ट्रंप ने जिनपिंग के साथ किया 'टेंपल ऑफ हेवन' का दौरा, वियतनाम पर सवाल टाल गए अमेरिकी राष्ट्रपति
बीजिंग, 14 मई (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तीन दिवसीय यात्रा के दूसरे दिन यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल में शामिल टेंपल ऑफ हेवन पहुंचे। उनके साथ चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी थे। अद्भुत वास्तुकला के मिसाल निर्माण को देख ट्रंप अवाक रह गए और बाहर निकलते ही बोले ये ग्रेट है। मीडिया ने वियतनाम को लेकर सवाल पूछा तो कुछ खास नहीं बोले।
ट्रंप मंदिर परिसर में शी जिनपिंग के साथ-साथ चलते नजर आए और चीनी राष्ट्रपति उन्हें इस ऐतिहासिक स्थल के बारे में बताते रहे। हालांकि अमेरिकी मीडिया ट्रंप की प्रतिक्रिया जानने की कोशिश कर रहा था, लेकिन राष्ट्रपति इस बार असामान्य रूप से संयमित दिखे।
मीडिया के समक्ष खड़े होकर दोनों ने तस्वीर खिंचाई। इस दौरान ट्रंप चीन की तारीफ करते रहे। उन्होंने कहा, “बहुत शानदार। शानदार जगह। अविश्वसनीय। चीन बहुत खूबसूरत है।”
जब पत्रकारों ने ताइवान पर चर्चा को लेकर सवाल पूछा तो दोनों खामोश रहे। ट्रंप ने ताइवान से जुड़े सवालों पर आगे कुछ नहीं कहा। जब अमेरिका के राष्ट्रपति से द्विपक्षीय बैठक से जुड़ा प्रश्न किया गया तो उन्होंने इंतजार करने को कहा।
ताइवान चीन और अमेरिका के बीच तनाव का एक कारण रहा है। अमेरिका ताइवान को आत्मरक्षा के लिए हथियार देता है तो चीन से उसके अच्छे व्यावसायिक रिश्ते हैं।
वियतनाम ने दोनों सुपर पावर्स चीन और अमेरिका को “कॉम्प्रिहेन्सिव स्ट्रैटेजिक पार्टनर” (व्यापक रणनीतिक साझेदार) का दर्जा दे रखा है।
वह अपनी विदेश नीति में “बैंबू डिप्लोमेसी” अपनाता है। इसका मतलब है कि वियतनाम परिस्थितियों के अनुसार लचीला रुख रखता है, लेकिन अपने राष्ट्रीय हितों और सिद्धांतों पर मजबूती से कायम रहता है। इस नीति के जरिए वियतनाम चीन और अमेरिका जैसे बड़े देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखता है, बिना किसी एक पक्ष का खुलकर समर्थन किए।
चीनी राजनयिक आमतौर पर विदेशी नेताओं के स्वागत के लिए ऐतिहासिक स्थलों को सिर्फ दिखावे के लिए नहीं चुनते। अक्सर इन जगहों के जरिए चीन कोई प्रतीकात्मक संदेश देना चाहता है या यह दिखाना चाहता है कि वह द्विपक्षीय संबंधों से क्या उम्मीद रखता है।
यह मंदिर फॉरबिडन सिटी के ही दौर का है, जहां ट्रंप ने 2017 में अपनी पिछली राजकीय यात्रा के दौरान दौरा किया था।
टेंपल ऑफ हेवन चीन का ऐसा ऐतिहासिक परिसर है, जहां मिंग और किंग राजवंशों के सम्राट अच्छी फसल के लिए प्रार्थना और धार्मिक अनुष्ठान करते थे। ये 600 साल पुराना यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है।
यूनेस्को के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण 1420 में मिंग राजवंश के अंतिम दौर में किया गया था। जिसका इस्तेमाल शाही धार्मिक अनुष्ठानों और अच्छी फसल की प्रार्थना के लिए किया जाता था। यह चीन के सबसे ज्यादा देखे जाने वाले पर्यटन स्थलों में से एक है, हर साल यहां लाखों की संख्या में पर्यटक आते हैं।
--आईएएनएस
केआर/
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'प्रेग्नेंट महिलाओं को पकड़कर दर्दनाक हमला किया...', मुस्लिम आतंकवादियों पर फूटा देवोलीना भट्टाचार्जी का गुस्सा
Devoleena Bhattacharjee Reacted on Terrorists Stormed: टीवी एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्जी एक बार फिर अपने बेबाक बयानों को लेकर चर्चा में हैं. हाल ही में पश्चिम बंगाल की राजनीति पर अपनी राय खुलकर रखने के बाद अब उन्होंने नाइजीरिया में हुए एक कथित आतंकी हमले को लेकर गहरा गुस्सा जाहिर किया है. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो और रिपोर्ट को शेयर करते हुए एक्ट्रेस ने आतंकियों की क्रूरता पर तीखी प्रतिक्रिया दी और निर्दोष लोगों की हत्या की कड़ी निंदा की.
पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद भी चर्चा में रही थीं एक्ट्रेस
आपको बता दें कि कुछ समय पहले देवोलीना भट्टाचार्जी मई 2026 में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के नतीजों को लेकर काफी सुर्खियों में रही थीं. उन्होंने बीजेपी की जीत का समर्थन किया था और ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल के लिए “बुरा सपना” बताया था. साथ ही उन्होंने टीएमसी की हार पर खुशी भी जाहिर की थी. उनके इन बयानों पर सोशल मीडिया पर काफी बहस देखने को मिली थी. इस बीच अब देवोलीना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने आई एक दर्दनाक घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए फिर से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है.
“एकदम राक्षसी प्रवृत्ति”
देवोलीना ने जिस पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी, उसमें नाइजीरिया में ईसाई समुदाय पर हुए कथित हमले का जिक्र किया गया था. वीडियो में दावा किया गया कि मुस्लिम आतंकवादियों ने एक ईसाई गांव पर हमला कर कई निर्दोष लोगों की हत्या कर दी. इस वीडियो को देखने के बाद एक्ट्रेस ने गुस्से में लिखा, “एकदम राक्षस और शैतान वाली प्रवृत्ति. इन राक्षसों के लिए नरक में खास जगह है, जिसे वो स्वर्ग समझते हैं.” एक्ट्रेस की यह प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और लोगों ने इस पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं.
Pure evil & satanic. These monsters has a special section in hell which thy assume heaven. https://t.co/um7swEHVqm
— Devoleena Bhattacharjee (@Devoleena_23) May 14, 2026
रिपोर्ट में प्रेग्नेंट महिलाओं पर क्रूरता का दावा
वायरल वीडियो और रिपोर्ट में दावा किया गया कि आतंकियों ने गांव पर हमला करने के दौरान प्रेग्नेंट महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भी नहीं बख्शा. पोस्ट में कहा गया कि कुछ गर्भवती महिलाओं को पकड़कर उन पर बेहद क्रूर तरीके से हमला किया गया. वीडियो के कैप्शन में लिखा गया था कि हमला इसलिए किया गया क्योंकि गांव के लोगों ने कथित तौर पर धर्म परिवर्तन करने से इनकार कर दिया था. साथ ही अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं पर इस मुद्दे को नजरअंदाज करने का आरोप भी लगाया गया. कैप्शन में लोगों से अपील की गई, “कृपया नाइजीरिया में सताए जा रहे ईसाइयों के लिए प्रार्थना करें.”
सीबीएन न्यूज की रिपोर्ट में क्या कहा गया?
वीडियो में दिखाई गई रिपोर्ट को CBN News से जुड़ा बताया गया. रिपोर्टर लॉरेंस जोंगो ने कैमरे पर घटना की जानकारी देते हुए कहा कि 8 मई की रात कथित तौर पर आर्म्ड फुलानी आतंकवादियों ने Ngbra-Zongo क्षेत्र के ईसाई समुदाय पर हमला किया. रिपोर्ट के अनुसार, हमले में कम से कम 11 लोगों की मौत हुई, जिनमें गर्भवती महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे. दावा किया गया कि हमलावरों ने बंदूक और धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया. वीडियो में हमले के बाद का धुंधला फुटेज भी दिखाया गया, जिसमें राहतकर्मी और स्थानीय लोग शवों को संभालते और अंतिम संस्कार की तैयारी करते नजर आए.
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