अमेरिका को एक और तगड़ा झटका लगा क्योंकि अमेरिकी मेयर पर अब चीन के लिए जासूसी करने का आरोप लगा। कैलिफोर्निया की एक मेयर पर चीन के लिए गुप्त तरीके से काम करने का आरोप लगा है। अमेरिकी न्याय विभाग की कारवाई के बाद इस मामले ने अमेरिका की राजनीति और सुरक्षा तंत्र में हलचल मचा दी। आरोप है कि चीन अमेरिकी लोकतांत्रिक संस्थाओं में अपने प्रभाव का जाल बिछाने की कोशिश कर रहा था और इसके लिए स्थानीय नेताओं तक को इस्तेमाल किया गया। दरअसल दक्षिणी कैलिफोर्निया के आकेडिया शहर की मेयर एललीन बांग ने अचानक इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा उस समय आया जब अमेरिकी न्याय विभाग ने खुलासा किया कि उन पर चीन के लिए अवैध विदेशी एजेंट के तौर पर काम करने का आरोप तय किया गया। 58 साल की वांग ने मामले में दोष स्वीकार करने पर सहमति भी जताई।
इस आरोप में उन्हें 10 साल तक की जेल हो सकती है और देखा जाए तो यह अमेरिका के लिए इसलिए भी बड़ा झटका है क्योंकि आज अगर अमेरिका के लिए कोई सबसे बड़ी चुनौती है तो वो चीन ही है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक यनिंग माइक सन नाम के एक अन्य व्यक्ति ने चीन के हितों को बढ़ावा देने के लिए काम किया। दोनों पर ही आरोप है कि उन्होंने अमेरिका में रह रहे चीनी मूल के लोगों को प्रभावित करने के लिए प्रोपोगेंडा चलाया। इसलिए उन्होंने यूएस न्यूज़ सेंटर नाम की वेबसाइट का इस्तेमाल भी किया। जिसे स्थानीय चीनी अमेरिकी समुदाय के समाचार मंच के तौर पर पेश किया जाता है। जून 2021 में चीन के एक अधिकारी ने एनक्रिप्टेड रिचार्ज ग्रुप में पहले से तैयार लेख भेजे। इनमें शिनजियांग मुद्दे पर चीन का पक्ष रखा गया था। लेख में कहा गया था कि शिनजियांग में नरसंहार या जबरन मजदूरी जैसी बातें सिर्फ अफवाह हैं।
आरोप है कि एललीन बांग ने कुछ ही मिनटों में इस आर्टिकल को अपनी वेबसाइट पर पोस्ट कर दिया और लिंक वापस चीनी अधिकारी को भेज दिया गया। जवाब में अधिकारी ने लिखा बहुत तेजी से काम हुआ। धन्यवाद। अमेरिकी न्याय विभाग का कहना है कि यह सिर्फ मीडिया प्रचार का मामला नहीं था। बल्कि चीन की ओर से अमेरिकी संस्थाओं में प्रभाव बढ़ाने की कोशिश का हिस्सा था। जांच में सामने आया कि चीन के सरकारी अधिकारियों से आर्टिकल और तमाम संदेश पोस्ट किए जाते। हालांकि जांच में यह भी सामने आया कि बांग की बातचीत चीन के खुफिया नेटवर्क से जुड़े लोगों से भी हुई थी। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक 2021 में उन्होंने चीन के प्रभावशाली व्यक्ति जॉन चेन से संपर्क किया। चैन पर आरोप है कि उसके संबंध सीधे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेटवर्क तक थे। अमेरिकी न्याय विभाग ने साफ कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है क्योंकि किसी विदेशी सरकार के लिए गुप्त रूप से काम करना या जासूसी करना अमेरिकी लोकतंत्र और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों को सिर्फ अमेरिकी लोगों के हित में काम करना चाहिए किसी विदेशी ताकत के लिए नहीं।
वहीं आरकेडिया प्रशासन ने भी इस मामले को चिंताजनक बताया है। हालांकि शहर प्रशासन का कहना है कि जिन गतिविधियों की जांच हो रही है वो वांग के मेयर बनने से पहले की है और शहर की सरकारी व्यवस्था या फंड का इस्तेमाल इसमें नहीं किया गया। वहीं इस पूरे मामले ने अमेरिका में चीन की बढ़ती घुसपैठ और प्रभाव अभियान को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अमेरिकी एजेंसियां लगातार आरोप लगाती रही हैं कि चीन सिर्फ आर्थिक और सैन्य स्तर पर नहीं बल्कि राजनीतिक और सूचना तंत्र में भी प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
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भारत की राजधानी दिल्ली में 14 और 15 मई 2026 को ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक की अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर करेंगे। बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों और साझेदार देशों के विदेश मंत्री तथा प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुख भाग लेंगे। सभी प्रतिनिधि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे।
इस बैठक में अमेरिका के विदेश मंत्री रूबियो होंगे तो वहीं ईरान के विदेश मंत्री आरागची भी आने वाले है। रूस के विदेश मंत्री लावरोव सहित तमाम अन्य देशों के विदेश मंत्री भी आ रहे है लेकिन चीन के विदेश मंत्री प्रेसिडेंट ट्रम्प के बीजिंग दौरे के कारण अनुपस्थित रहेंगे।
वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर होगी व्यापक चर्चा
बैठक के दौरान ब्रिक्स सदस्य देशों के विदेश मंत्री आपसी हितों से जुड़े वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब ईरान वॉर सीजफायर के हवाले है, कंफ्लिक्ट चरम पर है और इसका इंपैक्ट इतना ज्यादा की वैश्विक अर्थव्यवस्था डोल रही है। साथ हीं विश्व व्यवस्था, भू-राजनीतिक चुनौतियों और बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार को लेकर व्यापक चर्चा जारी है।
बैठक के दूसरे दिन ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों के बीच "BRICS@20: Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability" विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इस सत्र में संगठन के 20 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर चर्चा होगी।
इसके बाद "Reforms of Global Governance and Multilateral System" विषय पर एक और सत्र होगा, जिसमें वैश्विक शासन व्यवस्था और बहुपक्षीय संस्थानों में आवश्यक सुधारों पर विचार किया जाएगा।
सितंबर 2025 में हुई थी पिछली बैठक
ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की पिछली बैठक 26 सितंबर 2025 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान आयोजित की गई थी। उस बैठक की अध्यक्षता भी भारत ने की थी, क्योंकि भारत वर्ष 2026 के लिए ब्रिक्स का अध्यक्ष देश है।
भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका
ब्रिक्स की अध्यक्षता के साथ भारत वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करने, बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मई 2026 की यह बैठक भारत की कूटनीतिक सक्रियता और अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व क्षमता को और सुदृढ़ करेगी.
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