विक्रम साराभाई की जयंती : भाजपा नेताओं की श्रद्धांजलि, विज्ञान और अनुसंधान में योगदान को सराहा
नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। महान भौतिक विज्ञानी, उद्योगपति, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की नींव रखने और देश में परमाणु ऊर्जा के विकास में अहम भूमिका निभाने वाले डॉ. विक्रम अंबालाल साराभाई की जयंती पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला सहित कई भाजपा नेताओं ने याद करते हुए नमन किया है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स पर लिखा, भारतीय अंतरिक्ष युग के शिल्पकार, पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. विक्रम साराभाई की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण नमन। डॉ. साराभाई का विश्वास था कि विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए। इसी दूरदृष्टि ने भारत में आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान की मजबूत नींव रखी और अंतरिक्ष विज्ञान को राष्ट्र निर्माण का प्रभावी माध्यम बनाया। उनके नेतृत्व में स्थापित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने भारत को आत्मनिर्भर, सक्षम और विश्वसनीय अंतरिक्ष शक्ति बनने की दिशा प्रदान की।
ओम बिड़ला ने आगे कहा, उन्होंने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को संचार, मौसम पूर्वानुमान, कृषि, शिक्षा, आपदा प्रबंधन और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों से जोड़कर यह सिद्ध किया कि विज्ञान तभी सार्थक है, जब उसका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। आज चंद्रमा से लेकर सूर्य और मंगल तक भारत की ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्राएं, स्वदेशी तकनीक की सफलता, अंतरिक्ष अनुसंधान में युवाओं की सक्रियता और वैश्विक स्तर पर देश की बढ़ती वैज्ञानिक प्रतिष्ठा, डॉ. साराभाई के अमूल्य योगदान की जीवंत विरासत हैं।
उनके आदर्श, विचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करते रहेंगे।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर लिखा, भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक, महान वैज्ञानिक, पद्म विभूषण डॉ. विक्रम साराभाई की जयंती पर कोटि-कोटि नमन करता हूं! विज्ञान के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान के लिए आपको सदैव याद किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पोस्ट में कहा, भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक पद्म विभूषण डॉ. विक्रम साराभाई की जयंती पर उन्हें विनम्र अभिवादन।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर पोस्ट किया, भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक, महान वैज्ञानिक पद्म विभूषण डॉ. विक्रम साराभाई की जयंती पर शत-शत नमन।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर पोस्ट किया, भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के शिल्पकार, पद्म विभूषण से अलंकृत डॉ. विक्रम साराभाई की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन! अपने दूरदर्शी नेतृत्व, वैज्ञानिक सोच और नवाचार के प्रति समर्पण से उन्होंने भारत को अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाने की मजबूत नींव रखी। राष्ट्र उनके अमूल्य योगदान का सदैव कृतज्ञ रहेगा।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पोस्ट में कहा, भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई दिशा और ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले महान वैज्ञानिक डॉ. विक्रम साराभाई की जयंती पर उन्हें सादर नमन। विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में आपका अतुलनीय योगदान भारत की वैज्ञानिक प्रगति की मजबूत आधारशिला है। आपके नवाचार, दूरदृष्टि और वैज्ञानिक सोच देश के युवा वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहनलाल यादव ने एक्स पोस्ट में कहा, महान वैज्ञानिक एवं भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक, पद्मविभूषण डॉ. विक्रम साराभाई की जयंती पर सादर नमन करता हूं। भारत में अंतरिक्ष विज्ञान और अनुसंधान की मजबूत नींव रखने में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। विज्ञान को जनकल्याण और राष्ट्र की प्रगति से जोड़ने की उनकी दूरदृष्टि आज भी देश को नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ने की प्रेरणा देती है।
--आईएएनएस
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जलते नोट मिलने के विवाद से घिरे जस्टिस यशवंत वर्मा: लोकसभा में रखी जाएगी जांच रिपोर्ट, हटाने की प्रक्रिया पर टिकी निगाहें
High Court Justice Yashwant Varma: जांच समिति ने दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ लगे आरोपों की जांच की है. वहीं, जांच रिपोर्ट को बुधवार यानी कि आज लोकसभा में पेश किया जाएगा. पिछले साल मार्च के महीने में यशवंत वर्मा के सरकारी घर से जले नोट मिलने के बाद उनका तबादला इलाहाबाद हाईकोर्ट कर दिया गया था. हालांकि इस साल 9 अप्रैल को अपने पद से उन्होंने इस्तीफा दे दिया था. लेकिन राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा स्वीकर नहीं किया था. उनका नाम आज भी इलाहाबाद हाई कोर्ट में लिस्टेड है.
जांच रिपोर्ट के चलते हट सकते हैं यशवंत वर्मा
आपको बता दें कि 200 से अधिक सांसदों ने उन्हें हटाने की याचिका स्पीकर को दी थी, जिसके बाद स्पीकर ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था. इस सीमित की रिपोर्ट बुधवार को पेश होगी. जांच की रिपोर्ट के आधार पर उन्हें हटाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है. हालांकि पूर्व जज जस्टिस यशवंत वर्मा ने पहले ही इस्तीफा दे दिया है. ऐसे में क्या इस्तीफा देने के बावजूद भी क्या संसद उन्हें हटा सकती है?
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