यूरोप में लैपटॉप से जुड़े एक अहम नियम को लागू किया गया है, जिससे आने वाले समय में चार्जिंग को लेकर बड़ी सुविधा देखने को मिल सकती है। मौजूद जानकारी के अनुसार, नए नियम के तहत कंपनियों को लैपटॉप में एक समान चार्जिंग व्यवस्था अपनानी होगी और ग्राहकों को यह विकल्प भी मिलेगा कि वे बिना चार्जर के लैपटॉप खरीद सकें।
बता दें कि इस फैसले का मकसद अनावश्यक इलेक्ट्रॉनिक कचरे को कम करना और ग्राहकों का खर्च घटाना है। अब कंपनियों को अपने उत्पाद की पैकेजिंग पर यह साफ-साफ बताना होगा कि उस लैपटॉप को चार्ज करने के लिए कितनी क्षमता वाले चार्जर की जरूरत होगी, ताकि ग्राहक सही विकल्प चुन सकें।
गौरतलब है कि स्मार्टफोन और छोटे उपकरणों की तुलना में लैपटॉप की बैटरी बड़ी होती है और उन्हें चार्ज करने के लिए ज्यादा ऊर्जा की जरूरत पड़ती है। इसी वजह से कंपनियों को अपने डिजाइन और तकनीक में बदलाव करने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया था और अब यह समयसीमा पूरी होने के बाद नियम लागू किए जा रहे हैं।
इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा पर्यावरण को मिलने की उम्मीद है। मौजूद जानकारी के अनुसार, हर साल बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक कचरा सिर्फ इसलिए पैदा होता है क्योंकि हर नए उपकरण के साथ नया चार्जर दिया जाता है। अब इस अनिवार्यता के खत्म होने से कचरे में कमी आएगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
इसके अलावा ग्राहकों को भी सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। अगर किसी के पास पहले से अच्छा चार्जर मौजूद है तो उसे नया चार्जर खरीदने की जरूरत नहीं होगी। खासकर स्कूल, दफ्तर और बड़े संस्थानों के लिए यह बदलाव काफी उपयोगी साबित हो सकता है, जहां एक साथ बड़ी संख्या में उपकरण इस्तेमाल होते हैं।
सुविधा के लिहाज से भी यह कदम अहम माना जा रहा है। अब अलग-अलग उपकरणों के लिए अलग-अलग चार्जर रखने की जरूरत कम हो जाएगी और एक ही शक्तिशाली चार्जर से कई उपकरणों को चार्ज किया जा सकेगा। इससे यात्रा के दौरान भी लोगों को राहत मिलेगी और सामान कम रखना पड़ेगा।
बता दें कि यह नियम सिर्फ नए लैपटॉप पर लागू होगा जो तय तारीख के बाद बाजार में आएंगे। जिन लोगों के पास पहले से पुराने लैपटॉप हैं, उन्हें किसी तरह का बदलाव करने की जरूरत नहीं होगी और वे अपने पुराने चार्जर का इस्तेमाल जारी रख सकते हैं।
जानकारों का मानना है कि यूरोप जैसे बड़े बाजार में लागू हुए इस फैसले का असर दुनिया के अन्य हिस्सों, खासकर भारत पर भी पड़ सकता है। आमतौर पर बड़ी तकनीकी कंपनियां अलग-अलग बाजारों के लिए अलग डिजाइन नहीं बनातीं, इसलिए आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर एक जैसी चार्जिंग व्यवस्था देखने को मिल सकती है।
हालांकि यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि हर चार्जर एक जैसा नहीं होता। अलग-अलग लैपटॉप के लिए अलग क्षमता की जरूरत होती है, इसलिए ग्राहकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका चार्जर पर्याप्त ऊर्जा प्रदान कर सके। कुल मिलाकर यह बदलाव सुविधा, बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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आज के डिजिटल दौर में WhatsApp केवल चैटिंग ऐप नहीं रह गया है, बल्कि यह हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। सुबह उठते ही लोग स्टेटस देखते हैं, दोस्तों से बातचीत करते हैं और ऑफिस अपडेट भी यहीं से शेयर करते हैं। इसी बीच WhatsApp ने अपने स्टेटस फीचर में एक नया बदलाव किया है, जो यूजर्स के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है।
अब अगर कोई व्यक्ति Instagram की वीडियो सीधे व्हाट्सएप स्टेटस पर शेयर करता है, तो आप उसके इंस्टाग्राम अकाउंट तक आसानी से पहुंच सकते हैं। यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो किसी की इंस्टा प्रोफाइल ढूंढना चाहते हैं। आइए जानते हैं इस नए अपडेट के बारे में विस्तार से।
क्या है नया बदलाव?
पहले जब लोग इंस्टाग्राम की वीडियो व्हाट्सएप स्टेटस पर लगाना चाहते थे, तो उन्हें वीडियो डाउनलोड करनी पड़ती थी और फिर उसे स्टेटस पर अपलोड करना पड़ता था। इस प्रक्रिया में मूल इंस्टाग्राम अकाउंट की जानकारी गायब हो जाती थी।
लेकिन अब नए अपडेट के बाद अगर कोई यूजर इंस्टाग्राम से सीधे स्टोरी या वीडियो शेयर करता है, तो उसके साथ इंस्टाग्राम अकाउंट की जानकारी भी जुड़ जाती है। इससे दूसरे यूजर्स आसानी से उस व्यक्ति की प्रोफाइल तक पहुंच सकते हैं।
तरीका 1: सीधे स्टोरी से इंस्टाग्राम अकाउंट खोलें
अगर किसी ने इंस्टाग्राम से डायरेक्ट व्हाट्सएप स्टेटस शेयर किया है, तो आप इन स्टेप्स को फॉलो करें:
1. व्हाट्सएप खोलें और स्टेटस सेक्शन में जाएं
2. उस स्टोरी पर क्लिक करें जो इंस्टाग्राम से शेयर की गई है
3. वीडियो के बीच में टैप करें
4. आपको इंस्टाग्राम का ऑप्शन दिखाई देगा
5. उस पर क्लिक करते ही आप सीधे उस व्यक्ति के इंस्टाग्राम अकाउंट पर पहुंच जाएंगे
यह तरीका सबसे आसान और तेज है, क्योंकि इसमें किसी भी तरह की मैनुअल सर्च की जरूरत नहीं पड़ती।
तरीका 2: डाउनलोड की गई वीडियो से अकाउंट पहचानें
कुछ लोग अभी भी इंस्टाग्राम वीडियो डाउनलोड करके व्हाट्सएप स्टेटस पर शेयर करते हैं। ऐसे में भी अकाउंट ढूंढना मुश्किल नहीं है।
- डाउनलोड की गई वीडियो में अक्सर इंस्टाग्राम का लोगो होता है
- साथ में यूजरनेम भी दिखाई देता है
- आप उस नाम को कॉपी करके इंस्टाग्राम पर सर्च कर सकते हैं
- इससे संबंधित प्रोफाइल आसानी से मिल जाती है
यह तरीका तब काम आता है जब स्टोरी डायरेक्ट शेयर नहीं की गई होती।
अकाउंट नहीं मिले तो क्या करें?
अगर आपको नाम दिखने के बाद भी इंस्टाग्राम अकाउंट नहीं मिल रहा है, तो इसके पीछे कुछ कारण हो सकते हैं:
- सामने वाले ने आपको ब्लॉक किया हो
- अकाउंट प्राइवेट हो सकता है
- यूजरनेम बदल दिया गया हो
- वीडियो पुरानी हो और अकाउंट डिलीट हो चुका हो
इन स्थितियों में आपको प्रोफाइल खोजने में दिक्कत आ सकती है।
यूजर्स के लिए क्यों है यह फीचर खास?
यह नया अपडेट कई मायनों में उपयोगी है:
- किसी का इंस्टाग्राम अकाउंट तुरंत ढूंढ सकते हैं
- फेक कंटेंट की पहचान आसान हो जाती है
- क्रिएटर्स को ज्यादा विजिबिलिटी मिलती है
- सोशल मीडिया कनेक्टिविटी बेहतर होती है
इससे व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के बीच कनेक्शन पहले से ज्यादा मजबूत हो गया है।
बदल रहा है सोशल मीडिया का अनुभव
आज सोशल मीडिया ऐप्स एक-दूसरे से जुड़ते जा रहे हैं। ऐसे में यूजर्स को मल्टीप्लेटफॉर्म एक्सपीरियंस मिल रहा है। व्हाट्सएप का यह नया फीचर भी उसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे कंटेंट शेयरिंग आसान और ज्यादा इंटरैक्टिव हो गई है।
- डॉ. अनिमेष शर्मा
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