बिहार में मंत्रियों को मिले नए सरकारी आवास, निशांत कुमार को मिला चर्चित बंगला
Bihar: बिहार में सम्राट कैबिनेट के विस्तार के बाद अब नए मंत्रियों के लिए सरकारी आवासों का आवंटन भी शुरू हो गया है. बिहार सरकार ने सोमवार (11 मई) को मंत्रियों के नाम सरकारी बंगले और आवास तय कर दिए. पटना के वीआईपी इलाकों हार्डिंग रोड, देशरत्न मार्ग और गर्दनीबाग में स्थित कई बड़े सरकारी आवास अब नए मंत्रियों को दिए गए हैं. इस आवंटन के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है.
निशांत कुमार को मिला ये बंगला
सबसे ज्यादा चर्चा स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को मिले 2 देशरत्न मार्ग स्थित सरकारी बंगले की हो रही है. यह वही बंगला है जो पहले विधानसभा अध्यक्ष के लिए आवंटित किया जाता था. अब इस बंगले के स्वास्थ्य मंत्री को दिए जाने को राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है. जानकार इसे सरकार के भीतर उनकी बढ़ती अहमियत से जोड़कर देख रहे हैं.
शिक्षा मंत्री को मिला हार्डिंग रोड आवास
नई सरकार में शिक्षा मंत्री बने मिथिलेश तिवारी को 13 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी बंगला आवंटित किया गया है. मंत्री बनने के बाद से ही मिथिलेश तिवारी लगातार चर्चा में बने हुए हैं. अब उन्हें राजधानी के प्रमुख वीआईपी इलाके में आवास मिलने से उनकी राजनीतिक स्थिति को भी मजबूत माना जा रहा है.
अन्य मंत्रियों को कौन से आवास मिले?
सरकार की ओर से जारी सूची के अनुसार कई अन्य मंत्रियों को भी अलग-अलग सरकारी आवास दिए गए हैं.
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मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा को गर्दनीबाग स्थित डुप्लेक्स बंगला 13/20 मिला है.
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मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र को 12 हार्डिंग रोड स्थित आवास दिया गया है.
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मंत्री नंदकिशोर राम को 21 हार्डिंग रोड का बंगला आवंटित हुआ है.
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मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल को 33 हार्डिंग रोड स्थित बंगला मिला है.
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मंत्री रामचंद्र प्रसाद को गर्दनीबाग स्थित डुप्लेक्स बंगला 10/20 दिया गया है.
आवास आवंटन को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज
बिहार की राजनीति में मंत्रियों को मिलने वाले सरकारी आवास हमेशा चर्चा का विषय रहते हैं. खासकर पटना के वीआईपी इलाकों में स्थित बंगले नेताओं की राजनीतिक ताकत और सरकार में उनकी स्थिति का संकेत माने जाते हैं. इसलिए इस बार हुए आवंटन को भी सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं माना जा रहा है. राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े और महत्वपूर्ण बंगलों का आवंटन सरकार के भीतर नेताओं की भूमिका और महत्व को दिखाता है. आने वाले दिनों में सभी मंत्री अपने नए आवासों से विभागीय कामकाज शुरू करेंगे.
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जापान में अवैध विदेशी कामगार रखने वालों की शिकायत करने पर मिलेगा इनाम
टोक्यो, 11 मई (आईएएनएस)। जापान के इबाराकी प्रांत में सोमवार को एक नई योजना शुरू की गई, जिसके तहत उन लोगों को इनाम दिया जाएगा जो ऐसे कारोबारियों की जानकारी देंगे, जो अवैध विदेशी कामगारों को नौकरी पर रखते हैं।
जानकारी के मुताबिक, सरकार पहले दी गई सूचना की जांच करेगी। अगर जानकारी सही पाई गई और उसके आधार पर कार्रवाई हुई तो सूचना देने वाले व्यक्ति को 10,000 येन (लगभग 64 अमेरिकी डॉलर) का इनाम मिलेगा।
जापान की प्रमुख समाचार एजेंसी क्योडो के अनुसार, यह योजना इसलिए शुरू की गई क्योंकि इबाराकी प्रांत में लगातार चार साल से पूरे देश के 47 प्रांतों में सबसे ज्यादा बिना दस्तावेज वाले विदेशी कामगार पाए गए हैं।
स्थानीय सरकार ने कहा कि देश में मजदूरों की भारी कमी है, इसलिए विदेशी कामगार जरूरी हैं, लेकिन अवैध तरीके से काम पर रखने वाले कारोबारियों पर कार्रवाई करने से मानवाधिकार उल्लंघन जैसी समस्याओं को रोकने में मदद मिलेगी।
रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना की घोषणा फरवरी में की गई थी। इसके बाद कुछ स्थानीय नागरिक समूहों और वकीलों की संस्थाओं ने चिंता जताई कि इससे भेदभाव और समाज में दूरी बढ़ सकती है।
क्योडो की रिपोर्ट में कहा गया कि दिशा-निर्देशों के मुताबिक, शिकायत सिर्फ उन कारोबारों के खिलाफ की जा सकेगी, जो अवैध रोजगार देने, दलाली करने या ऐसे रोजगार में मदद करने के शक में हों। किसी व्यक्ति के पहनावे, चेहरे या राष्ट्रीयता के आधार पर की गई शिकायतें स्वीकार नहीं की जाएंगी।
करीब दस लोगों ने सोमवार सुबह प्रांतीय सरकारी दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया और इस योजना को वापस लेने की मांग की।
गाइडलाइंस के अनुसार, शिकायतें सरकारी वेबसाइट के जरिए दर्ज कराई जा सकती हैं। इसके लिए नाम, पता और फोन नंबर जैसी व्यक्तिगत जानकारी देनी होगी, साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस जैसे पहचान पत्र की कॉपी भी जमा करनी होगी।
अप्रैल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गवर्नर काजुहिको ओइगावा ने कहा कि गैरकानूनी कामों को रोकना स्थानीय सरकार की बुनियादी जिम्मेदारी है। उन्होंने यह बात कई संगठनों की ओर से योजना वापस लेने की मांग के बाद कही।
उन्होंने कहा कि इसका विदेशियों को बाहर करने या उनके खिलाफ होने से कोई संबंध नहीं है।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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