जलते नोट मिलने के विवाद से घिरे जस्टिस यशवंत वर्मा: लोकसभा में रखी जाएगी जांच रिपोर्ट, हटाने की प्रक्रिया पर टिकी निगाहें
High Court Justice Yashwant Varma: जांच समिति ने दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ लगे आरोपों की जांच की है. वहीं, जांच रिपोर्ट को बुधवार यानी कि आज लोकसभा में पेश किया जाएगा. पिछले साल मार्च के महीने में यशवंत वर्मा के सरकारी घर से जले नोट मिलने के बाद उनका तबादला इलाहाबाद हाईकोर्ट कर दिया गया था. हालांकि इस साल 9 अप्रैल को अपने पद से उन्होंने इस्तीफा दे दिया था. लेकिन राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा स्वीकर नहीं किया था. उनका नाम आज भी इलाहाबाद हाई कोर्ट में लिस्टेड है.
जांच रिपोर्ट के चलते हट सकते हैं यशवंत वर्मा
आपको बता दें कि 200 से अधिक सांसदों ने उन्हें हटाने की याचिका स्पीकर को दी थी, जिसके बाद स्पीकर ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था. इस सीमित की रिपोर्ट बुधवार को पेश होगी. जांच की रिपोर्ट के आधार पर उन्हें हटाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है. हालांकि पूर्व जज जस्टिस यशवंत वर्मा ने पहले ही इस्तीफा दे दिया है. ऐसे में क्या इस्तीफा देने के बावजूद भी क्या संसद उन्हें हटा सकती है?
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राम मंदिर में CEO पद के इंटरव्यू का आज आखिरी दिन, जानें उम्मीदवारों से पूछे जा रहे हैं कौन-कौन से सवाल
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी हैं. सिलेक्शन प्रोसिजर का आखिरी राउंड यानी इंटरव्यू 11 अगस्त से शुरू हो चुका है, जो आज यानी 12 अगस्त तक चलेगा. CEO पद के लिए देश भर से 5300 से अधिक आवेदन आए थे, जिनमें से सिर्फ 18 योग्य उम्मीदवारों को ही इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है. पहले दिन 10 वरिष्ठ अधिकारियों (रि) का इंटरव्यू हुआ. बाकी के 8 उम्मीदवारों का इंटरव्यू आज होगा.
राम मंदिर परिसर के उत्तरी हिस्से में स्थित ग्रीन हाउस में इंटरव्यू का आयोजन हो रहा है. मंगलवार को हुए इंटरव्यू में 3 पूर्व IAS अधिकारी, एक रिटायर्ड IPS अधिकारी, 4 पूर्व सैन्य और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अधिकारी शामिल हुए. ऐसे में लोगों के मन में यह जानने की इच्छा है कि आखिर उम्मीदवारों से आखिर सवाल क्या पूछे जा रहे हैं तो आइये जानते हैं, उन सवालों के बारे में…
इंटरव्यू में क्या-क्या पूछा गया?
पूर्व-इंटरव्यू प्रक्रिया:
- इंटरव्यू से पहले उम्मीदवारों से लगभग तीन दर्जन प्रश्नों वाला एक ऑनलाइन Google Form भरवाया गया.
प्रशासनिक व प्रबंधन अनुभव:
- प्रशासनिक पदों पर कार्य करने का अनुभव.
- धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के संचालन का पुराना अनुभव.
राम मंदिर प्रबंधन एवं विजन:
- राम मंदिर की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की योजनाएं.
- मंदिर प्रबंधन से संबंधित भविष्य का दृष्टिकोण (Vision).
आस्था एवं व्यक्तिगत मूल्य:
- राम मंदिर और भगवान श्रीराम के प्रति आस्था की गहराई.
- व्यक्तिगत पसंद-नापसंद तथा CV (बायोडाटा) में दिए गए विवरणों की पुष्टि.
धार्मिक परंपराएं एवं जीवनशैली:
- शिखा (चोटी) रखने, जनेऊ धारण करने तथा शाकाहारी/मांसाहारी भोजन से जुड़े प्रश्न.
- मदिरापान (शराब) का सेवन करने या न करने के संबंध में सवाल.
- हिंदू धार्मिक परंपराओं के अनुसार वेशभूषा/पोशाक पहनने में सहजता.
पारिवारिक पृष्ठभूमि एवं भीड़ प्रबंधन:
- उम्मीदवार के परिवार से संबंधित जानकारी.
- बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) का अनुभव.
पहले दिन दो सेशन में इंटरव्यू
एक दिन पहले, यानी मंगलवार को 18 में से 10 उम्मीदवारों का आमने-सामने इंटरव्यू हुआ, जो सुबह 9 बजे शुरू हुआ और दो सेशन में चला. पहला सेशन सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरा सेशल 2 बजे से शाम 6 बजे तक जारी रहा. पैनल ने हर उम्मीदवार से करीब 25 से 30 मिनट तक बातचीत की. इंटरव्यू में चयन समिति के तीन सदस्य, कैंडिडेट्स और राम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन मौजूद रहे. इंटरव्यू का अगला दौर आज होगा.
ये दो उम्मीदवार CEO पद के प्रबल दावेदार
पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय और पूर्व IAS अधिकारी योगेश्वर मिश्रा का नाम CEO पद के लिए काफी प्रबल माना जा रहा है. पांडेय यूपी STF के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं. वे लखनऊ के अलीगंज स्थित ऐतिहासिक हनुमान मंदिर के सचिव भी हैं. वहीं, मिश्रा फैजाबाद के जिलाधिकारी रह चुके हैं.
2 सितंबर को राम मंदिर के CEO का ऐलान
2 सितंबर तक समिति को तीन उम्मीदवारों का नाम राम मंदिर ट्रस्ट को सौंपना है. इसके बाद ट्रस्ट की कार्यकारी समिति तीन उम्मीदवारों में से एक का चयन CEO के रूप में करेगी. 2 सितंबर को राम मंदिर के सीईओ का ऐलान किया जाएगा. CEO मंदिर ट्रस्ट का सर्वोच्च कार्यकारी अधिकारी होगा और प्रशासनिक, वित्तीय, कानूनी से लेकर मंदिर और श्रद्धालुओं की सुरक्षा और श्रद्धालुओं की व्यवस्थाओं तक की जिम्मेदारी सीईओ के पास होगी.
राम मंदिर में चोरी के बाद हुआ सीईओ की नियुक्ति का फैसला
बता दें, राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट ने सीईओ की नियुक्ति का फैसला किया था. सीईओ के सिलेक्शन के लिए तीन सदस्यीय विशेष समिति बनाई गई है. इस समिति में रिटायर्ड जज प्रमोद कोहली, पूर्व वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावड़े और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी शामिल हैं.
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