IPL Playoffs की रेस में Chennai Super Kings को बड़ा झटका, Lucknow ने बुरी तरह हराया
मिचेल मार्श की 90 रन की तूफानी पारी की बदौलत लखनऊ सुपर जायंट्स ने इंडियन प्रीमियर लीग टी20 मैच में शुक्रवार को यहां चेन्नई सुपर किंग्स को 20 गेंद शेष रहते सात विकेट से हराकर प्लेऑफ में पहुंचने की उसकी उम्मीदों को करारा झटका दिया। सुपर किंग्स को पांच विकेट पर 187 रन पर रोकने के बाद प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी सुपर जायंट्स ने 16.4 ओवर में तीन विकेट पर 188 रन बनाकर लक्ष्य हासिल किया और सुपर किंग्स के नेट रनरेट को भी बड़ा झटका दिया।
सुपर किंग्स की यह 12 मैचों में छठी हार है, लेकिन टीम का नेट रनरेट 0.185 से गिरकर 0.027 हो गया और टीम तालिका में पांचवें से छठे स्थान पर खिसक गई। मार्श ने 38 गेंदों की पारी में नौ चौके और सात छक्के लगाए। उन्होंने पहले विकेट के लिए जोश इंग्लिश (35) के साथ महज 70 गेंदों में 135 रन की साझेदारी कर मैच को शुरुआत में ही सुपर किंग्स की पकड़ से दूर कर दिया। मार्श और निकोल्स पूरन (17 गेंदों में नाबाद 32 रन) ने अंशुल कंबोज के एक ओवर में चार-चार छक्के जड़े। कंबोज ने 2.4 ओवर में 63 रन दिए।
मार्श की इस आक्रामक पारी ने सुपर किंग्स के कार्तिक शर्मा की बेहतरीन पारी को फीका कर दिया। शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के लड़खड़ाने के बाद चेन्नई सुपर किंग्स ने युवा कार्तिक शर्मा की 71 रन की संयमित पारी की बदौलत प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। चेन्नई की शुरुआत खराब रही और टीम 7.2 ओवर में 52 रन पर तीन विकेट गंवाकर दबाव में आ गई थी। इसके बाद कार्तिक शर्मा और डेवाल्ड ब्रेविस (25) ने चौथे विकेट के लिए 70 रन जोड़कर पारी को संभाला। कार्तिक ने 42 गेंदों की पारी में छह चौके और पांच छक्के लगाए। ब्रेविस ने 16 गेंदों की पारी में दो छक्के जड़े। आखिरी ओवरों में शिवम दुबे ने 16 गेंदों में तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 32 रन बनाए।
लक्ष्य का पीछा करते हुए मार्श ने मुकेश चौधरी के खिलाफ लगातार दो चौके जड़ने के बाद अंशुल कंबोज के खिलाफ पांचवें ओवर में लगातार चार छक्के और एक चौका लगाकर 28 रन बटोरे। उन्होंने अगले ओवर में स्पेंसर जॉनसन के खिलाफ लगातार दो चौके और एक छक्का जड़कर पावरप्ले में टीम का स्कोर बिना किसी नुकसान के 86 रन तक पहुंचा दिया। उन्होंने पावरप्ले के बाद भी आक्रामक रुख बनाए रखते हुए नूर अहमद और गुरजपनीत सिंह के खिलाफ भी छक्के जड़े। दूसरे छोर से इंग्लिश ने जॉनसन के खिलाफ छक्का लगाया, लेकिन मार्श की आक्रामक पारी के सामने वह फीके नजर आए। उन्होंने पारी के 10वें ओवर में गुरजपनीत के खिलाफ चौका लगाकर क्रीज पर अपनी मौजूदगी का एहसास कराया, लेकिन बाद में
मुकेश की गेंद को हवा में खेल बैठे और उर्विल पटेल ने कैच लपककर पहले विकेट की शानदार साझेदारी को तोड़ दिया। मार्श अगली ही गेंद पर दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से आउट हुए, जब निकोल्स पूरन के शॉट पर गेंद गेंदबाज के हाथों से लगकर विकेटों से टकरा गई और मार्श क्रीज से बाहर थे। अब्दुल समद (सात) ने छक्का लगाकर रन गति बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन जॉनसन की अगली ही गेंद पर बोल्ड हो गए। संभलकर बल्लेबाजी कर रहे पूरन ने गुरजपनीत के खिलाफ स्क्वायर कट कर आत्मविश्वास से भरा चौका जड़ा। इसके बाद उन्होंने कंबोज की गेंद को दर्शकों के बीच पहुंचाया और अगली गेंद पर बाउंड्री के पास खड़े कार्तिक कैच लेने से चूक गए, जिससे गेंद छह रन के लिए चली गई।
पूरन ने अगली दो गेंदों पर भी छक्के लगाकर टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया। मुकुल चौधरी 10 गेंदों में 13 रन बनाकर नाबाद रहे। इससे पहले सुपर जायंट्स के गेंदबाजों की बल्लेबाजों के लिए मुश्किल लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी की रणनीति के सामने सुपर किंग्स को संघर्ष करना पड़ा और टीम पावरप्ले में दो विकेट पर केवल 37 रन ही बना सकी। कार्तिक को बाउंसर गेंदों पर असहजता हुई, लेकिन युवा बल्लेबाज ने इस कमजोरी पर काबू पाने का जज्बा दिखाया। उन्होंने स्पिनर शाहबाज अहमद के खिलाफ आक्रामक अंदाज अपनाते हुए लगातार गेंदों पर एक छक्का और दो चौके लगाकर रन गति तेज की। धीमी गेंदबाजी के खिलाफ खुलकर खेलने वाले कार्तिक शुरुआत में लखनऊ के तेज गेंदबाजों के सामने संघर्ष करते दिखे।
तेज गेंदबाजों के खिलाफ उनका स्ट्राइक रेट 84 रहा, जबकि शाहबाज अहमद के खिलाफ यह 140 तक पहुंच गया। हालांकि, जल्द ही उन्होंने तेज गेंदबाजों के खिलाफ भी लय हासिल कर ली और प्रिंस यादव पर लगातार दो छक्के जड़ दिए। दूसरे छोर पर ब्रेविस ने भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने आकाश सिंह और शाहबाज अहमद पर एक-एक छक्का लगाकर दबाव कम किया। कार्तिक ने मोहम्मद शमी की गेंद पर शानदार छक्का लगाकर 35 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। हालांकि, अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाज शमी ने जल्द ही वापसी की। उनकी तेज बाउंसर पर ब्रेविस पुल शॉट खेलने के प्रयास में चूक गए और आकाश सिंह को कैच थमा बैठे। इसके कुछ देर बाद कार्तिक भी शाहबाज अहमद की गेंद पर लॉन्ग ऑन पर एडेन मार्करम को आसान कैच देकर लौट गए। इससे पहले बाएं हाथ के तेज गेंदबाज आकाश ने चेन्नई को शुरुआती झटके देकर मुश्किल में डाल दिया था। उन्होंने संजू सैमसन, रुतुराज गायकवाड़ और उर्विल पटेल को आउट कर 26 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। आकाश के पास अपने साथी मयंक यादव जैसी 140 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार भले नहीं है, लेकिन उन्होंने लगातार चार ओवर फेंकते हुए सटीक लाइन और हार्ड लेंथ का शानदार इस्तेमाल किया। उनकी गेंदबाजी ने चेन्नई के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने का मौका नहीं दिया।
संजू सैमसन का विकेट इसका उदाहरण रहा। उन्होंने कमर से ऊपर उठती गेंद पर पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन हाथ खोलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिली और गेंद स्क्वायर लेग बाउंड्री के पास मुकुल चौधरी के हाथों में चली गई। कार्तिक की परिपक्व पारी के बाद अंत में दुबे ने तेजतर्रार पारी खेलकर चेन्नई को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। प्रिंस यादव के आखिरी ओवर में 23 रन बने, जिसमें दुबे के दमदार शॉट्स का बड़ा योगदान रहा। दो गति वाली पिच पर यह स्कोर लखनऊ के बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता था। प्रशांत वीर 10 गेंदों में 13 रन बनाकर नाबाद रहे। इससे पहलेसुपर जायंट्स के गेंदबाजों की बल्लेबाजों के लिए मुश्किल लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी की रणनीति के सामने सुपरकिग्स को संघर्ष करना पडा और टीम पावरप्ले में दो विकेट पर 37 रन ही बना सकी। कार्तिक को बाउंसर गेंदों पर असहजता हुई, लेकिन युवा बल्लेबाज ने इस कमजोरी पर काबू पाने का जज्बा दिखाया। उन्होंने स्पिनर शाहबाज अहमद के खिलाफ आक्रामक अंदाज अपनाते हुए लगातार गेंदों पर एक छक्का और दो चौके लगाकर रन गति तेज की।
धीमी गेंदबाजी के खिलाफ खुलकर खेलने वाले कार्तिक शुरुआत में तेज गेंदबाजों के सामने संघर्ष करते दिखे। तेज गेंदबाजों के खिलाफ उनका स्ट्राइक रेट 84 रहा, जबकि शाहबाजके खिलाफ यह 140 तक पहुंच गया। हालांकि, जल्द ही उन्होंने तेज गेंदबाजों के खिलाफ भी लय हासिल कर ली और प्रिंस यादव पर लगातार दो छक्के जड़ दिए। दूसरे छोर पर ब्रेविस ने भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने आकाशऔर शाहबाज द पर एक-एक छक्का लगाकर दबाव कम किया। कार्तिक ने मोहम्मद शमी की गेंद पर शानदार छक्का लगाकर 35 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। हालांकि, अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाज शमी ने जल्द ही वापसी की। उनकी तेज बाउंसर पर ब्रेविस पुल शॉट खेलने के प्रयास में चूक गए और आकाश सिंह को कैच थमा बैठे। इसके कुछ देर बाद कार्तिक भी शाहबाज अहमद की गेंद पर लॉन्ग ऑन पर एडेन मार्करम को आसान कैच देकर लौट गए। इससे पहले बाएं हाथ के तेज गेंदबाज आकाश ने चेन्नई को शुरुआती झटके देकर मुश्किल में डाल दिया था। उन्होंने संजू सैमसन, रुतुराज गायकवाड़ और उर्विल पटेल को आउट कर 26 रन देकर तीन विकेट हासिल किए।
आकाश के पास अपने साथी मयंक जैसी 140 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार भले नहीं है, लेकिन उन्होंने लगातार चार ओवर फेंकते हुए सटीक लाइन और हार्ड लेंथ का शानदार इस्तेमाल किया। उनकी गेंदबाजी ने चेन्नई के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने का मौका नहीं दिया। सैमसन का विकेट इसका उदाहरण रहा। उन्होंने कमर से ऊपर उठती गेंद पर पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन हाथ खोलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिली और गेंद स्क्वायर लेग बाउंड्री के पास मुकुल चौधरी के हाथों में चली गई। कार्तिक की परिपक्व पारी के बाद अंत में दुबे ने तेजतर्रार पारी खेलकर चेन्नई को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। प्रिंस यादव के आखिरी ओवर में 23 रन बने, जिसमें दुबे के दमदार शॉट्स का बड़ा योगदान रहा।प्रशांत वीर 10 गेंदों में 13 रन बनाकर नाबाद रहे।
क्या आप जोड़ों के लगातार दर्द और अकड़न से परेशान हैं? योगासन के पास है अर्थराइटिस का समाधान
नई दिल्ली, 16 मई (आईएएनएस)। क्या आप भी सुबह उठते ही जोड़ों में अकड़न, दर्द और बेचैनी महसूस करते हैं? सीढ़ियां चढ़ना, चलना या रोजमर्रा के साधारण काम भी मुश्किल हो गए हैं? भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, गठिया (अर्थराइटिस) जैसी समस्या अब आम हो गई है, लेकिन इसका प्रभावी और प्राकृतिक समाधान योग में मौजूद है।
गठिया कोई सामान्य दर्द नहीं है। यह एक पुरानी स्थिति है जिसमें जोड़ों में सूजन, लगातार अकड़न और बेचैनी होती है। इससे व्यक्ति की गतिशीलता सीमित हो जाती है और छोटे-छोटे काम भी थका देने वाले बन जाते हैं। आज की भागमभाग वाली जीवनशैली, घंटों बैठे रहना, गलत मुद्रा और शारीरिक तनाव इस समस्या को और बढ़ा रहे हैं। ये आदतें जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं, लचीलेपन को कम करती हैं और तेज दर्द पैदा करती हैं। ऐसी स्थिति में नियमित योग अभ्यास एक मजबूत समाधान हो सकता है।
योग जोड़ों को अंदर से मजबूत बनाता है, लचीलेपन को बढ़ाता है, अकड़न को कम करता है और आसपास की मांसपेशियों को मजबूत करके जोड़ों की रक्षा करता है। इससे न सिर्फ दर्द में राहत मिलती है बल्कि गतिशीलता भी बनी रहती है और रोजाना की थकान से बचाव होता है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, “योग युक्त रहें, रोग मुक्त बने रहें।” नियमित योग अभ्यास न सिर्फ लक्षणों को नियंत्रित करता है बल्कि बीमारी की जड़ पर भी काम करता है। सुबह खाली पेट 30-45 मिनट का योग दिनचर्या में शामिल करने से सुधार देखा जा सकता है। जो लोग जोड़ों के दर्द से परेशान हैं, उन्हें योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। योगाभ्यास शुरू करने से पहले किसी योग विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
एक्सपर्ट के अनुसार गठिया के प्रबंधन में लाभकारी योगासन और प्राणायाम में गोमुखासन, भ्रामरी, पवनमुक्तासन, मर्जरीआसन, ताड़ासन और शीतली प्राणायाम हैं।
गोमुखासन कंधों, घुटनों और कूल्हों की अकड़न दूर करने में बेहद असरदार है। पवनमुक्तासन कमर और घुटनों के दर्द को कम कर पाचन सुधारता है। मर्जरीआसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाकर जोड़ों की जकड़न को कम करता है। वहीं, ताड़ासन शरीर की मुद्रा सुधारता है और जोड़ों पर सही संतुलन बनाए रखता है। इसके साथ ही भ्रामरी प्राणायाम तनाव कम करता है जो गठिया को बढ़ाने का एक बड़ा कारण है और शीतली प्राणायाम शरीर को ठंडक देता है और सूजन कम करने में मदद करता है।
--आईएएनएस
एमटी/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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