके बाद ही पेनल्टी लगाने का फैसला आरबीआई ने लिया।
कंपनियों ने तोड़े ये नियम
ऐपनिट टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड आधार ओटीपी आधारित ई-केवाईसी का इस्तेमाल करके खोले गए पीपीआई खातों को केवाईसी निर्देशों के अनुसार पहचान की प्रक्रिया पूरी किए बिना एक साल से ज्यादा समय तक जारी रहने दिया। इसके अलावा खातों के जोखिम वर्गीकरण की समय-समय पर समीक्षाकरने की प्रणाली लागू करने में भी कंपनी विफल रही।
आईआईएफएल फाइनेंस लिमिटेड ने गिरवी रखे गए सोने के गहनों की नीलामी से प्राप्त अतिरिक्त राशि को बकाया ऋण से अधिक होने पर भी उधारकर्ताओं को चुकाने में विफल रही। आरोप साबित होने पर आरबीआई ने दोनों कंपनियों के खिलाफ एक्शन लिया।
ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा प्रभाव
आरबीआई ने यह कदम पेमेंट एंड सेटेलमेंट सिस्टम 2007 और आरबीआई एक्ट 1934 के विभिन्न प्रावधानों के तहत उठाया है। हालांकि इसका असर ग्राहकों पर हो रहे लेनदेन पर नहीं पड़ेगा। इसकी पुष्टि खुद सेंट्रल बैंक ने अपने नोटिफिकेशन में की है। यह कार्रवाई विनियामक कमियों पर आधारित है। इसका उद्देश्य ग्राहक और बैंक के बीच हो रहे किसी भी ट्रांजैक्शन या एग्रीमेंट की वैधता पर सवाल उठाना नहीं है। न ही इसका असर भविष्य में होने वाली आरबीआई के किसी अन्य कार्रवाई पर पड़ेगा।
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