CSK को प्लेऑफ में पहुंचाने का ऋतुराज गायकवाड़ के पास है धमाकेदार प्लान, खुद कर दिया खुलासा
Ruturaj Gaikwad Statement: इकाना स्टेडियम में लखनऊ सुपर जायंट्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच हाईवोल्टेज मैच खेला गया. इस मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स की उम्मीदों पर पानी फेरते हुए लखनऊ सुपर जायंट्स ने जीत दर्ज कर ली. लखनऊ तो पहले ही प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकी है. मगर, अब सीएसके के लिए भी प्लेऑफ का सफर आसान नहीं रहा है. हालांकि, मैच हारने के बाद कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने प्लेऑफ के प्लान के बारे में बात की. आइए जानते हैं उन्होंने क्या-क्या कहा...
ऋतुराज गायकवाड़ ने प्लेऑफ में पहुंचने का बताया रास्ता
चेन्नई सुपर किंग्स के लिए प्लेऑफ में पहुंचना आसान नहीं होने वाला है. मगर, लखनऊ सुपर जायंट्स के हाथों मिली हार के बाद कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने बताया कि उनकी टीम अब टॉप-4 में कैसे पहुंचेगी.
पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में ऋतुराज गायकवाड़ ने आगे कहा, ‘हमारे लिए समीकरण बिल्कुल साफ है. अब हम जितने भी मैच खेलेंगे, हमें हर हाल में जीतना होगा. मुझे लगता है कि इसमें कुछ भी उलझा हुआ नहीं है, सारी चीजें काफी सिंपल हैं. यहां से हमारे लिए आगे का रास्ता साफ है, चिंता की कोई बात नहीं है. बस यह ध्यान रखना है कि हमारा दिन अच्छा रहे और जिस भी खिलाड़ी का दिन अच्छा हो, वह उसका पूरा फायदा उठाए. उम्मीद है कि हम यहां से पासा पलट देंगे.’
बल्लेबाजों की कप्तान ने की तारीफ
भले ही LSG के हाथों चेन्नई को हार का सामना करना पड़ा हो. मगर, कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने अपने बल्लेबाजों की जमकर तारीफ की. उनका कहना है कि इससे अच्छी बल्लेबाजी नहीं हो सकती थी, क्योंकि 180 अच्छा स्कोर था.
मैच को लेकर ऋतुराज ने कहा, ‘मुझे लगा कि पिच पर तेज गेंदबाजों के लिए थोड़ी मदद थी. जब हम बल्लेबाजी कर रहे थे, तो हमारे लिए ‘हार्ड लेंथ’ पर आ रही गेंदों को मारना थोड़ा मुश्किल हो रहा था और उनके गेंदबाजों ने बहुत अच्छी गेंदबाजी की. वैसे हम 160 या 170 रन बनाने की सोच रहे थे, लेकिन हमने 180 रन बना लिए. इसलिए मुझे लगता है कि हमारी बल्लेबाजी इससे बेहतर नहीं हो सकती थी, हमने अपना बेस्ट दिया.’
Unstoppable ????????
— IndianPremierLeague (@IPL) May 15, 2026
Mitchell Marsh continues to deal in maximums tonight ????
Updates ▶️ https://t.co/v1R8RJXPe8#TATAIPL | #KhelBindaas | #LSGvCSK | @LucknowIPL pic.twitter.com/kMyIF5WAtQ
LSG ने 7 विकेट से दर्ज की जीत
लखनऊ सुपर जायंट्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच अहम मुकाबला खेला गया. इस मैच में टॉस जीतकर ऋषभ पंत ने गेंदबाजी करने का फैसला किया. जहां, पहले बल्लेबाजी करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स की टीम ने 5 विकेट के नुकसान पर 187 रन बोर्ड पर लगाए. मगर, लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स की टीम ने 17वें ओवर की चौथी गेंद पर ही लक्ष्य को हासिल कर लिया और 7 विकेट से जीत दर्ज कर ली. लखनऊ के लिए मिचेल मार्श ने 38 गेंदों पर 90 रनों की पारी खेली, जिसमें 7 छक्के और 9 चौके लगाए. इस मैच जिताऊ पारी के लिए मिचेल मार्श को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.
ये भी पढ़ें: चेन्नई सुपर किंग्स अभी भी आराम से कर सकती है प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई, यहां समझिए पूरा समीकरण
सिमुलेशन प्रैक्टिस करते नजर आए जेरेमी हैनसेन, जानें एस्ट्रोनॉट्स के लिए क्यों जरूरी है ये
नई दिल्ली, 16 मई (आईएएनएस)। एस्ट्रोनॉट्स की जिंदगी इतनी आसान भी नहीं होती। स्पेस के लिए उड़ान भरने से पहले उन्हें कई अभ्यास करने पड़ते हैं। ऐसे ही एक अभ्यास का नाम है सिमुलेशन प्रैक्टिस। कनेडियन स्पेस एजेंसी (सीएसए) ने सोशल मीडिया पर एस्ट्रोनॉट जेरेमी हैनसेन का एक नया वीडियो पोस्ट किया, जिसमें हैनसेन ह्यूस्टन वापस लौटकर सिमुलेटेड की प्रैक्टिस करते नजर आ रहे हैं।
अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर जेरेमी हैनसेन का एक नया वीडियो पोस्ट किया है। इसमें हैनसेन ह्यूस्टन वापस लौटकर सिमुलेटेड अभ्यास करते नजर आ रहे हैं। यह अभ्यास भविष्य के आर्टेमिस मिशनों में चंद्रमा की सतह पर होने वाले स्पेसवॉक को और बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे हैं।
सीएसए ने वीडियो के साथ लिखा, “कुछ लोगों को आराम नहीं मिलता!” आर्टेमिस II मिशन से पृथ्वी पर लौटने के बाद भी जेरेमी हैनसेन लगातार तैयारी में जुटे हुए हैं। इस सिमुलेटेड अभ्यास का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि चंद्रमा पर उतरते ही अंतरिक्ष यात्री सूट पहनकर कैसे प्रभावी ढंग से काम कर सकें।
अब सवाल है कि सिमुलेटेड अभ्यास क्या है और क्यों किया जाता है? सिमुलेटेड अभ्यास यानी नकली या अनुकरण आधारित प्रशिक्षण। इसमें अंतरिक्ष यात्रियों को वास्तविक मिशन जैसा माहौल बनाकर ट्रेनिंग दी जाती है। इसमें स्पेससूट पहनकर शारीरिक गतिविधियां, उपकरणों का उपयोग और विभिन्न चुनौतियों का सामना करना शामिल होता है।
यह तरीका इसलिए अपनाया जा रहा है क्योंकि आर्टेमिस II का क्रू अभी पूरी तरह अपनी शारीरिक क्षमता में वापस नहीं आ पाया है। चंद्रमा पर उतरने के तुरंत बाद काम शुरू करने की स्थिति को ध्यान में रखकर ये अभ्यास किए जा रहे हैं। इससे पता चलता है कि वास्तविक मिशन में क्या चुनौतियां आ सकती हैं और उन्हें कैसे बेहतर तरीके से हैंडल किया जा सकता है।
स्पेसवॉक में मॉडलिंग और सिमुलेशन बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये अंतरिक्ष यान और पूरे मिशन के प्रदर्शन का गहराई से विश्लेषण, मूल्यांकन और परीक्षण करने में मदद करते हैं। इससे मुश्किल भरे मिशनों को असल में शुरू करने से पहले उनकी सुरक्षा, दक्षता और सफलता सुनिश्चित की जा सकती है।
स्पेस एजेंसिज के पास इस क्षेत्र में उन्नत सुविधाएं हैं। यहां मिशन सिमुलेशन, वर्चुअल रियलिटी ट्रेनिंग, थर्मल विश्लेषण, पावर सिस्टम टेस्टिंग, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक विश्लेषण, सॉफ्टवेयर इंटीग्रेशन और हार्डवेयर-इन-द-लूप टेस्टिंग जैसी कई आधुनिक क्षमताएं उपलब्ध हैं, जिसमें असली अंतरिक्ष यात्री सिमुलेटेड माहौल में काम करते हैं।
--आईएएनएस
एमटी/पीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation

















.jpg)




