S Jaishankar ने Liberia प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, कल्याणकारी योजनाओं के अनुभव बांटे
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आईबीएसए वित्तपोषित पीयर-लर्निंग कार्यक्रम के तहत भारत यात्रा पर आए लाइबेरिया के एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और कहा कि इस बातचीत ने ग्लोबल साउथ की गहरी साझीदारी के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया है। ‘ग्लोबल साउथ’ से तात्पर्य उन देशों से है जिन्हें अक्सर विकासशील, कम विकसित अथवा अविकसित के रूप में जाना जाता है और ये मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और लातिन अमेरिका में स्थित हैं। आईबीएसए वित्तपोषित पीयर-लर्निंग कार्यक्रम ग्लोबल साउथ के बीच आपसी सहयोग और अनुभव साझा करने की एक विशेष अंतरराष्ट्रीय पहल है।
जयशंकर ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस बैठक की तस्वीरों के साथ यह जानकारी साझा की। इस परियोजना के लिए वित्त पोषण भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका की सरकारों की ओर से किया गया है। इसके लिए आईबीएसए फंड (भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका) के माध्यम से धन उपलब्ध कराया गया है, जिसका संचालन संयुक्त राष्ट्र दक्षिण-दक्षिण सहयोग कार्यालय (यूएनओएसएससी) करता है।
जयशंकर ने कहा, आईबीएसए वित्तपोषित पीयर-लर्निंग कार्यक्रम के लिए भारत यात्रा पर आए लाइबेरिया के संसदीय प्रतिनिधिमंडल से मिलकर खुशी हुई। विकास कार्यक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और जन-धन योजना, मुद्रा योजना, स्वनिधि, गरीब कल्याण अन्न योजना, जल जीवन मिशन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना तथा मिशन अमृत सरोवर के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा, उनकी रुचि की सराहना की और ग्लोबल साउथ की गहरी साझीदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
यूएन वुमन इंडिया देश कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, इस प्रतिनिधिमंडल में लाइबेरिया की सीनेट, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सचिवालय के 15 सदस्य शामिल हैं, जिनके साथ यूएन वुमन लाइबेरिया और भारत के कर्मचारी भी आए हैं। यह प्रतिनिधिमंडल 10 अगस्त से शुरू होकर लगभग एक सप्ताह के लिए भारत यात्रा पर है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भी मंगलवार को एलेन-अटोह व्रे के नेतृत्व वाले लाइबेरियाई प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।
JPSC JSSC exam: रांची में मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखेंगे छात्र
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित ‘अनियमितताओं’ के खिलाफ जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच की अगुवाई में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मंगलवार को घोषणा की कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे। यहां मंगलवार शाम को मौन जुलूस में भाग लेने वाले मंच के सदस्यों ने कहा कि उन्होंने आंदोलन को और तेज करने का फैसला किया है, तथा इसकी विस्तृत योजना जल्द ही साझा की जाएगी। यहां एक पत्रकार वार्ता में जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के नेता रवींद्र पासवान ने कहा, हमें उम्मीद थी कि सोमवार के प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार छात्रों के लिए कोई सकारात्मक संदेश लेकर आएगी।
इस प्रदर्शन में राज्य भर से 50,000 से अधिक छात्रों ने भाग लिया था। उन्होंने कहा, लेकिन हमें सरकार की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। इसलिए, हमने फैसला किया है कि जब तक हमारी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, हम जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
मंच के एक अन्य नेता पीयूष कुमार ने कहा कि वे इस मुद्दे को सुलझाने के लिए सरकार के साथ बातचीत के लिए हमेशा तैयार हैं। इससे पहले भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच की अगुवाई में छात्रों ने मंगलवार शाम यहां जयपाल सिंह स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक एक मौन जुलूस निकाला। इस मुद्दे पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को 18वें दिन में प्रवेश कर गया और यह जुलूस उसी आंदोलन के हिस्से के रूप में आयोजित किया गया था।
भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के कामकाज में सुधार, कई परीक्षाओं को रद्द करने तथा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के एक पैनल से स्वतंत्र जांच कराने की मांग को लेकर छात्र व नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थी 25 जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं। अपनी मांगों को लेकर छह प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं, जिनमें से दो को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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